By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 20 May 2026: आज बुधवार, 20 मई 2026 को ज्येष्ठ मास के अधिकमास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि है। यह दिन वरदा चतुर्थी व्रत के रूप में बेहद खास माना जाता है। इस बार बुधवार और चतुर्थी तिथि का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिससे इस दिन का धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ गया है। मान्यता है कि वरदा चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

आज पुनर्वसु नक्षत्र का शुभ प्रभाव रहेगा। वहीं चंद्रमा दिनभर मिथुन राशि में रहकर रात में कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय दृष्टि से यह गोचर कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत दे रहा है। ऐसे में आज का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, राहुकाल, सूर्योदय-सूर्यास्त और ग्रहों की स्थिति जानना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ज्योतिषाचार्य आनंद सागर पाठक के अनुसार, आज का दिन धार्मिक कार्यों, गणपति पूजा, व्रत, मंत्र जाप और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए विशेष फलदायी हो सकता है। हालांकि कुछ अशुभ समय में नए कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
आज की तिथि और पंचांग विवरण
आज ज्येष्ठ मास के अधिकमास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि प्रातः 11 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इसके बाद पंचमी तिथि आरंभ हो जाएगी। बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है और चतुर्थी तिथि भी गणपति आराधना के लिए अत्यंत शुभ होती है। ऐसे में आज का दिन विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जा रहा है।
दिन: बुधवार
मास: ज्येष्ठ (अधिकमास)
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी
संवत्: 2083

आज के योग और करण
आज शूल योग दोपहर 02 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। इसके बाद गण्ड योग आरंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शूल योग में सावधानी से कार्य करना चाहिए, जबकि गण्ड योग में मानसिक तनाव और विवाद की संभावना रहती है। ऐसे में संयम और धैर्य बनाए रखना लाभकारी रहेगा। करण की बात करें तो विष्टि करण यानी भद्रा प्रातः 11 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इसके बाद बव करण रात्रि 09 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। भद्रा काल में शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 28 मिनट
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 08 मिनट
चंद्रोदय का समय: प्रातः 08 बजकर 43 मिनट
चंद्रास्त का समय: रात्रि 11 बजकर 08 मिनट
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
आज सूर्य देव वृषभ राशि में विराजमान हैं। वहीं चंद्रमा मिथुन राशि में रहेंगे और रात्रि 10 बजकर 38 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा का यह गोचर भावनात्मक संतुलन, पारिवारिक मामलों और मानसिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकता है।

आज के शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त नहीं रहेगा। हालांकि अमृत काल अत्यंत शुभ माना गया है। इस दौरान पूजा-पाठ, मंत्र जाप और विशेष कार्य करना लाभकारी हो सकता है।
अमृत काल: रात्रि 02:00 बजे से प्रातः 03 बजकर 28 मिनट (21 मई) तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 18 मिनट से दोपहर 02:00 बजे तक
गुलिकाल: प्रातः 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक
यमगण्ड: प्रातः 07 बजकर 10 मिनट से प्रातः 08 बजकर 53 मिनट तक
दुर्मुहूर्त: प्रातः 11 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
वर्ज्यम: सायं 05 बजकर 12 मिनट से सायं 06 बजकर 40 मिनट तक

वरदा चतुर्थी का धार्मिक महत्व
वरदा चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन विधिपूर्वक गणपति पूजा करने से सभी प्रकार की बाधाएं, संकट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। कई लोग इस दिन व्रत रखकर गणेश मंत्रों का जाप करते हैं और मोदक का भोग लगाते हैं। बुधवार और चतुर्थी का एक साथ पड़ना अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग बुद्धि, धन, सफलता और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला माना जाता है।

आज क्या करें और क्या न करें
आज गणेश जी की पूजा में दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करना शुभ माना गया है। नए कार्यों की शुरुआत शुभ मुहूर्त में करें। राहुकाल और भद्रा काल में मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए। विवाद और क्रोध से दूर रहना भी आज लाभकारी रहेगा।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसकी सटीकता और विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

