By: Vikash Kumar (Vicky) 
देवघर। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के देवघर स्थित सर्किट हाउस में ठहरने के दौरान कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी से उनके कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सर्किट हाउस के एक कर्मचारी ने डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर उस कमरे को खोलने की कोशिश की, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री ठहरे हुए थे। इतना ही नहीं, उनके सुरक्षा कर्मियों के लिए निर्धारित गार्ड रूम को भी कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी से खोलने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई है।

घटना की जानकारी सामने आने के बाद सर्किट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की सूचना मिलते ही देवघर नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कमरे और गार्ड रूम को खोलने का प्रयास किसने किया, उसके पास डुप्लीकेट चाबी कैसे पहुंची और इस पूरे घटनाक्रम के पीछे उसकी मंशा क्या थी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पूरे मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देवाधिदेव महादेव की नगरी देवघर में देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में यहां आने वाले लोगों के ठहरने के लिए सरकारी सर्किट हाउस जैसी जगहों की सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सवाल केवल यह नहीं है कि कमरे से कोई सामान चोरी हुआ या नहीं। उनके अनुसार, बड़ा सवाल यह है कि यदि देवघर के सर्किट हाउस में किसी व्यक्ति के कमरे को उसकी अनुमति के बिना डुप्लीकेट चाबी से खोलने का प्रयास किया जा सकता है, तो इससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने कहा कि देवघर बाबा बैद्यनाथ की नगरी है और देश-विदेश से आने वाले लोग यहां ठहरते हैं। ऐसी घटना से देवघर की छवि पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने मामले में पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही देवघर के उपायुक्त से भी पूरे मामले का संज्ञान लेकर सर्किट हाउस की व्यवस्था और वहां कार्यरत कर्मचारियों की भूमिका की जांच सुनिश्चित करने की बात कही।

कर्मचारी के भागने की भी चर्चा
घटना के बाद जिस कर्मचारी पर कमरे को डुप्लीकेट चाबी से खोलने का प्रयास करने का आरोप है, उसे पकड़ने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस दौरान संबंधित कर्मचारी सर्किट हाउस से भागता हुआ नजर आया। हालांकि, कर्मचारी के भागने और उसके पास डुप्लीकेट चाबी होने सहित पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और सर्किट हाउस में मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि संबंधित कर्मचारी की ड्यूटी क्या थी, उसके पास किन कमरों की चाबी उपलब्ध थी और कथित डुप्लीकेट चाबी कहां से तैयार हुई।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री के ठहरने वाले कमरे तक किसी अन्य व्यक्ति की पहुंच की कोशिश की घटना ने सर्किट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकारी अतिथि गृह में वीआईपी और अन्य महत्वपूर्ण लोगों के ठहरने को देखते हुए कमरों की चाबी, कर्मचारियों की पहुंच और सुरक्षा प्रोटोकॉल महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
ऐसे में जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी होगा कि क्या सर्किट हाउस में कमरों की चाबियों का कोई रिकॉर्ड रखा जाता है और डुप्लीकेट चाबी तैयार करने या रखने की प्रक्रिया क्या है। इसके अलावा पुलिस सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संबंधित कर्मचारी कब और किस उद्देश्य से कमरे तथा गार्ड रूम के आसपास पहुंचा था।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास वास्तव में किस उद्देश्य से किया गया था और इसके पीछे किसी तरह की आपराधिक मंशा थी या नहीं। पुलिस संबंधित कर्मचारी से पूछताछ करने के साथ-साथ सर्किट हाउस के अन्य कर्मचारियों से भी जानकारी ले सकती है।

घटना के बाद यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि सरकारी सर्किट हाउस में ठहरने वाले अतिथियों की सुरक्षा के लिए क्या पर्याप्त व्यवस्था है। यदि किसी कमरे की डुप्लीकेट चाबी आसानी से उपलब्ध हो सकती है, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए चाबी प्रबंधन और प्रवेश व्यवस्था को और सख्त किए जाने की आवश्यकता पर भी विचार करना होगा।
देवघर धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण शहर है। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सरकारी अतिथि गृहों और महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सामने आने वाली किसी भी घटना का असर शहर की व्यवस्था और छवि पर पड़ सकता है।

अब सभी की नजर पुलिस जांच पर है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सर्किट हाउस में पूर्व मुख्यमंत्री के कमरे और गार्ड रूम को कथित तौर पर डुप्लीकेट चाबी से खोलने का प्रयास क्यों किया गया और इस मामले में जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।
