By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang, 1 September 2026: आज 1 सितंबर 2026, दिन मंगलवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 07:41 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी। आज अश्विनी नक्षत्र रहेगा और चंद्रमा मेष राशि में स्थित रहेगा, जबकि सूर्य सिंह राशि में विराजमान हैं। धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, शुभ कार्य और महत्वपूर्ण काम की शुरुआत करने से पहले आज का शुभ मुहूर्त और राहुकाल जानना बेहद जरूरी माना जाता है। अगर आप आज पूजा, कोई शुभ कार्य, नया काम शुरू करने या महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं तो पहले आज के पंचांग पर एक नजर जरूर डाल लें। आइए जानते हैं 1 सितंबर 2026 का पूरा पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, दिशाशूल और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति।

1 सितंबर 2026 का पंचांग
दिन: मंगलवार
मास: भाद्रपद
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्थी सुबह 07:41 बजे तक, इसके बाद पंचमी
नक्षत्र: अश्विनी
चंद्रमा: मेष राशि
सूर्य: सिंह राशि
दिशाशूल: उत्तर दिशा
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
राहुकाल: दोपहर 03:32 बजे से शाम 05:07 बजे तक

आज की तिथि और नक्षत्र
आज भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि सुबह 07:41 बजे तक है। इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी। हिंदू धर्म में तिथि का विशेष महत्व माना जाता है और किसी भी धार्मिक कार्य या व्रत-पूजन से पहले तिथि की जानकारी रखना शुभ माना जाता है। आज अश्विनी नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में अश्विनी नक्षत्र को गति, ऊर्जा और नई शुरुआत से जोड़कर देखा जाता है। आज चंद्रमा मेष राशि में रहेगा, जिसके कारण दिनभर उत्साह और सक्रियता का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

आज सूर्य किस राशि में हैं?
आज सूर्य देव सिंह राशि में स्थित हैं। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और पिता का कारक माना जाता है। सिंह राशि सूर्य की अपनी राशि मानी जाती है, इसलिए सूर्य की स्थिति को ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
आज का अभिजित मुहूर्त
आज 1 सितंबर को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ समय में से एक माना जाता है। इस दौरान शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करना सामान्य रूप से अच्छा माना जाता है। अगर आप किसी जरूरी काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो अभिजित मुहूर्त का ध्यान रख सकते हैं। हालांकि किसी विशेष धार्मिक संस्कार या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग और जन्म कुंडली के अनुसार मुहूर्त देखना अधिक उचित माना जाता है।

आज का राहुकाल
1 सितंबर 2026 को राहुकाल दोपहर 03:32 बजे से शाम 05:07 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी जरूरी काम के लिए बाहर जाना या कोई महत्वपूर्ण कार्य करना हो, तो राहुकाल के समय को ध्यान में रखकर समय निर्धारित किया जा सकता है।
आज का दिशाशूल
आज मंगलवार होने के कारण दिशाशूल उत्तर दिशा में माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि किसी कारण से इस दिशा में यात्रा करना जरूरी हो तो लोग परंपरागत रूप से कुछ शुभ उपाय करके यात्रा शुरू करते हैं।

आज पूजा-पाठ के लिए कैसा रहेगा दिन?
मंगलवार का दिन भगवान हनुमान की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। आज सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर हनुमान जी का ध्यान करें। हनुमान मंदिर जाकर दर्शन करना, सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करना तथा हनुमान चालीसा का पाठ करना धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ माना जाता है। आज जरूरतमंद व्यक्ति की मदद करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। किसी भी धार्मिक कार्य को श्रद्धा और अपनी परंपरा के अनुसार करना बेहतर होता है।
आज के दिन किन बातों का रखें ध्यान?
आज महत्वपूर्ण काम शुरू करने से पहले शुभ समय और राहुकाल का ध्यान रखें। किसी भी काम में जल्दबाजी करने के बजाय सोच-समझकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा। मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान की आराधना करने से मन को शांति मिल सकती है। घर में सकारात्मक वातावरण बनाए रखने के लिए सुबह पूजा-पाठ करें और परिवार के सदस्यों के साथ शांतिपूर्वक व्यवहार करें। किसी जरूरतमंद की सहायता करना भी दिन को सकारात्मक बनाने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।

1 सितंबर 2026 पंचांग एक नजर में
चतुर्थी तिथि समाप्त — सुबह 07:41 बजे
इसके बाद — पंचमी तिथि
नक्षत्र — अश्विनी
चंद्रमा — मेष राशि
सूर्य — सिंह राशि
अभिजित मुहूर्त — सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक
राहुकाल — दोपहर 03:32 बजे से शाम 05:07 बजे तक
दिशाशूल — उत्तर दिशा
दिन — मंगलवार

जरूरी सूचना
पंचांग में दिए गए मुहूर्त और समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। पूजा, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन या अन्य विशेष संस्कार के लिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि करना उचित है।
यह जानकारी सामान्य पंचांग, ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। इसमें बताए गए मुहूर्त और उपायों को निश्चित परिणाम की गारंटी के रूप में न लें। अलग-अलग स्थानों पर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में अंतर होने के कारण पंचांग के समय में बदलाव संभव है। किसी भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय विद्वान या ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

