By: Vikash Kumar (Vicky)
मुंबई: भारतीय टेलीविजन की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय क्राइम सीरियल ‘CID’ और हॉरर शो ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। 77 वर्षीय बी.पी. सिंह ने 27 अक्टूबर 2026 को अंतिम सांस ली। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके निधन की जानकारी साझा करते हुए दुख व्यक्त किया। टेलीविजन की दुनिया में बी.पी. सिंह का योगदान लंबे समय तक याद किया जाएगा।

बी.पी. सिंह के निधन से मनोरंजन जगत में शोक
बी.पी. सिंह का नाम भारतीय टेलीविजन के उन दिग्गज निर्माताओं और निर्देशकों में शामिल रहा है, जिन्होंने क्राइम और सस्पेंस आधारित कार्यक्रमों को घर-घर तक लोकप्रिय बनाया। उनके निधन से मनोरंजन जगत ने एक ऐसे रचनात्मक व्यक्तित्व को खो दिया है, जिसकी पहचान उसके काम और अलग अंदाज से बनी थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें दिल का गंभीर दौरा पड़ा था। उनके निधन की खबर सामने आने के बाद उनके प्रशंसकों और टेलीविजन जगत से जुड़े लोगों के बीच शोक का माहौल है। अशोक पंडित ने भी उनके जाने पर दुख जताया। बी.पी. सिंह के परिवार, मित्रों और सहयोगियों के लिए यह एक बड़ी क्षति है।

‘CID’ ने दिलाई देशभर में पहचान
बी.पी. सिंह को सबसे अधिक पहचान टीवी के लोकप्रिय क्राइम शो ‘CID’ से मिली। इस धारावाहिक ने वर्षों तक दर्शकों का मनोरंजन किया और भारतीय टेलीविजन पर अपनी अलग पहचान बनाई। अपराध की गुत्थियां सुलझाने वाले अधिकारियों, रहस्यमयी मामलों और दमदार संवादों ने इस शो को दर्शकों का पसंदीदा कार्यक्रम बना दिया था। साल 1998 में शुरू हुए ‘CID’ ने लंबे समय तक टीवी पर अपनी लोकप्रियता बनाए रखी। इस शो की सफलता के पीछे बी.पी. सिंह की रचनात्मक सोच, निर्देशन और निर्माण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अपराध से जुड़ी कहानियों को इस तरह प्रस्तुत किया कि दर्शक हर एपिसोड के अंत तक मामले का समाधान जानने के लिए उत्सुक रहते थे। ‘CID’ की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके किरदार और संवाद लंबे समय तक लोगों की बातचीत का हिस्सा बने रहे। इस शो ने भारतीय टेलीविजन पर क्राइम ड्रामा की शैली को लोकप्रिय बनाने में अहम योगदान दिया।

‘आहट’ से डर और सस्पेंस का नया अनुभव
बी.पी. सिंह का योगदान केवल क्राइम शो तक सीमित नहीं था। उन्होंने लोकप्रिय हॉरर सीरियल ‘आहट’ के जरिए भी दर्शकों के बीच खास जगह बनाई। यह धारावाहिक अपनी डरावनी कहानियों, रहस्यमयी घटनाओं और सस्पेंस के लिए जाना जाता था। ‘आहट’ ने टेलीविजन पर हॉरर मनोरंजन को लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई। इसकी कहानियों ने दर्शकों को डर, रोमांच और रहस्य का अनुभव कराया। अलग-अलग घटनाओं और कथानकों के माध्यम से इस शो ने लंबे समय तक अपनी पहचान कायम रखी। ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे दो अलग-अलग तरह के लोकप्रिय कार्यक्रमों से जुड़ाव बी.पी. सिंह की रचनात्मक क्षमता को दर्शाता है। एक ओर अपराध की जटिल गुत्थियां थीं, तो दूसरी ओर डर और रहस्य से भरी कहानियां। दोनों ही शैलियों में उन्होंने दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई।

कैमरे के पीछे से शुरू हुआ था सफर
बी.पी. सिंह का पूरा नाम बृजेंद्र पाल सिंह था। उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII), पुणे से पढ़ाई की थी। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने दूरदर्शन के साथ कैमरामैन के रूप में काम किया। तकनीकी समझ और कैमरे के अनुभव ने आगे चलकर उनके निर्देशन और निर्माण के काम को मजबूत आधार दिया। उन्होंने टेलीविजन की दुनिया में कई तरह के कार्यक्रमों के साथ काम किया। ‘एक शून्य शून्य’ जैसे कार्यक्रमों से लेकर ‘CID’ और ‘आहट’ तक उनका सफर भारतीय टीवी मनोरंजन के विकास की कहानी से जुड़ा रहा। उनकी कार्यशैली और तकनीकी जानकारी के लिए भी उन्हें जाना जाता था। बी.पी. सिंह ने केवल पर्दे के पीछे रहकर काम नहीं किया, बल्कि ‘CID’ में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार भी निभाया। इस भूमिका ने दर्शकों के साथ उनके जुड़ाव को और मजबूत बनाया। शो के प्रशंसकों के लिए वह एक निर्माता-निर्देशक के साथ-साथ एक पहचाने जाने वाले कलाकार भी थे।

FTII के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाली
बी.पी. सिंह का योगदान मनोरंजन कार्यक्रमों के निर्माण तक सीमित नहीं रहा। दिसंबर 2018 में उन्हें फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की सोसाइटी का अध्यक्ष और गवर्निंग काउंसिल का प्रमुख नियुक्त किया गया था। यह जिम्मेदारी उनके लंबे अनुभव और फिल्म-टेलीविजन क्षेत्र में योगदान को दर्शाती है। उनकी यात्रा उन लोगों के लिए प्रेरणा रही, जो तकनीकी काम से शुरुआत करके निर्देशन और निर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। उन्होंने अपने काम के माध्यम से यह दिखाया कि किसी कार्यक्रम की सफलता के लिए कहानी, तकनीकी गुणवत्ता और प्रस्तुति का तालमेल कितना जरूरी होता है।

टीवी की दुनिया में हमेशा याद किए जाएंगे बी.पी. सिंह
बी.पी. सिंह के निधन से भारतीय टेलीविजन ने एक अनुभवी निर्माता-निर्देशक को खो दिया है। ‘CID’ और ‘आहट’ जैसे कार्यक्रमों की लोकप्रियता उनके काम की सबसे बड़ी पहचान बनी रहेगी। उन्होंने ऐसे शो दिए, जिनसे कई पीढ़ियों के दर्शकों की यादें जुड़ी हुई हैं। अशोक पंडित समेत मनोरंजन जगत के लोगों की संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। उनके निधन से जुड़ी खबर ने उन दर्शकों को भी भावुक कर दिया है, जिन्होंने वर्षों तक उनके बनाए कार्यक्रमों को देखा और पसंद किया।

बी.पी. सिंह का जाना एक ऐसे दौर की याद दिलाता है, जब टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक दर्शकों के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हुआ करते थे। उनके बनाए कार्यक्रमों और पर्दे पर निभाए गए किरदारों के जरिए उनकी यादें लंबे समय तक जीवित रहेंगी।

‘CID’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन भारतीय मनोरंजन जगत के लिए बड़ी क्षति है। उनका रचनात्मक योगदान और लोकप्रिय धारावाहिकों की विरासत उन्हें टेलीविजन इतिहास में हमेशा खास स्थान दिलाती रहेगी।


