By: Mala Mandal
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री पद संभालते ही शुभेंदु अधिकारी ने महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान कर दिया है। लंबे समय से चुनावी सभाओं में किए जा रहे वादे को अब सरकार ने अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। राज्य सरकार की नई योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ कई नई सुविधाएं भी शुरू की जा रही हैं। इस फैसले के बाद राज्य की लाखों महिलाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

सरकार की ओर से मिली जानकारी के अनुसार नई योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। राज्य की गरीब, जरूरतमंद और मध्यम वर्गीय महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने निर्धारित राशि भेजी जाएगी ताकि वे अपने घरेलू खर्च और जरूरी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और आत्मनिर्भरता उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं परिवार और समाज दोनों की रीढ़ होती हैं। ऐसे में उन्हें आर्थिक सहायता देना सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार का दावा है कि इस योजना से लाखों महिलाओं की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा।

सूत्रों के अनुसार सरकार महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा को भी जल्द लागू करने की तैयारी में है। इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं और ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को मिलेगा। रोजाना सफर में होने वाले खर्च से राहत मिलने के बाद महिलाएं अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में महिलाओं के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी कई नई योजनाएं शुरू की जा सकती हैं। सरकार महिला स्वयं सहायता समूहों को भी मजबूत करने की योजना पर काम कर रही है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल सके।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिलाओं को केंद्र में रखकर लिया गया यह फैसला राज्य की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है। चुनाव के दौरान महिलाओं से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में यह पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। विपक्ष हालांकि सरकार के इस फैसले पर सवाल भी उठा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि सरकार को पहले योजना की पूरी रूपरेखा और बजट सार्वजनिक करना चाहिए।

वहीं दूसरी तरफ राज्य की महिलाओं ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है। कई महिलाओं ने कहा कि महंगाई के दौर में आर्थिक सहायता मिलने से घर चलाने में काफी मदद मिलेगी। छात्राओं और कामकाजी महिलाओं ने फ्री बस सेवा के फैसले को भी राहत देने वाला कदम बताया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना सही तरीके से लागू होती है तो इससे महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। महिलाओं की आय बढ़ने से परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी और बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

सरकार जल्द ही योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जारी कर सकती है। माना जा रहा है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन की सुविधा दी जाएगी ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।

फिलहाल राज्यभर में इस योजना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार के फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। महिलाओं के बीच इस योजना को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इस योजना को जमीनी स्तर पर कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ लागू करती है।
अगर सरकार अपने वादों को पूरी तरह लागू करने में सफल रहती है तो यह योजना पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। साथ ही राज्य की राजनीति में भी इसका दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकता है।

