By: Vikash Kumar (Vicky)
Dry Fruits For Kids: बच्चों के शरीर और दिमागी विकास के लिए पौष्टिक आहार बेहद जरूरी होता है। ऐसे में कई माता-पिता बच्चों की डाइट में बादाम, अखरोट, काजू, किशमिश और अन्य ड्राई फ्रूट्स शामिल करते हैं। ड्राई फ्रूट्स में प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और कई तरह के मिनरल्स पाए जाते हैं, लेकिन इन्हें बच्चों को किस समय और किस तरीके से खिलाया जाए, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
कुछ माता-पिता मानते हैं कि सुबह खाली पेट बादाम या ड्राई फ्रूट्स खिलाना सबसे अच्छा होता है, जबकि कुछ लोग रात में दूध के साथ इन्हें देने की सलाह देते हैं। दरअसल, बच्चों की उम्र, खाने की आदत और ड्राई फ्रूट्स के प्रकार के अनुसार इन्हें देने का तरीका अलग हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञों की सामान्य सलाह के अनुसार, छोटे बच्चों को ड्राई फ्रूट्स देते समय उनकी बनावट और मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
बच्चों को ड्राई फ्रूट्स देने का सही समय क्या है?
ड्राई फ्रूट्स बच्चों को दिन के किसी एक निश्चित समय पर ही देना जरूरी नहीं है। इन्हें बच्चे के नाश्ते के साथ, मिड-मॉर्निंग स्नैक या शाम के हेल्दी स्नैक के रूप में दिया जा सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चा इन्हें आराम से चबा और निगल सके तथा उसकी कुल डाइट संतुलित रहे।
सुबह नाश्ते के साथ भीगे हुए बादाम या बारीक कटे अखरोट दिए जा सकते हैं। वहीं स्कूल से लौटने के बाद दूध, दही, फल या घर के किसी हेल्दी स्नैक के साथ थोड़ी मात्रा में ड्राई फ्रूट्स दिए जा सकते हैं।

खाली पेट ड्राई फ्रूट्स खिलाना जरूरी है क्या?
बच्चों को ड्राई फ्रूट्स खिलाने के लिए उन्हें खाली पेट देना अनिवार्य नहीं है। अगर बच्चा खाली पेट इन्हें आसानी से खा लेता है और किसी तरह की परेशानी नहीं होती तो सुबह देना ठीक हो सकता है। लेकिन किसी बच्चे को खाली पेट खाने से पेट में भारीपन, गैस या असहजता होती है तो उन्हें भोजन या स्नैक के साथ देना बेहतर हो सकता है।
इसलिए केवल इस धारणा के कारण कि खाली पेट ड्राई फ्रूट्स ज्यादा फायदेमंद होते हैं, बच्चे को जबरदस्ती इन्हें खाली पेट न खिलाएं।
छोटे बच्चों को साबुत ड्राई फ्रूट्स देने से बचें
छोटे बच्चों के मामले में सबसे जरूरी सावधानी ड्राई फ्रूट्स की बनावट को लेकर है। साबुत बादाम, काजू, अखरोट, मूंगफली जैसी सख्त चीजें छोटे बच्चों में गले में फंसने का खतरा बढ़ा सकती हैं।

छोटे बच्चों को ड्राई फ्रूट्स देने से पहले उन्हें अच्छी तरह भिगोकर नरम किया जा सकता है और उम्र के अनुसार बारीक काटकर, पीसकर या पेस्ट के रूप में भोजन में मिलाया जा सकता है। बच्चे को खाते समय हमेशा बैठाकर और निगरानी में खिलाना चाहिए।
1 साल से छोटे बच्चों को शहद के साथ न दें
अगर ड्राई फ्रूट्स को किसी रेसिपी में मिलाकर देने की सोच रहे हैं तो सामग्री का भी ध्यान रखें। खासकर 1 साल से कम उम्र के बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए। छोटे बच्चों के लिए किसी भी नई खाद्य सामग्री को शामिल करते समय उम्र और बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह को ध्यान में रखना जरूरी है।
बादाम कैसे खिलाएं?
बादाम को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उसका छिलका हटाकर बच्चे को उम्र के अनुसार बारीक काटकर या पीसकर दिया जा सकता है। इसे दलिया, ओट्स, खीर या किसी अन्य घर के बने भोजन में भी मिलाया जा सकता है।
बादाम की मात्रा बच्चे की उम्र और पूरी डाइट पर निर्भर करती है। ज्यादा बादाम खिलाने का मतलब यह नहीं है कि बच्चे को ज्यादा पोषण मिलेगा। संतुलित मात्रा ही बेहतर रहती है।

