By: Vikash Kumar ( Vicky)

Aaj Ka Panchang 13 September 2026: आज रविवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आज के दिन भगवान विष्णु के वराह अवतार से जुड़ी वराह जयंती का पर्व भी मनाया जाता है। इसके साथ ही रविवार होने के कारण सूर्य देव की पूजा और अर्घ्य देने का विशेष महत्व माना गया है।
आज के दिन कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है, जिससे पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र जाप और शुभ कार्यों के लिए दिन को विशेष माना जा सकता है। यदि आप आज कोई मांगलिक या धार्मिक कार्य करने की योजना बना रहे हैं तो तिथि, नक्षत्र, योग, शुभ मुहूर्त और राहुकाल की जानकारी जरूर देख लें।

आज की तिथि और पंचांग
आज 13 सितंबर 2026, रविवार है। पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और शुभ संकल्प के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। तिथि का प्रभाव पूरे दिन रहने के कारण आज किए जाने वाले धार्मिक कार्यों में विधि-विधान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
आज वराह जयंती होने के कारण भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि भगवान विष्णु ने पृथ्वी की रक्षा के लिए वराह अवतार धारण किया था। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

आज 5 शुभ योग का बन रहा संयोग
13 सितंबर 2026 को पंचांग में कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुभ योगों को पूजा-पाठ, धार्मिक गतिविधियों और सकारात्मक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ऐसे में आज भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने के साथ-साथ मंत्र जाप और ध्यान करना शुभ माना जा सकता है।
हालांकि किसी भी योग की वास्तविक शुभता उसके आरंभ और समाप्ति समय तथा स्थान के अनुसार बदल सकती है। इसलिए किसी विशेष मुहूर्त में विवाह, गृह प्रवेश या अन्य बड़ा मांगलिक कार्य करने से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

वराह जयंती पर भगवान विष्णु की करें पूजा
आज वराह जयंती के अवसर पर भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की पूजा की जाती है। सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ कपड़े पहनें और पूजा स्थल को स्वच्छ करें। इसके बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर उनका ध्यान करें।
भगवान विष्णु को पीले फूल, फल और नैवेद्य अर्पित कर सकते हैं। श्रद्धानुसार विष्णु मंत्र का जाप करें और भगवान विष्णु से परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की प्रार्थना करें। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य भी कर सकते हैं।
रविवार को सूर्य देव की पूजा का महत्व
रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन सुबह सूर्योदय के समय सूर्य देव को जल अर्पित करने की परंपरा है। इसके लिए तांबे के लोटे में स्वच्छ जल लेकर उसमें श्रद्धानुसार लाल फूल या अक्षत डालें और सूर्य देव को अर्घ्य दें।

सूर्य को अर्घ्य देते समय मन में सकारात्मक संकल्प रखें। इसके बाद सूर्य देव की प्रार्थना या मंत्र जाप किया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सूर्य पूजा से आत्मविश्वास, ऊर्जा और सकारात्मकता बढ़ाने की कामना की जाती है।
आज का शुभ मुहूर्त
आज शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त का चयन करते समय तिथि, नक्षत्र, योग और स्थानीय सूर्योदय-सूर्यास्त के समय को ध्यान में रखा जाता है। अलग-अलग शहरों में पंचांग के समय में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए किसी बड़े मांगलिक कार्य के लिए अपने शहर के अनुसार शुभ मुहूर्त देखना जरूरी है।
पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जाप और सूर्य अर्घ्य जैसे धार्मिक कार्यों के लिए प्रातःकाल का समय विशेष रूप से उपयोगी माना जाता है।
आज का राहुकाल
राहुकाल को हिंदू ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए टालने की परंपरा है। रविवार के दिन राहुकाल सामान्यतः दिन के समय एक निश्चित अवधि में रहता है, लेकिन इसका सटीक समय शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त के अनुसार बदलता है।

इसलिए 13 सितंबर 2026 को किसी महत्वपूर्ण नए कार्य की शुरुआत करने से पहले अपने स्थान के अनुसार राहुकाल जरूर जांच लें। राहुकाल के दौरान सामान्य दैनिक कार्य किए जा सकते हैं, लेकिन नए मांगलिक कार्य की शुरुआत करने से लोग परंपरागत रूप से बचते हैं।
आज का नक्षत्र और योग
पंचांग में तिथि के साथ नक्षत्र और योग का भी विशेष महत्व होता है। 13 सितंबर को बनने वाले नक्षत्र और शुभ योग दिन की धार्मिक महत्ता को बढ़ाते हैं। पूजा, मंत्र जाप, ध्यान और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए आज का दिन अच्छा माना जा सकता है।
यदि आप किसी विशेष पूजा, व्रत या धार्मिक अनुष्ठान की तैयारी कर रहे हैं तो स्थानीय पंचांग में दिए गए समय के अनुसार ही पूजा का संकल्प और मुख्य अनुष्ठान करना बेहतर रहेगा।

आज क्या करें?
आज सुबह स्नान करके सूर्य देव को जल अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के वराह स्वरूप का ध्यान कर पूजा करें। जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार भोजन, वस्त्र या अन्य आवश्यक सामग्री का दान करना भी शुभ माना जाता है। घर में भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप और धार्मिक पाठ करने से वातावरण सकारात्मक बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।
आज क्या करने से बचें?
राहुकाल में नए और महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करने से परंपरागत रूप से बचने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा आज क्रोध, विवाद और अनावश्यक तनाव से दूर रहने का प्रयास करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ दिन का लाभ तभी मिलता है जब व्यक्ति अपने व्यवहार में भी संयम और सकारात्मकता बनाए रखे।

13 सितंबर 2026 पंचांग एक नजर में
दिन: रविवार
तारीख: 13 सितंबर 2026
मास: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वितीया
पर्व: वराह जयंती
वार: रविवार
विशेष पूजा: सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा
विशेष कार्य: सूर्य को अर्घ्य, विष्णु पूजा, मंत्र जाप और दान-पुण्य
राहुकाल: अपने शहर के स्थानीय पंचांग के अनुसार देखें
शुभ योग: आज 5 शुभ योगों का संयोग बताया गया है

आज का पंचांग क्यों है खास?
13 सितंबर का दिन इसलिए खास है क्योंकि एक ओर भाद्रपद शुक्ल द्वितीया तिथि है, वहीं दूसरी ओर वराह जयंती और रविवार का संयोग बन रहा है। भगवान विष्णु के वराह स्वरूप की पूजा के साथ सूर्य देव की आराधना करने का अवसर भी मिल रहा है। ऐसे में धार्मिक दृष्टि से आज का दिन पूजा-पाठ, ध्यान, मंत्र जाप और सेवा-दान के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है।
यह जानकारी सामान्य पंचांग एवं धार्मिक-ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, योग, राहुकाल और शुभ मुहूर्त का सटीक समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान या मांगलिक कार्य के लिए स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करें।
