By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल Gulmarg Gondola में सोमवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गुलमर्ग गोंडोला सेवा में अचानक तकनीकी खराबी आने के कारण करीब 300 पर्यटक बीच हवा में फंस गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई पर्यटक लंबे समय तक रोपवे के केबिन में हवा में लटके रहे, जिसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

जानकारी के मुताबिक यह हादसा सोमवार दोपहर उस समय हुआ जब गुलमर्ग गोंडोला की केबल कार सेवा अचानक रुक गई। तकनीकी खराबी के कारण रोपवे की कई ट्रॉलियां हवा में ही अटक गईं। इनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पर्यटक भी शामिल थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोपवे रुकते ही यात्रियों में घबराहट फैल गई और कई लोग मदद के लिए चिल्लाने लगे।
गुलमर्ग गोंडोला एशिया के सबसे ऊंचे और लोकप्रिय रोपवे प्रोजेक्ट्स में से एक माना जाता है। हर साल हजारों देशी-विदेशी पर्यटक यहां पहुंचते हैं। ऐसे में अचानक रोपवे सेवा बंद होने से पर्यटकों की सांसें अटक गईं। सोशल मीडिया पर घटना के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें पर्यटक हवा में फंसी ट्रॉलियों के अंदर बैठे दिखाई दे रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही भारतीय सेना की टीम, जम्मू-कश्मीर पुलिस, SDRF और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। सेना के जवानों ने तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। बताया जा रहा है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में हाई एल्टीट्यूड वॉरफेयर स्कूल (HAWS) के प्रशिक्षित जवानों को भी लगाया गया। प्रशासन ने कहा कि सभी सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की आवश्यकता नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी टीम खराबी की जांच कर रही है और रोपवे सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

गुलमर्ग डेवलपमेंट अथॉरिटी (GDA) के अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी खराबी दोपहर करीब 1 बजे आई थी। इसके बाद तुरंत रोपवे का संचालन रोक दिया गया। एहतियात के तौर पर गोंडोला के दोनों फेज बंद कर दिए गए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
घटना के दौरान कई पर्यटक डर के कारण रोने लगे। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा घबराहट देखी गई। हालांकि प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर और बचाव दल के माध्यम से लोगों को आश्वस्त करता रहा कि सभी को सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य तेजी से चलाया गया और धीरे-धीरे पर्यटकों को नीचे लाया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली रोपवे सेवाओं में नियमित तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि सिस्टम में अचानक आई तकनीकी गड़बड़ी के कारण गोंडोला रुक गया। हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

गौरतलब है कि गर्मियों के मौसम में गुलमर्ग में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है। हाल के दिनों में जम्मू-कश्मीर में पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है और बड़ी संख्या में लोग घाटी का रुख कर रहे हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। घटना के बाद गुलमर्ग आने वाले पर्यटकों में चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

