By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में आयोजित होने वाले राजकीय श्रावणी मेला 2026 से पहले श्रद्धालुओं को बड़ी सौगात मिली है। हर वर्ष लाखों की संख्या में देश-विदेश से आने वाले शिवभक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बाबा मंदिर परिसर में नवनिर्मित फुट ओवर ब्रिज का उद्घाटन उपायुक्त द्वारा विधिवत किया गया। प्रशासन का दावा है कि इस नए फुट ओवर ब्रिज के शुरू होने से श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं के आवागमन, कतार प्रबंधन और जलार्पण व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित होगी।

श्रावणी मेला को लेकर जिला प्रशासन पिछले कई सप्ताह से लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। मंदिर परिसर, कांवरिया पथ, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
उद्घाटन के मौके पर उपायुक्त ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश के सबसे प्रमुख शिवधामों में से एक है, जहां श्रावणी मेले के दौरान करोड़ों श्रद्धालु जलार्पण करने पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की पहली प्राथमिकता श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम दर्शन व्यवस्था उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि नया फुट ओवर ब्रिज इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

उपायुक्त ने बताया कि विशेष रूप से रविवार और सोमवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ उमड़ती है। इन दिनों जलार्पण के लिए लंबी कतारें लगती हैं और भीड़ का दबाव काफी बढ़ जाता है। नए फुट ओवर ब्रिज के चालू होने से भीड़ का दबाव विभाजित होगा, जिससे श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही मंदिर परिसर में आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने कहा कि नया फुट ओवर ब्रिज पुराने फुट ओवर ब्रिज के समानांतर संचालित किया जाएगा। दोनों पुलों का एक साथ उपयोग होने से श्रद्धालुओं की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में काफी सहूलियत मिलेगी और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था की संभावना कम होगी।
प्रशासन का मानना है कि नए फुट ओवर ब्रिज से न केवल श्रावणी मेले के दौरान बल्कि पूरे वर्ष बाबा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिलेगा। त्योहारों, विशेष अवसरों और सावन के अलावा अन्य दिनों में भी मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में यह पुल स्थायी रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने का कार्य करेगा।

उद्घाटन समारोह के दौरान उप विकास आयुक्त, आरक्षी अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी सह मंदिर प्रभारी, पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष, महामंत्री, उपाध्यक्ष, मंत्री सहित बड़ी संख्या में पुरोहित समाज के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने इस नई व्यवस्था का स्वागत करते हुए इसे श्रद्धालुओं के हित में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
श्रावणी मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को भी लगातार मजबूत कर रहा है। मंदिर परिसर में भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से निगरानी, कंट्रोल रूम, मेडिकल टीम, एम्बुलेंस सेवा, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता अभियान और यातायात प्रबंधन जैसी कई व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में बाबा बैद्यनाथ का जलार्पण और दर्शन कर सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती होती है। यदि प्रवेश और निकास मार्ग सुव्यवस्थित हों तो दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाती है। नए फुट ओवर ब्रिज के निर्माण से श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे भीड़ का दबाव एक स्थान पर केंद्रित नहीं होगा और मंदिर परिसर में बेहतर यातायात व्यवस्था बनी रहेगी।

स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी नए फुट ओवर ब्रिज के उद्घाटन का स्वागत किया है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों में अत्यधिक भीड़ के कारण कई बार लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब नई व्यवस्था लागू होने से कतारें अधिक व्यवस्थित होंगी और श्रद्धालुओं को कम समय में सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ने में सुविधा मिलेगी।

जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, निर्धारित कतारों का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अफवाह या अव्यवस्था फैलाने से बचें। प्रशासन का कहना है कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं ताकि श्रावणी मेला 2026 सफल, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाया जा सके।

श्रावणी मेला शुरू होने से पहले नए फुट ओवर ब्रिज का उद्घाटन प्रशासन की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस नई सुविधा से बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन-पूजन का लाभ मिलेगा। यह पहल श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ आधुनिक भीड़ प्रबंधन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
