By: Mala Mandal
देवघर। जसीडीह रेलवे स्टेशन पर रेलवे आरक्षण टिकटों की कथित कालाबाजारी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ के अनुसार, युवक पर तत्काल सहित अन्य आरक्षण टिकटों की खरीद-बिक्री में अनधिकृत रूप से शामिल होने और यात्रियों से वास्तविक किराये से अधिक पैसे लेकर आर्थिक लाभ कमाने का आरोप है। यह कार्रवाई 23 अक्टूबर 2026 को ऑपरेशन उपलब्ध के तहत की गई। छापेमारी के दौरान टीम ने चार रेलवे आरक्षण टिकट और तीन आरक्षण- सह – रद्दीकरण फॉर्म बरामद किए।

ऑपरेशन उपलब्ध के तहत आरपीएफ की कार्रवाई
आरपीएफ को सूचना मिली थी कि जसीडीह रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर कुछ लोग रेलवे टिकटों की अनधिकृत खरीदारी कर उन्हें अतिरिक्त पैसे लेकर यात्रियों को उपलब्ध करा रहे हैं। सूचना के आधार पर आरपीएफ पोस्ट जसीडीह और आरपीएफ की अपराध खुफिया शाखा (सीआईबी) जसीडीह की संयुक्त टीम ने आरक्षण काउंटर संख्या 15 पर निगरानी शुरू की। यह कार्रवाई सुबह 10:45 बजे से शुरू हुई। निगरानी के दौरान करीब 11 बजे एक व्यक्ति स्लीपर क्लास के तत्काल टिकट की बुकिंग के समय कतार में सबसे आगे खड़ा दिखाई दिया। टिकट खरीदने के बाद वह संदिग्ध तरीके से रेलवे परिसर से बाहर जाने लगा। इसके बाद संयुक्त टीम ने उसे रोककर पूछताछ की। आरपीएफ के मुताबिक, पूछताछ के दौरान युवक ने टिकट खरीदने की बात स्वीकार की। इसके बाद नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई, जिसमें कई रेलवे आरक्षण टिकट और आरक्षण-सह-रद्दीकरण से संबंधित फॉर्म बरामद हुए। बरामद सामान को गवाहों की मौजूदगी में जब्ती सूची तैयार कर जब्त किया गया।

चार रेलवे टिकट और तीन फॉर्म बरामद
आरपीएफ की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुल चार रेलवे आरक्षण-सह-यात्रा टिकट बरामद किए गए। इनमें दो तत्काल टिकट भी शामिल थे। बरामद टिकटों का कुल मूल्य 21,560 रुपये बताया गया है। जब्त टिकटों में एक टिकट धनबाद से जोलारपेट्टई की यात्रा के लिए था, जिसकी कीमत 2,030 रुपये थी। दूसरा टिकट जसीडीह से सूरत के लिए था, जिसकी कीमत 1,015 रुपये बताई गई है। दोनों टिकटों की यात्रा तिथि 24 अक्टूबर 2026 थी। इसके अलावा, 22 दिसंबर 2026 की यात्रा के लिए दादर से मदुरै जाने वाली ट्रेन संख्या 11021 के दो टिकट भी बरामद किए गए। ये दोनों टिकट द्वितीय वातानुकूलित श्रेणी (2AC) के थे। इनमें एक टिकट की कीमत 5,290 रुपये और दूसरे की कीमत 13,225 रुपये थी। इस प्रकार चारों टिकटों का कुल मूल्य 21,560 रुपये होता है। इसके साथ एक भरा हुआ आरक्षण-सह-रद्दीकरण फॉर्म और दो खाली फॉर्म भी जब्त किए गए। आरपीएफ ने सभी बरामद सामान को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जब्ती सूची में शामिल किया।

यात्रियों से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त लेने का आरोप
आरपीएफ के अनुसार, पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक ने कथित तौर पर बताया कि वह अलग-अलग यात्रियों के लिए रेलवे आरक्षण टिकट खरीदता था और प्रत्येक यात्री से वास्तविक रेलवे किराये के अतिरिक्त लगभग 200 से 300 रुपये वसूल करता था। इस तरह टिकट उपलब्ध कराने के बदले अतिरिक्त रकम लेकर आर्थिक लाभ कमाने की बात सामने आई। आरपीएफ का कहना है कि युवक टिकटों की व्यावसायिक खरीद-बिक्री के लिए कोई वैध प्राधिकरण प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ के दौरान वह उन यात्रियों के संबंध में भी संतोषजनक जानकारी नहीं दे पाया, जिनके लिए टिकट बुक किए जाने की बात कही गई थी। इन परिस्थितियों के आधार पर आरपीएफ ने उसके खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की।

रेलवे अधिनियम की धारा 143 के तहत मामला दर्ज
आरपीएफ की टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 23 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:10 बजे युवक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के आधार की जानकारी उसे दी गई और उसके परिजन को भी सूचित किया गया। इसके बाद गिरफ्तार युवक को बरामद टिकटों और संबंधित दस्तावेजों के साथ आरपीएफ पोस्ट जसीडीह लाया गया। मामले में आरपीएफ की अपराध खुफिया शाखा, जसीडीह के अधिकारी की लिखित शिकायत के आधार पर आरपीएफ पोस्ट जसीडीह में केस संख्या 2673/2026 दर्ज किया गया।

मामला रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 143 के तहत दर्ज किया गया है। मामले की विस्तृत जांच की जिम्मेदारी एसआई रजनी कुमारी को सौंपी गई है। उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर जांच पूरी कर संबंधित न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। आरपीएफ की ओर से गिरफ्तार युवक को संबंधित दस्तावेजों और जब्त सामान के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया बताई गई है।

रेलवे टिकटों की अनधिकृत बिक्री पर निगरानी
रेलवे आरक्षण टिकटों की अनधिकृत खरीद-बिक्री यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। खासकर तत्काल टिकटों की मांग अधिक होने के दौरान कुछ लोग टिकट उपलब्ध कराने के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूलने की कोशिश करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल समय-समय पर निगरानी और जांच अभियान चलाता है।

जसीडीह रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन उपलब्ध के तहत की गई यह कार्रवाई टिकटों की कथित कालाबाजारी पर निगरानी का हिस्सा है। हालांकि, मामले में आरोपों से संबंधित अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल आरपीएफ ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।



