By: Vikash Kumar (Vicky)
11 जनवरी 2026, रविवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। आज कालभैरव अष्टमी के साथ-साथ ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रही है। ऐसे में अगर आप कोई शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा या नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो शुभ और अशुभ मुहूर्त की जानकारी होना बेहद जरूरी है।

आज का अशुभ मुहूर्त 11 जनवरी 2026
आज राहुकाल शाम 4 बजकर 30 मिनट से 6 बजे तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण काम शुरू करने से बचना चाहिए।
गुलिक काल दोपहर 3 बजकर 30 मिनट से 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता।
यमगंड दोपहर 12 बजे से 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगा, इस समय भी कोई शुभ शुरुआत करने से बचना चाहिए।
दुर्मुहूर्त काल शाम 4 बजकर 19 मिनट से 5 बजकर 01 मिनट तक रहेगा, इस दौरान विवाद, यात्रा और बड़े फैसलों से दूरी बनाकर रखना बेहतर होगा।
हालांकि आज अमृत काल सुबह 11 बजकर 10 मिनट से 12 बजकर 29 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है और इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना रहती है।
आज का शुभ मुहूर्त 11 जनवरी 2026
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा, जो ध्यान, पूजा और अध्ययन के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 14 मिनट से 2 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता और विजय मिलने की मान्यता है।
निशीथ काल दोपहर में 12 बजकर 2 मिनट से 12 बजकर 56 मिनट तक रहेगा, यह समय विशेष साधना और मंत्र जप के लिए शुभ माना जाता है।
गोधूलि बेला शाम 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 8 मिनट तक रहेगी, यह समय धार्मिक कार्यों और दीपदान के लिए उत्तम माना जाता है।
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 42 मिनट पर।
आज का उपाय
आज जरूरतमंद लोगों को भोजन कराना अत्यंत शुभ रहेगा। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और ग्रह दोषों में भी कमी आती है।

आज की पंचांग संबंधी विशेष जानकारी
राष्ट्रीय मिति पौष 22, शक संवत 1947, माघ कृष्ण, नवमी, रविवार, विक्रम संवत 2082।
सौर पौष मास प्रविष्टे 28, रज्जब 21, हिजरी 1447 (मुस्लिम) तदनुसार अंग्रेजी तारीख 11 जनवरी 2026 ई.।
सूर्य उत्तरायण, दक्षिण गोल, शिशिर ऋतु है। राहुकाल सायं 04 बजकर 30 मिनट से 06 बजे तक रहेगा।
अष्टमी तिथि प्रातः 10 बजकर 20 मिनट तक रहेगी, उसके बाद नवमी तिथि का आरंभ होगा।
चित्रा नक्षत्र सायं 06 बजकर 12 मिनट तक रहेगा, इसके बाद स्वाति नक्षत्र का आरंभ होगा।
सुकर्मा योग सायंकाल 05 बजकर 27 मिनट तक रहेगा, उसके बाद धृतिमान योग प्रारंभ होगा।
कौलव करण प्रातः 10 बजकर 20 मिनट तक रहेगा, इसके बाद गर करण का आरंभ होगा।
चंद्रमा दिन-रात तुला राशि पर संचार करेगा।
इस प्रकार आज का दिन धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य और पूजा-पाठ के लिए अनुकूल है, बस राहुकाल, यमगंड और गुलिक काल में शुभ कार्य करने से बचें।
यह जानकारी पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। स्थान और पंचांग के अनुसार समय में थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है, इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान से पुष्टि अवश्य करें।

