By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बुधवार को संयुक्त रूप से मेला क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने श्रद्धालुओं के ठहराव, सुरक्षा, कतार प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और निगरानी व्यवस्था सहित विभिन्न तैयारियों का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण की शुरुआत बाघमारा और कोठिया में बन रही टेंट सिटी से हुई। यहां श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवरियों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है। उपायुक्त ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यदायी एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि 23 जुलाई तक हर हाल में सभी निर्माण कार्य पूरे कर लिए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि टेंट सिटी में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षित एवं स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित किया जाए। यहां बिजली, पेयजल, शौचालय, स्नानागार, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध रहनी चाहिए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने कुमैठा स्टेडियम, बीएड कॉलेज, शिवराम झा चौक और नेहरू पार्क का भी दौरा किया। इन सभी स्थानों पर कतार प्रबंधन की तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए बैरिकेडिंग, दिशा-निर्देशक बोर्ड, प्रवेश एवं निकास मार्ग और प्रतीक्षा स्थलों की व्यवस्था समय पर पूरी की जाए।

उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा है। इसलिए सभी स्थानों पर स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, प्राथमिक उपचार केंद्र, स्वास्थ्य सेवाएं तथा सूचना एवं सहायता केंद्र पूरी क्षमता के साथ संचालित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में साफ-सफाई की व्यवस्था लगातार बनी रहे और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न होने पाए।
श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराने के लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाने की भी तैयारी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि एलईडी स्क्रीन लगाने का कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इन स्क्रीन के माध्यम से श्रद्धालुओं को महत्वपूर्ण सूचनाएं, सुरक्षा संबंधी निर्देश, कतार की स्थिति तथा धार्मिक कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर सुविधा मिल सके।

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने आईएमसीआर (IMCR) कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। यहां से पूरे मेला क्षेत्र की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सभी कैमरे पूरी तरह क्रियाशील रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने विशेष रूप से संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त निगरानी रखने तथा सुरक्षा बलों की प्रभावी तैनाती करने के निर्देश दिए।

पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल मेला आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुलभ और सुखद आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए तथा गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए। साथ ही जहां भी किसी प्रकार की कमी दिखाई दे, उसे तत्काल दूर किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि श्रावणी मेला झारखंड की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान का सबसे बड़ा आयोजन है। इसलिए प्रशासन की कोशिश है कि इस बार श्रद्धालुओं को पहले से अधिक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आधुनिक तकनीक, प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, सुचारु यातायात और सुव्यवस्थित कतार प्रबंधन के माध्यम से मेला संचालन को और अधिक व्यवस्थित बनाया जा रहा है।

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला योजना पदाधिकारी मुकेश कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, डीएमएफटी की टीम, संबंधित विभागों के अधिकारी, अभियंता तथा कार्यदायी एजेंसियों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। प्रशासन का दावा है कि समय पर सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएंगी, ताकि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक वातावरण में दर्शन-पूजन का अवसर मिल सके।

