By: Vikash Kumar (Vicky)
आज 29 जनवरी 2026, गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे जया एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और गुरुवार व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। पंचांग के अनुसार आज रोहिणी नक्षत्र, विष्टि करण और इन्द्र योग का संयोग बन रहा है, वहीं कुछ समय के लिए रवि योग भी रहेगा। साथ ही स्वर्ग की भद्रा का प्रभाव सुबह से दोपहर तक रहेगा, इसलिए शुभ कार्यों में समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

जया एकादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जया एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति को भूत, प्रेत और पिशाच जैसी नकारात्मक योनियों से मुक्ति मिलती है। भगवान विष्णु की कृपा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस दिन व्रत रखने वाले जातकों को विशेष फल की प्राप्ति होती है और पापों से छुटकारा मिलता है। जया एकादशी को मोक्षदायिनी एकादशी भी कहा जाता है।
आज की तिथि और योग
आज माघ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि है। नक्षत्र रोहिणी है, जिसे शुभ और स्थिरता देने वाला माना जाता है। योग इन्द्र है, जो मान-सम्मान और सफलता से जुड़ा होता है। करण विष्टि है, जिसे भद्रा कहा जाता है। आज भद्रा का स्वरूप स्वर्ग का माना गया है, यानी इसका प्रभाव अपेक्षाकृत हल्का होता है, फिर भी शुभ कार्य भद्रा काल के बाद करना श्रेष्ठ माना जाता है।

रवि योग का संयोग
आज रवि योग भी बन रहा है, जो लगभग 20 मिनट का है। ज्योतिष के अनुसार रवि योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। इस योग में शुरू किए गए कार्य लंबे समय तक लाभ देते हैं, इसलिए इस समय का सदुपयोग किया जा सकता है।
गुरुवार व्रत और विष्णु पूजा
आज गुरुवार होने के कारण बृहस्पति देव और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि गुरुवार व्रत रखने से विवाह संबंधी बाधाएं दूर होती हैं, धन-धान्य में वृद्धि होती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। आज के दिन केले के वृक्ष की पूजा, पीले वस्त्र धारण करना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत शुभ माना गया है।

आज का राहुकाल
आज राहुकाल का समय दिन में रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। राहुकाल में यात्रा, निवेश या शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं।
दिशाशूल की जानकारी
आज दक्षिण दिशा में दिशाशूल है। पंचांग के अनुसार, इस कारण दक्षिण दिशा की यात्रा करना अशुभ माना जाता है। यदि अत्यंत आवश्यक हो तो दही या गुड़ का सेवन करके यात्रा करने की परंपरा बताई गई है।
आज के शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, भद्रा समाप्त होने के बाद और रवि योग के समय पूजा-पाठ, व्रत उद्यापन, दान-पुण्य और अन्य शुभ कार्य करना लाभकारी रहेगा। विवाह, गृह प्रवेश या बड़े मांगलिक कार्यों के लिए विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

कुल मिलाकर, 29 जनवरी 2026 का दिन जया एकादशी, गुरुवार व्रत और विष्णु पूजा के कारण अत्यंत पुण्यदायी माना जा रहा है। सही समय और मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य बढ़ा सकते हैं।
यह पंचांग और ज्योतिषीय जानकारी सामान्य धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। व्यक्ति विशेष की कुंडली और स्थानीय पंचांग के अनुसार समय और फल में अंतर हो सकता है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
