By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
नई दिल्ली/रोम: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच बढ़ती दोस्ती एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सोशल मीडिया दोनों में चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान दिखाई गई गर्मजोशी, हल्के-फुल्के अंदाज और ‘Melodi Diplomacy’ ने इंटरनेट पर नया ट्रेंड बना दिया। खास तौर पर ‘Melodi’ नाम से जुड़ी टॉफी गिफ्ट और दोनों नेताओं की सहज केमिस्ट्री को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स, वीडियो और प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की मुलाकातें पिछले कुछ समय से लगातार वैश्विक मंचों पर सुर्खियां बटोर रही हैं। चाहे G20 Summit हो, COP28 सम्मेलन हो या अन्य अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम, दोनों नेताओं के बीच दिखाई देने वाली सहजता और दोस्ताना व्यवहार ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। सोशल मीडिया यूजर्स ने दोनों के नाम को जोड़कर ‘Melodi’ शब्द गढ़ दिया, जो अब एक तरह की पॉप-डिप्लोमेसी का प्रतीक बन चुका है।
हाल की मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक और आत्मीय बातचीत के कई वीडियो वायरल हुए। एक वीडियो में मेलोनी द्वारा दिया गया टॉफी गिफ्ट भी चर्चा का केंद्र बन गया। सोशल मीडिया पर इसे ‘Melodi Diplomacy’ का नया अध्याय बताया जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ व्यक्तिगत केमिस्ट्री नहीं बल्कि भारत और इटली के मजबूत होते रिश्तों का भी संकेत है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भारत और इटली के संबंध पिछले कुछ वर्षों में नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं। दोनों देश रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी, हरित ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे कई अहम मुद्दों पर सहयोग बढ़ा रहे हैं। ऐसे में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच मजबूत व्यक्तिगत तालमेल कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूती दे सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक दौर में वैश्विक राजनीति सिर्फ औपचारिक बैठकों तक सीमित नहीं रह गई है। अब नेताओं की व्यक्तिगत छवि, सोशल मीडिया उपस्थिति और सार्वजनिक व्यवहार भी अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित करते हैं। नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की जोड़ी इसी नए दौर की डिप्लोमेसी का उदाहरण मानी जा रही है, जहां राजनीतिक संदेश के साथ मानवीय जुड़ाव भी दिखाई देता है।

भारत और इटली के बीच व्यापारिक संबंधों की बात करें तो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ रहा है। इटली यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ा है। इसके अलावा स्वच्छ ऊर्जा, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी साझेदारी को आगे बढ़ाने की कोशिशें तेज हुई हैं।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कई मौकों पर भारत की आर्थिक प्रगति और वैश्विक भूमिका की सराहना की है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारत-इटली संबंधों को नई दिशा देने की बात कह चुके हैं। दोनों नेताओं के बीच मजबूत संवाद को रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सोशल मीडिया पर ‘Melodi’ ट्रेंड को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे हल्के-फुल्के अंदाज में देख रहे हैं तो कुछ इसे आधुनिक कूटनीति का प्रभावी तरीका बता रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ऐसे सकारात्मक सार्वजनिक क्षण देशों के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं और वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संदेश देते हैं।

हालांकि विपक्षी दलों और कुछ आलोचकों ने इस ट्रेंड को लेकर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि विदेश नीति को सोशल मीडिया ट्रेंड से अलग रखकर देखा जाना चाहिए। लेकिन समर्थकों का तर्क है कि यदि दो देशों के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं और जनता के बीच सकारात्मक माहौल बन रहा है तो यह कूटनीतिक रूप से भी फायदेमंद हो सकता है।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत तेजी से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं और रणनीतिक शक्तियों के साथ अपने संबंध मजबूत कर रहा है। यूरोप के साथ भारत की साझेदारी को नई दिशा देने में इटली की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। ऐसे में नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की बढ़ती नजदीकी सिर्फ सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति के बदलते समीकरणों का संकेत भी मानी जा रही है।

फिलहाल ‘Melodi Diplomacy’ सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। दोनों नेताओं की मुलाकातों के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। इससे यह साफ है कि आधुनिक राजनीति में व्यक्तिगत जुड़ाव और सार्वजनिक संवाद अब कूटनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। आने वाले समय में भारत और इटली के रिश्ते किस दिशा में आगे बढ़ते हैं, इस पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

