By: Vikash Mala Mandal
29 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज रविवार के दिन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पड़ रही है, जिसे कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी पापों का नाश होता है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह व्रत विशेष रूप से सुख, समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति के लिए किया जाता है।

आज एकादशी तिथि सुबह 7 बजकर 46 मिनट तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि का प्रारंभ हो जाएगा। ऐसे में जो लोग व्रत रखते हैं, उनके लिए पारण का समय भी महत्वपूर्ण हो जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही समय पर व्रत का पारण करने से ही पूर्ण फल की प्राप्ति होती है।

आज की तिथि और वार का महत्व
आज रविवार होने के साथ-साथ एकादशी का विशेष योग बन रहा है। यह संयोग भगवान विष्णु और सूर्य देव दोनों की कृपा पाने का उत्तम अवसर देता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
नक्षत्र और योग
29 मार्च 2026 को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी अनुकूल मानी जा रही है। आज का नक्षत्र और योग शुभ कार्यों के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं। विवाह, पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्यों के लिए दिन अच्छा माना जा रहा है।

शुभ मुहूर्त
आज के दिन कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें नए कार्य की शुरुआत, खरीदारी और निवेश करना लाभदायक हो सकता है। सुबह का समय विशेष रूप से पूजा-पाठ और ध्यान के लिए उत्तम है।
अशुभ समय
राहुकाल और अन्य अशुभ समय में कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। यह समय नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है।

कामदा एकादशी व्रत का महत्व
कामदा एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इस दिन व्रत रखने वाले लोग सुबह स्नान कर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और दिनभर उपवास रखते हैं।

पूजा विधि और उपाय
इस दिन पीले वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है। तुलसी के पत्ते अर्पित करना विशेष फलदायक होता है। साथ ही, व्रत रखने वाले लोग फलाहार करते हैं और भगवान का ध्याबीबी bna BNNन करते हैं।

आज का सूर्योदय और सूर्यास्त
रविवार के दिन सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। सूर्योदय के समय अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है, जिससे स्वास्थ्य और ऊर्जा में वृद्धि होती है।
यह पंचांग सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। स्थान और समय के अनुसार इसमें बदलाव संभव है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान से पहले विशेषज्ञ या पंडित से सलाह लेना उचित रहेगा।