अखरोट बच्चों के लिए कैसे दें?
अखरोट को बारीक काटकर या पीसकर बच्चे के भोजन में मिलाया जा सकता है। इसे दलिया, दही, ओट्स या घर के बने स्नैक में शामिल करना आसान तरीका है।
अखरोट अपेक्षाकृत सख्त होता है, इसलिए छोटे बच्चों को साबुत अखरोट देने से बचना चाहिए। बच्चे की उम्र और चबाने की क्षमता के अनुसार इसकी बनावट तय करें।
किशमिश देने का तरीका
किशमिश दूसरे ड्राई फ्रूट्स की तुलना में नरम होती है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए इसे भी उम्र के अनुसार नरम करके और जरूरत पड़ने पर बारीक काटकर देना बेहतर होता है। किशमिश में प्राकृतिक शुगर की मात्रा होती है, इसलिए इसे बहुत ज्यादा मात्रा में देने के बजाय सीमित मात्रा में स्नैक या भोजन के हिस्से के रूप में दें।

काजू और अन्य ड्राई फ्रूट्स कब दें?
काजू, पिस्ता और अन्य नट्स भी बच्चों की डाइट में शामिल किए जा सकते हैं, लेकिन इन्हें साबुत देने के बजाय छोटे बच्चों को बारीक काटकर या पाउडर के रूप में देना ज्यादा सुरक्षित तरीका हो सकता है।
ड्राई फ्रूट्स को बच्चे के भोजन में मिलाने से स्वाद भी बढ़ सकता है और बच्चे को इन्हें खाने में आसानी भी हो सकती है।
एक साथ बहुत सारे ड्राई फ्रूट्स न खिलाएं
बच्चे को एक ही समय में कई तरह के ड्राई फ्रूट्स बड़ी मात्रा में देने की जरूरत नहीं है। शुरुआत में थोड़ी मात्रा से शुरुआत करें और बच्चे की सहनशीलता देखें।

अगर बच्चा पहली बार कोई नट खा रहा है तो उसे अन्य नए खाद्य पदार्थों के साथ एक साथ शुरू करने के बजाय अलग से देना उपयोगी रहता है। इससे किसी एलर्जी या असहज प्रतिक्रिया की स्थिति में कारण पहचानना आसान हो सकता है।
ड्राई फ्रूट्स से एलर्जी के लक्षणों पर रखें नजर
नट्स कुछ बच्चों में एलर्जी का कारण बन सकते हैं। पहली बार देने के बाद बच्चे में शरीर पर पित्ती या लाल चकत्ते, होंठ या चेहरे पर सूजन, उल्टी, सांस लेने में परेशानी या अचानक अस्वस्थता जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे गंभीरता से लें और तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
जिन बच्चों को पहले से किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है, उन्हें नए नट्स देने से पहले बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
बच्चों को ड्राई फ्रूट्स खिलाने का सबसे आसान तरीका
बच्चों को ड्राई फ्रूट्स खिलाने के लिए इन्हें उनके रोजाना के भोजन में शामिल किया जा सकता है। उदाहरण के लिए बादाम-अखरोट को पीसकर दलिया में मिलाएं, किशमिश को नाश्ते में शामिल करें या उम्र के अनुसार थोड़ी मात्रा में नट पाउडर को दही या घर के बने स्नैक में मिलाएं।
इस तरह बच्चे को ड्राई फ्रूट्स अलग से खाने के लिए मजबूर भी नहीं करना पड़ेगा और उसकी रोजाना की डाइट में पोषक चीजें आसानी से शामिल हो जाएंगी।

ड्राई फ्रूट्स देते समय इन बातों का रखें ध्यान
बच्चे को ड्राई फ्रूट्स हमेशा उसकी उम्र और चबाने की क्षमता के अनुसार दें। छोटे बच्चों को साबुत और सख्त नट्स देने से बचें। बहुत अधिक मात्रा में ड्राई फ्रूट्स न खिलाएं और इन्हें बच्चे के सामान्य भोजन का विकल्प न बनाएं।
ड्राई फ्रूट्स के साथ बच्चे को फल, सब्जियां, दाल, अनाज, दूध या अन्य उपयुक्त खाद्य पदार्थ भी संतुलित मात्रा में मिलते रहें। बच्चे की पूरी डाइट का संतुलन किसी एक खाद्य पदार्थ से ज्यादा महत्वपूर्ण है।
ड्राई फ्रूट्स बच्चों की संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकते हैं, लेकिन इन्हें सही उम्र, सही बनावट और उचित मात्रा में देना जरूरी है। सुबह नाश्ते के साथ या दिन में हेल्दी स्नैक के तौर पर इन्हें दिया जा सकता है। छोटे बच्चों को साबुत नट्स देने के बजाय बारीक पीसकर या उम्र के अनुसार नरम करके देना अधिक सुरक्षित रहता है।

यह लेख सामान्य पोषण संबंधी जानकारी पर आधारित है। बच्चों की उम्र, एलर्जी, स्वास्थ्य स्थिति और खान-पान की जरूरत अलग-अलग हो सकती है। किसी बच्चे को पहली बार नट्स या किसी अन्य खाद्य पदार्थ को देने से पहले, खासकर यदि एलर्जी का इतिहास हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें। किसी भी गंभीर एलर्जी प्रतिक्रिया में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

