By: Mala Mandal
विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम की पहचान बने राजकीय श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ में अब गिने-चुने दिन ही शेष रह गए हैं। 31 जुलाई से शुरू होने वाले इस ऐतिहासिक मेले को लेकर झारखंड सरकार और देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में शनिवार को देवघर स्थित सर्किट हाउस में झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने जिला प्रशासन के साथ श्रावणी मेला की व्यापक समीक्षा बैठक की।

बैठक में उपायुक्त, पुलिस प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराना था। मंत्री ने एक-एक विभाग से तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि 31 जुलाई से शुरू होने वाला विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सरकार का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं मिलें और वह सुखद अनुभव के साथ अपने घर लौटे।
उन्होंने बताया कि कांवरिया पथ पर बालू बिछाने का लगभग 95 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष पांच प्रतिशत कार्य भी अगले कुछ दिनों में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांवरियों को पैदल यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां तेजी से चल रही हैं।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि इस वर्ष कांवरियों के ठहरने के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था की गई है। विभिन्न स्थानों पर अस्थायी शिविर, विश्राम स्थल और टेंट सिटी की व्यवस्था को मजबूत किया गया है ताकि लंबी दूरी तय कर आने वाले श्रद्धालुओं को आराम मिल सके। इसके साथ ही शुद्ध पेयजल, पर्याप्त शौचालय, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण के दौरान श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन हो, इसके लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और कतार प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को कम समय में सुरक्षित तरीके से बाबा का जलाभिषेक करने का अवसर मिल सके।
मंत्री ने कहा कि इस बार का श्रावणी मेला श्रद्धालुओं के लिए पहले से अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित होगा। सरकार ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया है, जिससे बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य, परिवहन, सफाई, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसी सभी आवश्यक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित की जा सकें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक विभाग अपने दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करे ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बैठक में अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न कार्यों की प्रगति से अवगत कराया। बताया गया कि कांवरिया पथ, मंदिर क्षेत्र, पार्किंग स्थल, यातायात व्यवस्था, सफाई अभियान, चिकित्सा शिविर और पेयजल व्यवस्था सहित सभी महत्वपूर्ण कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक रणनीति तैयार की गई है, जिससे मेले के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रहे।

श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन लगातार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठकें कर रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मंदिर क्षेत्र से लेकर कांवरिया पथ तक सभी व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।

पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले श्रद्धालु राज्य सरकार के लिए देवतुल्य हैं। उनकी सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष का श्रावणी मेला बेहतर प्रबंधन और नई सुविधाओं के कारण श्रद्धालुओं के लिए यादगार साबित होगा। जलार्पण के बाद जब श्रद्धालु अपने घर लौटेंगे तो वे देवघर की बेहतर व्यवस्थाओं और सकारात्मक अनुभवों को अपने साथ लेकर जाएंगे, जिससे राज्य की धार्मिक पर्यटन छवि भी और मजबूत होगी।

गौरतलब है कि श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण करते हैं। इसी को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन इस बार भी व्यापक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सुविधा तीनों का समुचित ध्यान रखा जा सके।

