By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। झारखंड में बढ़ते साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवघर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है, जो फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ साइबर अपराधी खुद को ई-कॉमर्स कंपनियों, डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म और बैंकिंग संस्थानों का प्रतिनिधि बताकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में उसके साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने के संकेत मिले हैं।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी फर्जी तरीके से खुद को Google Pay, PhonePe और Paytm के कस्टमर केयर अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करता था। वह लोगों को कैशबैक, रिवार्ड या अन्य आकर्षक ऑफर का झांसा देकर उनसे संपर्क करता था। इसके बाद पीड़ितों को PhonePe Gift Card बनाने और उसे रिडीम करने के लिए प्रेरित किया जाता था। इसी प्रक्रिया के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम दिया जाता था।

पुलिस ने बताया कि आरोपी केवल डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म के नाम पर ही नहीं, बल्कि बैंकिंग सेवाओं का भी दुरुपयोग कर रहा था। वह खुद को Airtel Payments Bank का अधिकारी बताकर उपभोक्ताओं से संपर्क करता था। लोगों को यह कहकर भ्रमित किया जाता था कि उनका बैंक कार्ड बंद हो गया है या निष्क्रिय हो चुका है। इसके बाद कार्ड को दोबारा सक्रिय करने के नाम पर उनसे विभिन्न जानकारियां ली जाती थीं और साइबर ठगी की जाती थी।

इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और लोन दिलाने के नाम पर भी लोगों को झांसा देता था। इसके लिए वह फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था और लाभ दिलाने का भरोसा देकर लोगों से ऑनलाइन लेनदेन करवाने की कोशिश करता था। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया हो सकता है।

देवघर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में आम नागरिकों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा कस्टमर केयर अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि या सरकारी योजना के कर्मचारी बनकर फोन किए जाने पर उसकी पहचान की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंकिंग विवरण, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति कैशबैक, गिफ्ट कार्ड, केवाईसी अपडेट, बैंक खाता बंद होने या सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर फोन करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी साइबर हेल्पलाइन और नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

देवघर साइबर थाना द्वारा की गई इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन और सिम कार्ड का तकनीकी विश्लेषण कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे तथा उसने अब तक कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि आगे और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

