आज शुक्रवार, 19 दिसंबर 2025 को पौष मास की अमावस्या तिथि है, जिसे साल की आखिरी अमावस्या भी कहा जा रहा है। हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन स्नान, दान, पितरों के तर्पण और श्राद्ध करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और पितृ दोष से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। माना जाता है कि पौष अमावस्या के दिन किया गया दान कई गुना फल देता है।
पंचांग के अनुसार आज पौष अमावस्या है और इसी दिन तमिलनाडु में तमिल हनुमथ जयंती भी मनाई जाती है। श्रद्धालु इस दिन भगवान हनुमान की विशेष पूजा करते हैं। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्त को देखते हुए यह दिन धार्मिक कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज का नक्षत्र और योग
आज रात 11 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र रहेगा। इसके बाद नक्षत्र परिवर्तन होगा। योग की बात करें तो दोपहर 3 बजकर 47 मिनट तक शूल योग रहेगा, इसके बाद गण्ड योग का आरंभ हो जाएगा। सूर्य देव इस समय धनु राशि में गोचर कर रहे हैं, जबकि चंद्रमा वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा।
पौष अमावस्या की तिथि और सही टाइमिंग
पौष अमावस्या की तिथि 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को सुबह 4 बजकर 59 मिनट से शुरू हो रही है। यह तिथि अगले दिन यानी 20 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 12 मिनट तक रहेगी। ऐसे में स्नान-दान, तर्पण और पितरों के लिए किए जाने वाले धार्मिक कर्म 19 दिसंबर को पूरे दिन और 20 दिसंबर की सुबह अमावस्या काल में किए जा सकते हैं।
आज के शुभ मुहूर्त
आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 19 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। प्रातः सन्ध्या का समय 5 बजकर 47 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक है। अभिजित मुहूर्त 11 बजकर 58 मिनट से 12 बजकर 39 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 2 मिनट से 2 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 25 मिनट से 5 बजकर 53 मिनट तक है। सायाह्न सन्ध्या शाम 5 बजकर 28 मिनट से 6 बजकर 50 मिनट तक रहेगी। अमृत काल दोपहर 1 बजकर 3 मिनट से 2 बजकर 50 मिनट तक है। निशिता मुहूर्त रात 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, जो 20 दिसंबर की मध्यरात्रि में आएगा।
आज के अशुभ मुहूर्त
आज राहुकाल सुबह 11 बजकर 1 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यमगण्ड दोपहर 2 बजकर 53 मिनट से 4 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। आडल योग सुबह 7 बजकर 9 मिनट से रात 10 बजकर 51 मिनट तक माना जा रहा है। ज्वालामुखी योग 20 दिसंबर की सुबह 7 बजकर 12 मिनट से 7 बजकर 9 मिनट तक प्रभावी रहेगा। गुलिक काल सुबह 8 बजकर 26 मिनट से 9 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 9 बजकर 13 मिनट से 9 बजकर 54 मिनट तक और दोपहर 12 बजकर 39 मिनट से 1 बजकर 20 मिनट तक रहेगा। आज पूरे दिन गण्ड मूल का प्रभाव भी माना जा रहा है।
पौष अमावस्या का धार्मिक महत्व
पौष अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य, गरीबों को अन्न, वस्त्र और कंबल दान करने का विशेष महत्व है। इस दिन पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर आने वाले कष्ट दूर होते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अमावस्या पर किए गए शुभ कर्म जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं।

यह लेख धार्मिक मान्यताओं, पंचांग और सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें। Newsbag.in इस जानकारी की पूर्ण सटीकता या परिणामों की जिम्मेदारी नहीं लेता।
