By: Mala Mandal
गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में क्रिकेट का ऐसा रोमांच देखने को मिला, जिसे लंबे समय तक याद किया जाएगा। भारत ने वेस्टइंडीज की ओर से दिए गए 406 रन के विशाल लक्ष्य को महज 43.3 ओवर में 2 विकेट खोकर हासिल कर लिया। इस शानदार जीत के साथ भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी बना ली। भारत की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक कप्तान शुभमन गिल रहे। गिल ने नाबाद 223 रन की तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपनी डबल सेंचुरी महज 117 गेंदों में पूरी की, जो वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक है। गिल ने 133 गेंदों का सामना करते हुए 26 चौके और 8 छक्के लगाए। उनकी इस पारी ने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और भारत को 400 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने में बड़ी भूमिका निभाई।

वेस्टइंडीज ने खड़ा किया 405 रन का विशाल स्कोर
इससे पहले टॉस के बाद बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में 7 विकेट खोकर 405 रन बनाए। वेस्टइंडीज की ओर से जॉन कैंपबेल, शाई होप और आमिर जंगू ने शानदार शतक लगाए। कैंपबेल ने 101 रन, शाई होप ने 104 रन और आमिर जंगू ने 114 रन की बेहतरीन पारियां खेलीं। यह वेस्टइंडीज का पुरुष वनडे में पहला 400 से अधिक का स्कोर था। वेस्टइंडीज के तीन बल्लेबाजों के शतक की बदौलत टीम ने भारत के सामने 406 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। सामान्य परिस्थितियों में यह स्कोर किसी भी टीम के लिए बेहद मुश्किल माना जाता है, लेकिन गुवाहाटी में भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते हुए मुकाबले का पूरा रुख ही बदल दिया।

रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने दी तूफानी शुरुआत
406 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान शुभमन गिल और रोहित शर्मा की सलामी जोड़ी ने जबरदस्त शुरुआत दी। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 255 रन की विशाल साझेदारी की। यह भारत की घरेलू जमीन पर वनडे में सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी भी रही। रोहित शर्मा ने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखते हुए 75 गेंदों में 101 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। यह रोहित का वनडे क्रिकेट में 35वां शतक था। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। रोहित के आउट होने के बाद भी भारतीय बल्लेबाजी की रफ्तार कम नहीं हुई। शुभमन गिल ने एक छोर संभाले रखा और तेजी से रन बनाते हुए अपना दोहरा शतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने पारी को अंत तक पहुंचाया और भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।

गिल ने 117 गेंदों में रचा इतिहास
शुभमन गिल ने इस मुकाबले में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। उन्होंने केवल 117 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया, जो पुरुष वनडे क्रिकेट में सबसे तेज डबल सेंचुरी है। गिल की अंतिम पारी 133 गेंदों में नाबाद 223 रन की रही। वह वनडे में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की खास सूची में भी शामिल हो गए हैं। गिल ने अपनी पारी के दौरान आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ शानदार नियंत्रण भी दिखाया। उनकी 223 रन की नाबाद पारी किसी भी वनडे कप्तान द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर भी है। गिल के इस प्रदर्शन के कारण भारत ने 400 से अधिक रन के लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया।

भारत ने 39 गेंद शेष रहते हासिल किया लक्ष्य
भारतीय टीम ने 43.3 ओवर में 406 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया। भारत ने केवल दो विकेट गंवाए और 39 गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल किया। यह वनडे क्रिकेट में भारत का सबसे बड़ा सफल रन चेज है। कुल मिलाकर यह वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज रहा। इस मुकाबले में दोनों टीमों की बल्लेबाजी का स्तर इतना शानदार रहा कि कुल पांच शतक देखने को मिले। वेस्टइंडीज की ओर से तीन और भारत की ओर से दो बल्लेबाजों ने शतक बनाए। यही वजह रही कि गुवाहाटी का यह मुकाबला वनडे क्रिकेट के यादगार हाई-स्कोरिंग मैचों में शामिल हो गया।

भारत ने सीरीज पर किया कब्जा
इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। इससे पहले भारत ने सीरीज के पहले वनडे में भी वेस्टइंडीज को 8 विकेट से हराया था। अब सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे मुकाबला 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। गुवाहाटी में मिली जीत भारत के लिए कई मायनों में खास रही। एक तरफ टीम ने 405 रन जैसे विशाल लक्ष्य का पीछा किया, वहीं दूसरी तरफ कप्तान शुभमन गिल ने रिकॉर्ड डबल सेंचुरी और रोहित शर्मा ने शतक लगाकर भारतीय बल्लेबाजी की ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।

मैच का संक्षिप्त स्कोर
वेस्टइंडीज: 405/7, 50 ओवर
भारत: 406/2, 43.3 ओवर
नतीजा: भारत 8 विकेट से विजयी
शुभमन गिल: 223* (133 गेंद)
रोहित शर्मा: 101 (75 गेंद)
प्लेयर ऑफ द मैच: शुभमन गिल
सीरीज: भारत 2-0 से आगे



