By: Vikash Kumar (Vicky)


पंचांग का महत्व
आज 13 अप्रैल 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले पंचांग देखना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है। पंचांग के माध्यम से हम दिन के शुभ और अशुभ समय, तिथि, नक्षत्र, योग और करण की जानकारी प्राप्त करते हैं, जिससे हम अपने कार्यों की सही योजना बना सकें।

ज्योतिष में पंचांग की भूमिका
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचांग पांच अंगों से मिलकर बना होता है जिसमें तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण शामिल होते हैं। इन सभी का सही ज्ञान व्यक्ति को दिनभर के कार्यों में सफलता और बाधाओं से बचने में मदद करता है। आज का दिन खास तौर पर व्रत और धार्मिक कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आज एकादशी का व्रत भी है।

आज का राहुकाल
आज सोमवार को राहुकाल सुबह 07 बजकर 45 मिनट से 09 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करना अशुभ माना जाता है, इसलिए इस समय से बचकर ही महत्वपूर्ण कार्य करें।
ग्रहों की स्थिति
आज चंद्रमा कुंभ राशि में गोचर कर रहा है, जिसका प्रभाव मानसिक और भावनात्मक स्थिति पर पड़ सकता है। वहीं सूर्य मीन राशि में स्थित है, जो आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने का संकेत देता है।

हिंदू मास और संवत
आज विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 चल रहा है। पूर्णिमांत और अमांत दोनों के अनुसार चैत्र मास है। ऋतु वसंत है और अयन उत्तरायण चल रहा है, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है।
तिथि और वार
आज एकादशी तिथि रात्रि 01 बजकर 08 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी प्रारंभ होगी। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना जाता है और एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है।
नक्षत्र, योग और करण
आज धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 04 बजकर 03 मिनट तक रहेगा, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र प्रारंभ होगा। शुभ योग शाम 05 बजकर 16 मिनट तक रहेगा। करण बव दोपहर 01 बजकर 19 मिनट तक रहेगा, इसके बाद बालव करण शुरू होगा।
सूर्य और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 06 बजकर 11 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 06 बजकर 42 मिनट पर। चंद्रमा का उदय सुबह 03 बजकर 15 मिनट पर और अस्त दोपहर 02 बजकर 49 मिनट पर होगा।
शुभ मुहूर्त
आज ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:35 से 05:23 तक रहेगा, जो पूजा और ध्यान के लिए श्रेष्ठ है। अभिजीत मुहूर्त 12:02 से 12:52 तक रहेगा, जो किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। अमृत काल सुबह 05:17 से 06:56 तक और विशेष अमृत काल 07:19 से 08:53 तक रहेगा। विजय मुहूर्त 02:08 से 02:58 तक और गोधूलि मुहूर्त 06:17 से 06:42 तक रहेगा।

अशुभ समय
राहुकाल के अलावा यमगंड 10:53 से 12:27 तक और कुलिक काल 02:01 से 03:35 तक रहेगा। दुर्मुहूर्त 12:52 से 01:42 तक और 03:22 से 04:12 तक रहेगा। वर्ज्य काल रात 11:16 से 12:52 तक रहेगा, इस दौरान शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
दिशाशूल और चंद्र निवास
आज दिशाशूल पश्चिम दिशा में है, इसलिए इस दिशा में यात्रा टालना बेहतर रहेगा। चंद्र निवास दक्षिण दिशा में रहेगा, जिसका ध्यान रखना लाभकारी होगा।

त्योहार और व्रत
आज एकादशी का व्रत रखा जाएगा, जो आध्यात्मिक उन्नति और मन की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

कुल मिलाकर 13 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ और आत्मिक विकास के लिए अनुकूल है। हालांकि राहुकाल और अन्य अशुभ समय को ध्यान में रखते हुए ही महत्वपूर्ण कार्य शुरू करें।

यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। समय और तिथियों में स्थान के अनुसार अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
