26 जनवरी 2026, सोमवार का दिन धार्मिक, ज्योतिषीय और राष्ट्रीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज एक ओर जहां पूरा देश गणतंत्र दिवस का पर्व मना रहा है, वहीं दूसरी ओर पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। इसी कारण आज गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि मानी जा रही है, जिस पर मां बगलामुखी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज चन्द्रमा मेष राशि में और सूर्य मकर राशि में विराजमान रहेंगे। दिन के पहले भाग में अश्विनी नक्षत्र और बाद में भरणी नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। इन ग्रह-नक्षत्रों के योग से आज का दिन साधना, मंत्र-जप और विशेष पूजा के लिए उपयुक्त माना जा रहा है, हालांकि भद्रा और अन्य अशुभ काल में शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

आज की तिथि और पंचांग विवरण
आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि रात 09:17 बजे तक मान्य रहेगी। इसके पश्चात शुक्ल नवमी तिथि का आरंभ हो जाएगा। धार्मिक दृष्टि से अष्टमी तिथि देवी उपासना के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है, विशेषकर गुप्त नवरात्रि में इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

नक्षत्र की बात करें तो अश्विनी नक्षत्र दोपहर 12:32 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद भरणी नक्षत्र आरंभ होगा। आज साध्य योग सुबह 09:11 बजे तक रहेगा। करण में पहले विष्टि, फिर बव और उसके बाद बालव करण का संयोग बन रहा है।

गुप्त नवरात्रि अष्टमी का महत्व
आज गुप्त नवरात्रि की अष्टमी तिथि है, जो तांत्रिक साधना और विशेष सिद्धि के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस दिन मां बगलामुखी की पूजा करने से शत्रु बाधा, नकारात्मक शक्तियों और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलने की मान्यता है। साधक इस दिन विशेष मंत्रों का जाप और हवन भी करते हैं।

26 जनवरी का राष्ट्रीय महत्व
धार्मिक महत्व के साथ-साथ 26 जनवरी का दिन भारत के इतिहास में भी विशेष स्थान रखता है। इसी दिन वर्ष 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था और देश एक संप्रभु गणराज्य बना। इसलिए आज का दिन राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और कर्तव्य भावना से जुड़ा हुआ माना जाता है।

26 जनवरी 2026 के शुभ मुहूर्त
आज के दिन शुभ कार्यों के लिए निम्न समय अनुकूल माने गए हैं। हालांकि भद्रा और राहुकाल से बचकर ही इन मुहूर्तों का उपयोग करना चाहिए।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:26 से 06:19 तक रहेगा।
प्रातः सन्ध्या सुबह 05:52 से 07:12 तक मानी जाएगी।
अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:12 से 12:55 तक रहेगा।

विजय मुहूर्त दोपहर 02:21 से 03:04 तक रहेगा।
गोधूलि मुहूर्त शाम 05:53 से 06:19 तक रहेगा।
सायाह्न सन्ध्या शाम 05:55 से 07:15 तक रहेगी।

अमृत काल 27 जनवरी की सुबह 06:37 से 08:08 तक रहेगा।
निशिता मुहूर्त 27 जनवरी की रात 12:07 से 01:00 तक रहेगा।

26 जनवरी के अशुभ काल
आज के दिन कुछ समय ऐसे भी हैं, जिनमें शुभ और मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
राहुकाल सुबह 08:33 से 09:53 तक रहेगा।
यमगण्ड सुबह 11:13 से दोपहर 12:34 तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त दोपहर 12:55 से 01:38 तक रहेगा।

गुलिक काल दोपहर 01:54 से 03:15 तक रहेगा।
भद्रा सुबह 07:12 से 10:16 तक प्रभावी रहेगी।
वर्ज्य काल सुबह 08:43 से 10:15 तक और रात 09:35 से 11:05 तक रहेगा।
आज क्या करें और क्या न करें
आज क्या करें और क्या न करेंआज के दिन मां बगलामुखी की पूजा, मंत्र जप, ध्यान और दान-पुण्य करना शुभ माना गया है। सूर्य देव को अर्घ्य देना और राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करना भी फलदायी माना जाता है। भद्रा, राहुकाल और वर्ज्य काल में विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार या वाहन खरीदने जैसे शुभ कार्यों से बचना चाहिए।

