By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से दिल्ली-NCR के कई इलाकों में लोगों के बीच अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल बन गया। झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। नोएडा समेत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात दिल्ली-NCR के कई इलाकों में कुछ समय के लिए धरती में कंपन महसूस किया गया। झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और खुले स्थानों की ओर जाते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप के अनुभव को लेकर पोस्ट साझा किए। हालांकि, शुरुआती रिपोर्टों में भूकंप की सटीक तीव्रता, गहराई और केंद्र की आधिकारिक जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी थी।
दिल्ली-NCR में भूकंप के झटकों की खबर सामने आने के बाद लोगों में पिछले भूकंपों की यादें भी ताजा हो गईं। राजधानी दिल्ली और आसपास का क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यही वजह है कि यहां हल्के झटके महसूस होने पर भी लोगों के बीच चिंता बढ़ जाती है।

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी यानी NCS के अनुसार, 6 अक्टूबर 2026 को देश और आसपास के क्षेत्रों में कई भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं। NCS के आधिकारिक रिकॉर्ड में असम के नागांव में 4.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह भूकंप 6 अक्टूबर को सुबह 4 बजकर 23 मिनट के आसपास आया और इसकी गहराई 33 किलोमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा मणिपुर, मेघालय, भूटान और म्यांमार के आसपास भी भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गईं।
NCS के रिकॉर्ड के मुताबिक, 6 अक्टूबर को अफगानिस्तान में भी कई भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें कुछ घटनाओं की तीव्रता 4.0 के आसपास रही। हालांकि, दिल्ली-NCR में महसूस किए गए ताजा झटकों को लेकर आधिकारिक एजेंसियों की विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा था।

दिल्ली-NCR में झटके महसूस होने के बाद सबसे ज्यादा चिंता ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों के बीच देखी गई। भूकंप के दौरान ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को कंपन ज्यादा महसूस हो सकता है। ऐसे में कई लोग तुरंत सीढ़ियों या खुले स्थान की ओर निकलने की कोशिश करते हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि भूकंप के दौरान घबराने के बजाय शांत रहना चाहिए और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए।

भूकंप आने पर क्या करें?
भूकंप के दौरान अगर आप घर के अंदर हैं तो तुरंत बाहर भागने के बजाय किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे शरण लेना बेहतर माना जाता है। सिर और गर्दन को सुरक्षित रखना चाहिए। खिड़की, शीशे, भारी अलमारी और ऐसी चीजों से दूर रहना चाहिए जो गिर सकती हैं।
अगर आप किसी इमारत में हैं तो लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। झटके रुकने के बाद ही सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना चाहिए। वहीं अगर आप बाहर हैं तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर किसी खुले स्थान पर चले जाना चाहिए।

अगर आप गाड़ी चला रहे हैं तो वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर अंदर ही रहना चाहिए और पुल, फ्लाईओवर, बिजली की लाइन या क्षतिग्रस्त इमारतों के आसपास रुकने से बचना चाहिए।
फिलहाल दिल्ली-NCR में महसूस किए गए भूकंप के झटकों के बाद किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। भूकंप के बाद आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की सलाह दी जाती है।

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के लिए लोगों को पहले से तैयार रहना जरूरी है। घर में आपातकालीन किट रखना, परिवार के सदस्यों के साथ आपदा के समय सुरक्षित स्थान तय करना और भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

दिल्ली-NCR में मंगलवार रात महसूस किए गए भूकंप के झटकों ने लोगों को कुछ देर के लिए डरा दिया। हालांकि अभी तक बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। अधिकारियों और भूकंप निगरानी एजेंसियों की ओर से आने वाली विस्तृत जानकारी के बाद ही भूकंप की तीव्रता और केंद्र को लेकर पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।

