By: Mala Mandal
देवघर। देवघर नगर निगम क्षेत्र में जनवितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी, सुदृढ़ और जनहितैषी बनाने को लेकर महापौर ने पहल की है। इसी क्रम में महापौर ने समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान नगर क्षेत्र में राशन उपभोक्ताओं और जनवितरण प्रणाली के डीलरों को हो रही व्यावहारिक समस्याओं एवं व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न विसंगतियों को प्रमुखता से उपायुक्त के समक्ष रखा गया। महापौर ने इन समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की, ताकि जरूरतमंद लाभुकों को सरकार की ओर से निर्धारित खाद्यान्न का लाभ समय पर और बिना किसी परेशानी के मिल सके। मुलाकात के दौरान महापौर ने जनवितरण प्रणाली से संबंधित तीन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विशेष रूप से उपायुक्त का ध्यान आकृष्ट कराया। उन्होंने कहा कि पीडीएस व्यवस्था सीधे तौर पर गरीब और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी हुई है। ऐसे में राशन वितरण की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर देरी या विसंगति का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। इसलिए पूरी व्यवस्था को नियमित निगरानी और पारदर्शिता के साथ संचालित किया जाना आवश्यक है।

डीलरों को समय पर मिले खाद्यान्न का आवंटन
महापौर ने सबसे पहले नगर निगम क्षेत्र के सभी पीडीएस डीलरों को निर्धारित समयावधि में खाद्यान्न का आवंटन और स्टॉक उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया। उन्होंने उपायुक्त से अनुरोध किया कि राशन दुकानों तक खाद्यान्न समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए, ताकि आपूर्ति श्रृंखला बाधित नहीं हो। कई बार डीलरों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में राशन वितरण प्रभावित होता है और इसका खामियाजा सीधे उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ता है। ऐसे में समय पर आवंटन और स्टॉक उपलब्ध होने से राशन दुकानों में वितरण प्रक्रिया सुचारु बनी रहेगी। महापौर ने इस दिशा में प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

ई-पॉश सत्यापन के बाद तत्काल राशन वितरण की मांग
महापौर ने दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा ई-पॉश मशीन के माध्यम से राशन वितरण की प्रक्रिया से जुड़ा उठाया। उन्होंने कहा कि राशन कार्डधारियों का ई-पॉश मशीन में बायोमेट्रिक सत्यापन यानी अंगूठा लगने के बाद उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न तत्काल उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभुक जब सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर लेता है और ई-पॉश मशीन में उसका सत्यापन सफल हो जाता है, तो उसके बाद राशन देने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। इससे उपभोक्ताओं को राशन प्राप्त करने में सुविधा होगी और वितरण प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी बनेगी। ई-पॉश आधारित वितरण व्यवस्था का उद्देश्य ही यह है कि लाभुक की पहचान सुनिश्चित करते हुए निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा सके। इसलिए बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद राशन वितरण में अनावश्यक देरी या किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

SFC गोदामों के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन जरूरी
महापौर ने तीसरे महत्वपूर्ण बिंदु के रूप में राज्य खाद्य निगम (SFC) के गोदामों में दर्ज ऑनलाइन स्टॉक और वास्तविक भौतिक स्टॉक के नियमित मिलान का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गोदामों में ऑनलाइन रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न की मात्रा और वास्तविक रूप से उपलब्ध स्टॉक का समय-समय पर भौतिक सत्यापन किया जाना आवश्यक है। महापौर ने गोदामों के नियमित निरीक्षण और सघन भौतिक सत्यापन की मांग करते हुए कहा कि इससे खाद्यान्न के स्टॉक में पारदर्शिता बनी रहेगी। साथ ही किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को कम किया जा सकेगा। ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच अंतर की स्थिति में समय रहते आवश्यक कार्रवाई भी की जा सकेगी। उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया कि संबंधित अधिकारियों के स्तर से नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि खाद्यान्न की आपूर्ति से लेकर राशन दुकानों तक वितरण की पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से संचालित हो।

उपायुक्त ने दिया आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन
महापौर द्वारा उठाए गए सभी जनहितकारी मुद्दों को उपायुक्त ने गंभीरता से सुना। मुलाकात के दौरान उन्होंने संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी लेते हुए अधिकारियों को इस दिशा में जरूरी कार्रवाई और व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश देने का आश्वासन दिया। महापौर ने कहा कि जनवितरण प्रणाली गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद महत्वपूर्ण व्यवस्था है। सरकार की ओर से निर्धारित खाद्यान्न का लाभ प्रत्येक पात्र उपभोक्ता तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसके लिए वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता के साथ-साथ समयबद्धता भी जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक उसका वाजिब हक बिना किसी परेशानी और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे, यही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। राशन उपभोक्ताओं को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी न हो और डीलरों को भी समय पर खाद्यान्न उपलब्ध हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय जरूरी है। महापौर ने कहा कि नगर प्रशासन और जिला प्रशासन के समन्वय से आम नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लगातार ठोस कदम उठाए जाते रहेंगे। जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए प्रशासन के साथ संवाद और समन्वय जारी रहेगा।

देवघर नगर निगम क्षेत्र में PDS व्यवस्था को लेकर महापौर की ओर से उठाए गए इन मुद्दों से उम्मीद है कि राशन आवंटन, ई-पॉश के माध्यम से वितरण और SFC गोदामों में स्टॉक सत्यापन की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे पात्र लाभुकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के साथ-साथ जनवितरण प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी मजबूत करने में मदद मिलेगी।



