By: Mala Mandal
12 अगस्त 2026 की रात आसमान में खगोल प्रेमियों के लिए बेहद खास नजारा देखने को मिल सकता है। आज रात से 13 अगस्त की सुबह तक पर्सीड उल्का वर्षा (Perseid Meteor Shower) अपने चरम पर रहेगी। साफ और अंधेरे आसमान में प्रति घंटे करीब 80 से 100 तक उल्काएं दिखाई देने की संभावना जताई गई है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के अनुसार 12 अगस्त को पर्सीड उल्का वर्षा अपने पीक पर होगी और अनुकूल परिस्थितियों में 80-100 उल्काएं प्रति घंटे देखी जा सकती हैं।

आधी रात के बाद बढ़ेगा नजारा
पर्सीड उल्का वर्षा को देखने के लिए आधी रात के बाद का समय बेहतर माना जाता है। 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह तक इसकी गतिविधि चरम पर रहेगी। NASA से जुड़े खगोलीय स्रोतों के मुताबिक इस साल पर्सीड्स का पीक 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह तक रहने वाला है। हालांकि प्रति घंटे 50 से 100 उल्काएं दिखाई देने का आंकड़ा आदर्श परिस्थितियों से जुड़ा है। वास्तविक संख्या आपके स्थान, मौसम, बादल, प्रकाश प्रदूषण और आसमान की साफ-सफाई पर निर्भर करेगी। शहरों में तेज रोशनी के कारण कई उल्काएं दिखाई नहीं दे सकती हैं।

क्या है पर्सीड उल्का वर्षा?
पर्सीड्स हर साल होने वाली प्रमुख उल्का वर्षाओं में से एक है। यह तब दिखाई देती है जब पृथ्वी अपनी कक्षा में उस क्षेत्र से गुजरती है जहां धूमकेतु 109P/Swift-Tuttle द्वारा छोड़े गए धूल और छोटे कण मौजूद हैं। ये कण जब पृथ्वी के वायुमंडल में बेहद तेज गति से प्रवेश करते हैं तो घर्षण के कारण गर्म होकर चमकने लगते हैं। आसमान में कुछ क्षणों के लिए दिखाई देने वाली यही चमकीली लकीर हमें टूटते तारे या ‘शूटिंग स्टार’ जैसी नजर आती है। असल में ये तारे नहीं होते, बल्कि अंतरिक्ष से आने वाले छोटे कण होते हैं। वायुमंडल में प्रवेश करते समय इनकी चमक रात के आसमान को बेहद खूबसूरत बना देती है।

नग्न आंखों से देख सकेंगे उल्काएं
पर्सीड उल्का वर्षा देखने के लिए किसी खास टेलीस्कोप या महंगे उपकरण की जरूरत नहीं है। इसे सामान्य तौर पर नग्न आंखों से देखा जा सकता है। सबसे अच्छा तरीका है कि किसी ऐसे स्थान पर जाएं जहां शहर की रोशनी कम हो और आसमान खुला हुआ हो। विशेषज्ञों की सलाह है कि देखने वाले व्यक्ति को आराम से लेटकर आसमान के बड़े हिस्से को देखना चाहिए। उल्काएं आसमान के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे सकती हैं, इसलिए किसी एक छोटे क्षेत्र पर नजर टिकाने के बजाय खुले आसमान को देखना ज्यादा बेहतर रहेगा।

शहर की रोशनी से दूर रहना होगा जरूरी
अगर आप इस खगोलीय घटना को बेहतर तरीके से देखना चाहते हैं तो शहर और सड़कों की तेज रोशनी से दूर किसी खुले और अंधेरे स्थान का चुनाव करें। आंखों को अंधेरे के अनुसार ढलने में कुछ समय लगता है। इसलिए वहां पहुंचने के बाद कुछ समय तक मोबाइल स्क्रीन और तेज रोशनी से बचना बेहतर रहेगा। बादल या बारिश होने की स्थिति में उल्का वर्षा का नजारा प्रभावित हो सकता है। इसलिए देखने से पहले अपने इलाके के मौसम की स्थिति भी जरूर जांच लें।

12 और 13 अगस्त की रात क्यों खास है?
2026 में पर्सीड उल्का वर्षा का पीक 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह के बीच है। इस बार चंद्रमा की स्थिति भी आसमान को अपेक्षाकृत अंधेरा रखने में मदद करेगी, जिससे अनुकूल मौसम में उल्काओं को देखने की संभावना बेहतर हो सकती है। यही वजह है कि खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए यह रात खास मानी जा रही है। हालांकि 50 से 100 उल्काएं प्रति घंटे दिखाई देना एक आदर्श अनुमान है, हर दर्शक को इतनी संख्या में उल्काएं दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है।

सूर्य ग्रहण और उल्का वर्षा को लेकर भ्रम
12 अगस्त 2026 को एक पूर्ण सूर्य ग्रहण भी हो रहा है, लेकिन इसे पर्सीड उल्का वर्षा के कारण होने वाली घटना समझना सही नहीं है। दोनों अलग-अलग खगोलीय घटनाएं हैं। सूर्य ग्रहण दिन के समय सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी की स्थिति से संबंधित होता है, जबकि उल्का वर्षा रात में पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने वाले अंतरिक्षीय कणों के कारण दिखाई देती है। 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण की दृश्यता भी हर देश और क्षेत्र में समान नहीं होगी। इसलिए आज रात का मुख्य आसमानी आकर्षण पर्सीड उल्का वर्षा है, जो 12 अगस्त की रात से 13 अगस्त की सुबह तक अपने चरम पर रहेगी।

कैसे देखें पर्सीड उल्का वर्षा?
उल्का वर्षा देखने के लिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले शहर की रोशनी से दूर खुला स्थान चुनें। इसके बाद रात में आसमान की ओर आराम से देखें और अपनी आंखों को अंधेरे का अभ्यस्त होने का समय दें। आधी रात के बाद से सुबह तक का समय खास तौर पर बेहतर माना जा रहा है।
अगर मौसम साफ रहा और आपके आसपास प्रकाश प्रदूषण कम रहा, तो आसमान में तेज गति से चमकती हुई उल्काओं की लकीरें दिखाई दे सकती हैं। यही पर्सीड उल्का वर्षा का सबसे आकर्षक दृश्य होगा।

कुल मिलाकर 12-13 अगस्त की रात आसमान देखने वालों के लिए बेहद खास रहने वाली है। पर्सीड उल्का वर्षा के चरम के दौरान आदर्श परिस्थितियों में प्रति घंटे 80 से 100 तक उल्काएं देखे जाने की संभावना है। हालांकि वास्तविक दृश्यता स्थान और मौसम पर निर्भर करेगी। इसलिए साफ आसमान मिलने पर आधी रात के बाद कुछ समय आसमान की ओर नजर जरूर डालें—संभव है कि आपको एक के बाद एक चमकती उल्काओं का शानदार नजारा देखने को मिल जाए।

