By Vikash Kumar ( Vicky )
आज 24 दिसंबर 2025, दिन बुधवार है और यह दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आज विनायक चतुर्थी का पावन संयोग बन रहा है, जो भगवान गणेश को समर्पित माना जाता है। बुधवार का दिन वैसे भी गणेश जी और सूर्य देव की पूजा के लिए श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से बुद्धि, विवेक, व्यापार और नौकरी में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।
आज का पंचांग शुभ और अशुभ दोनों समय की जानकारी देता है, जिससे आप अपने दिन की सही योजना बना सकते हैं। आइए जानते हैं 24 दिसंबर 2025 का पूरा दैनिक पंचांग विस्तार से।

24 दिसंबर 2025 का पंचांग
आज की तिथि विनायक चतुर्थी है, जो विशेष रूप से गणेश उपासना के लिए उत्तम मानी जाती है। इस तिथि पर गणपति बप्पा की पूजा करने से विघ्न-बाधाओं का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। बुधवार होने के कारण आज का दिन शिक्षा, व्यापार और नए कार्य की शुरुआत के लिए भी शुभ संकेत देता है।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति 24 दिसंबर 2025
24 दिसंबर 2025 को सूर्योदय सुबह 07:09 बजे होगा और सूर्यास्त शाम 05:43 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 10:14 बजे तथा चंद्रास्त रात 09:39 बजे निर्धारित है।
आज सूर्य धनु राशि में स्थित रहेंगे, जबकि चंद्रमा शाम 07:46 बजे तक मकर राशि में गोचर करेंगे और इसके बाद कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य और चंद्रमा की यह स्थिति दिन के पहले और दूसरे भाग में अलग-अलग प्रभाव डाल सकती है। ध्यान रहे कि सूर्योदय और सूर्यास्त का समय शहर के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
24 दिसंबर 2025 के शुभ मुहूर्त
आज कुछ खास शुभ समय ऐसे हैं जिनमें पूजा-पाठ, मंत्र जाप और धार्मिक कार्य करना अत्यंत फलदायी माना गया है। आज अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके बावजूद दिन पूरी तरह अशुभ नहीं माना जाएगा।
अमृत काल रात 09:22 बजे से लेकर रात 11:03 बजे तक रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम समय माना जाता है।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:33 बजे से लेकर सुबह 06:21 बजे तक रहेगा। इस समय ध्यान, योग और भगवान गणेश की आराधना करने से विशेष लाभ मिलता है।
राहुकाल और अशुभ समय 24 दिसंबर 2025
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत नहीं करनी चाहिए।
24 दिसंबर 2025 को राहुकाल दोपहर 12:26 बजे से लेकर दोपहर 01:45 बजे तक रहेगा।
यम गण्ड सुबह 08:28 बजे से लेकर सुबह 09:47 बजे तक रहेगा।
कुलिक काल सुबह 11:07 बजे से लेकर दोपहर 12:26 बजे तक माना गया है।
दुर्मुहूर्त दोपहर 12:05 बजे से लेकर दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा।
वर्ज्यम् काल सुबह 11:19 बजे से लेकर दोपहर 01:00 बजे तक रहेगा।
इन अशुभ समयों में शुभ कार्य, निवेश या नई शुरुआत
से बचना लाभकारी माना जाता है।
विनायक चतुर्थी का धार्मिक महत्व
विनायक चतुर्थी भगवान गणेश की विशेष तिथि मानी जाती है। इस दिन गणेश जी को दूर्वा, मोदक और लड्डू अर्पित करने से बुद्धि, धन और सफलता का आशीर्वाद मिलता है। विशेष रूप से विद्यार्थियों और व्यापारियों के लिए यह दिन अत्यंत शुभ माना जाता है।
यह पंचांग धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। किसी भी शुभ या महत्वपूर्ण कार्य से पहले योग्य पंडित या ज्योतिषाचार्य की सलाह अवश्य लें।
