By: Mala Mandal
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीते दो दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों में भारी वर्षा और भूस्खलन की घटनाओं के कारण कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 6 अन्य लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटी हुई हैं।

लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में नदियां और नाले उफान पर हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से टूट गया है। अनेक सड़कें मलबे में दब गई हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों पर यातायात बाधित हो गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है।

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में कई मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कुछ स्थानों पर अचानक आई बाढ़ के कारण लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

राहत और बचाव दल मलबे में दबे लोगों की तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। आधुनिक उपकरणों और खोजी टीमों की मदद से लापता लोगों की तलाश जारी है। खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण बचाव कार्य में कठिनाइयां आ रही हैं, लेकिन टीमों ने अभियान जारी रखा है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बना हुआ है। विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।

राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों के अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपातकालीन सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने को कहा गया है। बिजली और पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए संबंधित विभागों की टीमें भी लगातार काम कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रही अत्यधिक वर्षा के कारण पहाड़ी ढलानों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे भूस्खलन की घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे समय में पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करना जोखिम भरा हो सकता है। लोगों को मौसम सामान्य होने तक सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।

आपदा प्रबंधन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय कर दिए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोग तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें। प्रशासन ने पर्यटकों से भी अपील की है कि वे मौसम की स्थिति सामान्य होने तक पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा टाल दें।

स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के कारण सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, जबकि बाजारों में भी सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

सरकार ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। प्रशासन का कहना है कि राहत एवं बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लापता लोगों का पता नहीं चल जाता और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती।

फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मौसम की चुनौती बनी हुई है। लगातार बारिश और भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी, क्योंकि किसी भी नई बारिश से हालात और गंभीर हो सकते हैं।

