By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज 15 सितंबर 2026, मंगलवार का दिन है। हिंदू पंचांग के अनुसार आज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि के साथ दिन की शुरुआत होगी और इसके बाद पंचमी तिथि का आरंभ होगा। धार्मिक दृष्टि से आज का दिन विशेष माना जा रहा है। गणपति उपासना, पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए तिथि और मुहूर्त का विशेष महत्व रहेगा। पंचांग के अनुसार किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण, राहुकाल और शुभ मुहूर्त को देखना महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में अगर आप आज पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, खरीदारी, यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो दिन के शुभ और अशुभ समय की जानकारी जरूर जान लें।

आज की तिथि क्या है?
आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। दिन के आगे बढ़ने के साथ तिथि परिवर्तन होकर पंचमी तिथि शुरू होगी। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष महत्व रखती है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक का देवता माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से गणपति की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।

आज का वार
आज मंगलवार है। मंगलवार का दिन भगवान हनुमान और मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और धार्मिक कार्य करना शुभ माना जाता है। मंगलवार के दिन श्रद्धालु हनुमान मंदिर जाकर पूजा-अर्चना कर सकते हैं। मान्यता के अनुसार हनुमान जी की आराधना से साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
आज का नक्षत्र
आज के दिन नक्षत्र की स्थिति भी पंचांग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नक्षत्र के आधार पर कई धार्मिक और शुभ कार्यों का समय निर्धारित किया जाता है। इसलिए किसी विशेष कार्य की शुरुआत करने से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार नक्षत्र की स्थिति जरूर देखना उचित रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त को दिन के प्रमुख शुभ मुहूर्तों में से एक माना जाता है। इस समय किए गए शुभ कार्यों के सफल होने की धार्मिक मान्यता है। हालांकि अभिजीत मुहूर्त का सटीक समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है। आज किसी महत्वपूर्ण कार्य की शुरुआत करनी हो तो स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर अभिजीत मुहूर्त का समय देखना बेहतर रहेगा।
आज राहुकाल कब रहेगा?
हिंदू पंचांग में राहुकाल को अशुभ समय की श्रेणी में रखा जाता है। इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की धार्मिक परंपरा है। हालांकि पूजा-पाठ और नियमित धार्मिक कार्य करने पर सामान्यतः रोक नहीं मानी जाती। मंगलवार के दिन राहुकाल सामान्यतः दोपहर के आसपास पड़ता है, लेकिन इसका सटीक समय स्थान के सूर्योदय के अनुसार बदलता है। इसलिए अपने शहर के अनुसार राहुकाल का समय जरूर जांच लें।

आज का शुभ समय
आज पूजा-पाठ, भगवान गणेश की आराधना और धार्मिक कार्यों के लिए दिन शुभ माना जा सकता है। किसी नए काम, खरीदारी, यात्रा या अन्य महत्वपूर्ण कार्य के लिए शुभ मुहूर्त देखते समय स्थानीय पंचांग का उपयोग करना बेहतर रहेगा। विशेष रूप से विवाह, गृह प्रवेश, संपत्ति खरीद, वाहन खरीद या किसी बड़े निवेश जैसे कार्यों के लिए केवल सामान्य पंचांग के आधार पर निर्णय लेने के बजाय व्यक्तिगत कुंडली और स्थानीय मुहूर्त की भी जांच करनी चाहिए।
आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
पंचांग में सूर्योदय और सूर्यास्त का विशेष महत्व होता है। पूजा, संकल्प और दिन की कई धार्मिक गतिविधियां सूर्योदय के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। सूर्योदय और सूर्यास्त का सटीक समय आपके शहर और भौगोलिक स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसलिए 15 सितंबर 2026 के पंचांग का उपयोग करते समय अपने स्थानीय शहर के अनुसार समय देखना अधिक उचित रहेगा।

आज भगवान गणेश की पूजा क्यों है खास?
भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। गणेश जी की पूजा में दूर्वा, मोदक और पुष्प अर्पित करने की परंपरा है। श्रद्धालु भगवान गणेश से सुख-समृद्धि, बुद्धि और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना कर सकते हैं। यदि घर में गणेश जी की पूजा की जा रही है तो स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें और श्रद्धा के साथ गणपति मंत्र या गणेश स्तुति का पाठ कर सकते हैं।
आज क्या करें?
आज सुबह स्नान करने के बाद भगवान गणेश और हनुमान जी की पूजा करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद व्यक्ति को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी धार्मिक दृष्टि से अच्छा माना जाता है। दिनभर सकारात्मक विचार रखें और किसी के साथ अनावश्यक विवाद करने से बचें। मंगलवार होने के कारण हनुमान जी का स्मरण और हनुमान चालीसा का पाठ भी किया जा सकता है।

आज क्या न करें?
राहुकाल के दौरान नए और महत्वपूर्ण शुभ कार्य शुरू करने से बचने की परंपरा है। इसके अलावा किसी भी व्यक्ति के साथ क्रोध या विवाद करने से बचें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन संयम और सकारात्मक व्यवहार रखना शुभ माना जाता है।
बड़े आर्थिक फैसले, संपत्ति की खरीद या किसी महत्वपूर्ण अनुबंध से पहले उचित जांच-पड़ताल जरूर करें।
15 सितंबर 2026 पंचांग एक नजर में
तारीख: 15 सितंबर 2026
वार: मंगलवार
माह: भाद्रपद
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: चतुर्थी से पंचमी
अभिजीत मुहूर्त: स्थान के अनुसार निर्धारित
राहुकाल: स्थान के अनुसार निर्धारित
सूर्योदय: स्थान के अनुसार अलग
सूर्यास्त: स्थान के अनुसार अलग
पूजा का विशेष महत्व: भगवान गणेश और हनुमान जी की आराधना

आज का पंचांग क्यों है जरूरी?
भारतीय धार्मिक परंपरा में पंचांग का उपयोग शुभ समय और धार्मिक गतिविधियों की जानकारी के लिए लंबे समय से किया जाता रहा है। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण जैसी जानकारी शामिल होती है। इन्हीं के आधार पर व्रत, पर्व, पूजा और शुभ कार्यों के समय का निर्धारण किया जाता है।
15 सितंबर 2026 का पंचांग भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है क्योंकि आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी-पंचमी तिथि का संयोग बन रहा है। ऐसे में गणेश उपासना करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।

यह जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और पंचांग परंपराओं पर आधारित है। तिथि, नक्षत्र, राहुकाल, अभिजीत मुहूर्त, सूर्योदय और सूर्यास्त का सटीक समय स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। किसी विशेष पूजा, व्रत या शुभ कार्य के लिए स्थानीय पंचांग अथवा योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा। Newsbag.in किसी भी धार्मिक मान्यता या ज्योतिषीय परिणाम की निश्चितता का दावा नहीं करता है।

