By: Mala Mandal
रांची, झारखंड: झारखंड की राजनीति में जयराम महतो से जुड़े कथित वायरल ऑडियो मामले ने नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और पुलिस एसोसिएशन पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए पूछा है कि आखिर वायरल ऑडियो की सच्चाई सामने लाने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी क्यों हो रही है।

बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाया कि अगर वायरल ऑडियो वास्तविक है तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए और अगर ऑडियो फर्जी है तो इसकी भी स्पष्ट जांच कर जनता के सामने सच्चाई रखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून सबके लिए बराबर होना चाहिए और जांच प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
उन्होंने पुलिस एसोसिएशन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। मरांडी ने पूछा कि क्या पुलिस संगठन को किसी राजनीतिक मामले में पक्षकार बनना चाहिए या फिर पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी कानून व्यवस्था बनाए रखना और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए जरूरी है कि वह किसी भी विवाद से ऊपर रहकर काम करे।

वायरल ऑडियो मामले को लेकर झारखंड की सियासत लगातार गरमा रही है। जयराम महतो राज्य की राजनीति में उभरते हुए युवा नेता के रूप में देखे जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जबकि विपक्ष इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।

बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार किसी दबाव में काम कर रही है या फिर कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि वायरल ऑडियो की वास्तविकता क्या है और इसके पीछे कौन लोग हैं।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि झारखंड में कई मामलों में जांच प्रक्रिया राजनीतिक प्रभाव से प्रभावित होती दिखाई देती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी या निष्पक्ष अधिकारियों से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

इस पूरे विवाद में पुलिस एसोसिएशन की प्रतिक्रिया भी चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। जहां एक ओर विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सत्ता पक्ष की ओर से मामले को लेकर अपना पक्ष रखा जा रहा है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जयराम महतो से जुड़ा यह मामला आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। युवा मतदाताओं के बीच जयराम महतो की सक्रियता को देखते हुए इस विवाद का राजनीतिक असर भी पड़ सकता है।

फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और वायरल ऑडियो मामले की सच्चाई कब तक सामने आती है। बाबूलाल मरांडी के सवालों के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है कि वह पूरे मामले को स्पष्ट रूप से सामने रखे।

झारखंड की राजनीति में यह विवाद अब केवल एक वायरल ऑडियो तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पुलिस की निष्पक्षता, सरकार की जवाबदेही और राजनीतिक पारदर्शिता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है।

