By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 26 July 2026: आज रविवार, 26 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज देवशयनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। इसके साथ ही आज रवि प्रदोष व्रत का भी विशेष संयोग बन रहा है। सनातन धर्म में प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज के दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की पूजा-अर्चना करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है। यदि आप आज किसी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा, खरीदारी, पूजा-पाठ या शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो पहले आज का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय अवश्य जान लें।

आज का पंचांग – 26 जुलाई 2026
वार: रविवार
तिथि: द्वादशी – दोपहर 01:57 बजे तक, इसके बाद त्रयोदशी तिथि प्रारंभ
आज का विशेष पर्व
देवशयनी एकादशी व्रत पारण
रवि प्रदोष व्रत
भगवान विष्णु एवं भगवान शिव की विशेष पूजा का शुभ दिन

आज सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: प्रातः 05:34 बजे (स्थान अनुसार समय में अंतर संभव)
सूर्यास्त: सायं 06:42 बजे (स्थान अनुसार समय में अंतर संभव)
आज चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
चंद्रोदय: सायं लगभग 05:24 बजे
चंद्रास्त: प्रातः लगभग 03:36 बजे

आज का शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:12 बजे से 04:54 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:52 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:40 बजे से 03:34 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:40 बजे से 07:02 बजे तक
अमृत काल: शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय

आज का राहुकाल
रविवार के दिन राहुकाल सामान्यतः सायं 04:30 बजे से 06:00 बजे तक माना जाता है। इस दौरान नए कार्य, निवेश, यात्रा या शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आज का शुभ योग
आज का दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव दोनों की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। देवशयनी एकादशी व्रत का पारण करने के बाद श्रद्धालु प्रदोष काल में भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक तथा दीपदान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से सुख-समृद्धि, आरोग्य और पारिवारिक खुशहाली प्राप्त होती है।

आज क्या करें
सुबह स्नान के बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें।
एकादशी व्रत रखने वाले श्रद्धालु विधि-विधान से व्रत का पारण करें।
प्रदोष काल में भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा और सफेद पुष्प अर्पित करें।
जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र और दान-दक्षिणा देना शुभ माना जाता है।
नकारात्मक विचारों से दूर रहें और धार्मिक कार्यों में मन लगाएं।

यह पंचांग वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग शहरों और स्थानों के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त तथा मुहूर्त के समय में कुछ अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि अवश्य करें।


