By: Mala Mandal
देवघर। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं के आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की देवघर जिला समिति ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहर के टावर चौक पर केंद्र सरकार का पुतला दहन कर छात्रों के समर्थन में आवाज बुलंद की। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई।

प्रदर्शन में बड़ी संख्या में झामुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और युवा शामिल हुए। सभी ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन किया तथा केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग की।
झामुमो युवा जिला अध्यक्ष राहुल चंद्रवंशी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने और विरोध प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों और युवाओं द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन पर लाठीचार्ज किया गया। यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और केंद्र सरकार की छात्र विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देशभर के छात्र NEET-2026, सीबीएसई मूल्यांकन प्रणाली तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर परेशान हैं। लाखों छात्र परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष मूल्यांकन और भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। ऐसे में सरकार का दायित्व बनता है कि वह छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान निकाले, लेकिन इसके विपरीत आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

राहुल चंद्रवंशी ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन किसी भी नागरिक का अधिकार है। यदि छात्र अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाते हैं तो सरकार को उनकी बातें सुननी चाहिए। लाठीचार्ज जैसी घटनाएं छात्रों का मनोबल तोड़ने का प्रयास हैं, जिसकी झामुमो कड़ी निंदा करती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के संचालन, परिणामों की पारदर्शिता तथा मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बढ़ती अनियमितताओं और मूल्यांकन संबंधी विवादों ने युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

उन्होंने मांग की कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा दोष सामने आता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार लागू करने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान झामुमो नेताओं ने कहा कि देश का युवा आज बेहतर शिक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और सुरक्षित भविष्य चाहता है। यदि इन मुद्दों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं की गई तो छात्रों का असंतोष और बढ़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का शांतिपूर्ण समाधान निकाले।

टावर चौक पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और छात्रों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज को दबाने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए। सरकार को युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना चाहिए।

झामुमो नेताओं ने कहा कि देश के लाखों छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को दूर करे, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करे तथा छात्रों और अभिभावकों का विश्वास बहाल करे। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र के विकास की आधारशिला होती है और इससे जुड़े मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय सकारात्मक समाधान खोजा जाना चाहिए।

प्रदर्शन के अंत में झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से मांग की कि छात्रों के आंदोलन पर हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय की जाए, कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू किए जाएं। साथ ही छात्रों और युवाओं की जायज मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए उनसे संवाद स्थापित किया जाए।
इस विरोध प्रदर्शन में झामुमो के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जिला समिति के सदस्य, युवा मोर्चा के कार्यकर्ता, छात्र-युवा तथा बड़ी संख्या में समर्थक उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान टावर चौक पर राजनीतिक माहौल गर्म रहा और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ

