By: Mala Mandal
देवघर: गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और इसके बाद मंदिर प्रशासन तथा श्राइन बोर्ड की कार्यप्रणाली को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर श्राइन बोर्ड की बैठक पिछले सात वर्षों से आयोजित नहीं हुई है, जो एक गंभीर विषय है। उनके अनुसार, नियमित बैठक नहीं होने से मंदिर के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक निर्णयों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यह बयान श्रावणी मेले के दौरान आया है, जब लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे हैं।

सात वर्षों से बैठक नहीं होने पर चिंता
निशिकांत दुबे ने कहा कि श्राइन बोर्ड मंदिर के संचालन, विकास कार्यों, वित्तीय योजनाओं और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने वाली सर्वोच्च संस्था है। यदि इसकी बैठक लगातार सात वर्षों तक नहीं होती है तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की नियमित बैठक होने से मंदिर परिसर के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, साफ-सफाई, पेयजल, पार्किंग और अन्य सुविधाओं पर समय-समय पर निर्णय लिए जा सकते हैं।

श्रावणी मेले में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
सांसद ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और हर वर्ष श्रावणी मेले में लाखों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन और श्राइन बोर्ड के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि मंदिर के विकास से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों को भी रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।

विकास योजनाओं पर दिया जोर
निशिकांत दुबे ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम को विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए। इसके लिए मंदिर परिसर का आधुनिकीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, डिजिटल प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा और श्राइन बोर्ड की बैठकें होने से लंबित योजनाओं को गति मिल सकती है।

प्रशासन से की नियमित बैठक की मांग
भाजपा सांसद ने कहा कि श्राइन बोर्ड की बैठक जल्द से जल्द बुलाकर मंदिर से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की आय, विकास परियोजनाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और भविष्य की योजनाओं पर पारदर्शी तरीके से निर्णय लिया जाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि देवघर देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलना चाहिए।

श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
निशिकांत दुबे ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भीड़ प्रबंधन, चिकित्सा सुविधा, पेयजल, स्वच्छता, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर बाबा बैद्यनाथ धाम के समग्र विकास के लिए कार्य करना चाहिए ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मंदिर विकास पर लगातार उठाते रहे हैं आवाज
निशिकांत दुबे समय-समय पर बाबा बैद्यनाथ धाम के विकास, श्रद्धालुओं की सुविधा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि मंदिर के बेहतर प्रबंधन से देवघर की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि संबंधित अधिकारी श्राइन बोर्ड की बैठक जल्द आयोजित करेंगे और मंदिर के विकास से जुड़े लंबित मामलों पर आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।

बाबा बैद्यनाथ धाम को लेकर निशिकांत दुबे का यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने सात वर्षों से श्राइन बोर्ड की बैठक नहीं होने को गंभीर प्रशासनिक विषय बताया है। अब इस मुद्दे पर राज्य सरकार और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। यदि जल्द बैठक आयोजित होती है तो मंदिर के विकास और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।


