By: Mala Mandal
देवघर। भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सूर्यकांत के प्रस्तावित देवघर आगमन को लेकर जिला प्रशासन और न्यायिक प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को व्यवहार न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य न्यायाधीश के आगमन, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना तथा व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर की तैयारियों की समीक्षा की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में न्यायिक प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया। मुख्य रूप से कार्यक्रम स्थल की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था, विधि-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को लेकर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। मुख्य न्यायाधीश के आगमन को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुरूप तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए।

2 नवंबर को आयोजित होगा राज्यस्तरीय विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा ने बैठक में जानकारी दी कि भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के देवघर आगमन के अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर में 2 नवंबर 2026 को ‘स्टेट लेवल लीगल सर्विसेज-कम-इम्पॉवरमेंट कैंप’ का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। राज्यस्तरीय विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर के आयोजन को लेकर न्यायिक परिसर में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। कार्यक्रम की गरिमा और महत्व को ध्यान में रखते हुए मंच, पंडाल तथा अन्य जरूरी सुविधाओं की तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आयोजन के दौरान संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। विधिक सेवा और सशक्तीकरण से जुड़े इस कार्यक्रम को लेकर न्यायिक प्रशासन की ओर से तैयारियों की समीक्षा की गई, ताकि निर्धारित तिथि पर कार्यक्रम का आयोजन व्यवस्थित तरीके से किया जा सके।

सुरक्षा और विधि-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की तैयारी
बैठक में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने मुख्य न्यायाधीश के आगमन को लेकर जिला प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने विधि-व्यवस्था और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ चर्चा की। मुख्य न्यायाधीश के देवघर आगमन के दौरान निर्धारित कार्यक्रमों को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्य न्यायाधीश व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान संबंधित प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सतर्क रहने और आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। देवघर में मुख्य न्यायाधीश के आगमन को महत्वपूर्ण मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कार्यक्रम स्थलों पर आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो और सभी निर्धारित गतिविधियां व्यवस्थित ढंग से संपन्न हों।

यातायात व्यवस्था और पुलिस बल की तैनाती पर चर्चा
पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने बैठक में सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए तैयार किए गए रूट चार्ट और पुलिस बलों की तैनाती की रूपरेखा से अधिकारियों को अवगत कराया। मुख्य न्यायाधीश के आगमन के दौरान मंदिर में पूजा-अर्चना और न्यायालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा। इसको लेकर संबंधित पुलिस पदाधिकारियों को निर्धारित योजना के अनुसार आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम के दौरान आम लोगों की आवाजाही और शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग की भूमिका अहम होगी। अधिकारियों के बीच समन्वय के माध्यम से सुरक्षा और यातायात से संबंधित व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम स्थल का अधिकारियों ने किया निरीक्षण
उच्चस्तरीय बैठक समाप्त होने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कौशल किशोर झा, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर सहित अन्य अधिकारियों ने व्यवहार न्यायालय परिसर का भौतिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 2 नवंबर को आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर की तैयारियों का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर पंडाल और मंच निर्माण सहित सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि आयोजन से पहले सभी जरूरी तैयारियों को समय पर पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था और आयोजन से जुड़ी आवश्यकताओं पर ध्यान दिया गया। प्रशासन और न्यायिक अधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया।

न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के न्यायाधीशगण, अपर समाहर्ता, जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य न्यायाधीश के प्रस्तावित देवघर भ्रमण और राज्यस्तरीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

कुल मिलाकर, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के प्रस्तावित देवघर आगमन को लेकर न्यायिक प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस विभाग सक्रिय हैं। 2 नवंबर को व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित होने वाले राज्यस्तरीय विधिक सेवा एवं सशक्तीकरण शिविर के मद्देनजर सुरक्षा, यातायात, मंच और पंडाल निर्माण सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की दिशा में काम किया जा रहा है। अब सभी संबंधित विभागों के सामने निर्धारित समय पर तैयारियां पूरी कर कार्यक्रम को व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने की जिम्मेदारी है।




