By: Vikash Kumar (vicky)

आज गुरुवार, 2 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के साथ हनुमान जयंती का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना, व्रत और दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि आज के दिन किए गए शुभ कार्यों का कई गुना फल प्राप्त होता है। साथ ही चैत्र पूर्णिमा होने के कारण गंगा स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है।

आज का दिन कई शुभ योगों से भी युक्त है, जिसमें हस्त नक्षत्र, ध्रुव योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। ये सभी योग कार्यों में सफलता और शुभ फल प्रदान करने वाले माने जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ और अशुभ मुहूर्त।

पंचांग विवरण
विक्रम संवत 2083 के सिद्धार्थि नाम संवत्सर और शक संवत 1948 के पराभव संवत्सर के अनुसार आज चैत्र मास का शुक्ल पक्ष है। पूर्णिमा तिथि आज सुबह 7 बजकर 41 मिनट तक रहेगी, इसके बाद वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ हो जाएगी। आज का दिन गुरुवार है और व्रत के रूप में चैत्र पूर्णिमा तथा हनुमान जयंती मनाई जा रही है।

सूर्य और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 39 मिनट पर होगा। चंद्रोदय शाम 7 बजकर 6 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त आज नहीं है।
आज के शुभ मुहूर्त
आज का अभिजित मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 38 मिनट से 5 बजकर 24 मिनट तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और ध्यान के लिए सर्वोत्तम समय होता है। गोधूलि मुहूर्त शाम 6 बजकर 38 मिनट से 7 बजकर 1 मिनट तक रहेगा, इस समय भी पूजा और शुभ कार्य किए जा सकते हैं।

आज के अशुभ मुहूर्त
आज राहुकाल दोपहर 1 बजकर 58 मिनट से 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। यमगण्ड काल सुबह 6 बजकर 10 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक रहेगा और गुलिक काल सुबह 9 बजकर 17 मिनट से 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
हनुमान जयंती का महत्व
हनुमान जयंती के दिन भक्त भगवान हनुमान की विशेष पूजा करते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ, सुंदरकांड का पाठ और व्रत रखने से संकटों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आज के दिन मंदिरों में विशेष आयोजन और भंडारे भी किए जाते हैं।

धार्मिक महत्व और उपाय
चैत्र पूर्णिमा के दिन स्नान और दान का विशेष महत्व है। इस दिन जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र और धन का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही भगवान हनुमान को सिंदूर, चमेली का तेल और लड्डू अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। स्थान और समय के अनुसार इसमें परिवर्तन संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

