By: Mala Mandal
देवघर। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा।

श्रावणी मेले की शुरुआत से ठीक पहले गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट रहा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया और भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल एवं दंडाधिकारी तैनात किए गए। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की हैं।

कल से एक माह तक बंद रहेगी स्पर्श पूजा
मंदिर प्रशासन के अनुसार 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेले के दौरान बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा एक माह के लिए पूरी तरह बंद रहेगी। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए लागू की जाती है ताकि जलाभिषेक और दर्शन की प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके। श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालु गर्भगृह में प्रवेश कर शिवलिंग को स्पर्श नहीं कर सकेंगे। इसके स्थान पर अरघा सिस्टम के माध्यम से जलार्पण कराया जाएगा। श्रद्धालु अरघा में जल अर्पित करेंगे और वही जल सीधे बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग पर पहुंचेगा।

अरघा सिस्टम से होगा जलाभिषेक
श्रावणी मेले के दौरान लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मंदिर में अरघा सिस्टम लागू किया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य कम समय में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से जलाभिषेक कराने की सुविधा देना है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि अरघा सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं की आस्था भी बनी रहती है और भीड़ प्रबंधन भी आसान हो जाता है। इससे गर्भगृह में अत्यधिक भीड़ नहीं लगती और दुर्घटनाओं की संभावना भी कम रहती है।

प्रशासन ने पूरी की तैयारी
श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मंदिर परिसर, कतार मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। ड्रोन कैमरों की मदद से भी भीड़ पर नजर रखी जाएगी। पुलिस, होमगार्ड और स्वयंसेवकों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

श्रद्धालुओं से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग का पालन करने, कतार में रहकर दर्शन करने और सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। साथ ही अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने का आग्रह किया गया है। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेले की अवधि समाप्त होने के बाद बाबा बैद्यनाथ की स्पर्श पूजा पुनः पूर्व की तरह शुरू कर दी जाएगी।

श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की आस्था अपने चरम पर देखने को मिली। अब गुरुवार से शुरू होने वाले श्रावणी मेले के साथ ही लाखों कांवरियों का आगमन तेज होगा। प्रशासन को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए देवघर पहुंचेंगे।

श्रावणी मेले के दौरान स्पर्श पूजा भले ही बंद रहे, लेकिन अरघा सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से बाबा का जलाभिषेक कर सकेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।


