मुंबई: हिंदी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के मशहूर एक्टर सतीश शाह का निधन हो गया है। 73 वर्षीय सतीश शाह पिछले कुछ समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। उन्होंने मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे बॉलीवुड और टेलीविजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। सतीश शाह को टीवी सीरियल ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ के इंद्रवदन साराभाई के किरदार से घर-घर में पहचान मिली थी। उनकी कॉमिक टाइमिंग और संवाद अदायगी आज भी दर्शकों के दिलों में बसी हुई है।
लंबे समय से बीमार चल रहे थे सतीश शाह
परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, सतीश शाह पिछले कुछ महीनों से किडनी से जुड़ी गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। उनका लगातार इलाज मुंबई के लीलावती अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की, लेकिन रविवार सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि, “सतीश जी पिछले कुछ दिनों से बहुत कमजोर हो गए थे। दवाइयों का असर कम हो रहा था। आज सुबह उन्होंने सभी को अलविदा कह दिया।”
‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ ने बनाया आइकॉनिक चेहरा
सतीश शाह का नाम सुनते ही लोगों के जेहन में सबसे पहले ‘इंद्रवदन साराभाई’ का चेहरा उभरता है। 2004 में स्टार वन पर शुरू हुआ ये शो आज भी इंडियन टेलीविजन के सबसे पॉपुलर सिटकॉम्स में गिना जाता है। सतीश शाह ने इसमें एक मजाकिया, चुटीले और अपने अंदाज में जिंदादिल पिता का किरदार निभाया था। उनकी केमिस्ट्री रूपाली गांगुली (मोनिशा), रत्ना पाठक शाह (माया साराभाई) और सुमित राघवन (साहिल साराभाई) के साथ लोगों को खूब पसंद आई। 2017 में जब इस शो का दूसरा सीजन आया तो दर्शकों ने फिर से उसी प्यार से सतीश शाह को अपनाया।
फिल्मों में भी किया था शानदार काम
टीवी के अलावा सतीश शाह ने 100 से ज्यादा हिंदी फिल्मों में काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1978 में फिल्म ‘अरविंद देसाई की अजीब दास्तान’ से की थी। इसके बाद वे ‘जाने भी दो यारो’, ‘मैंने प्यार किया’, ‘हम आपके हैं कौन’, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘कल हो ना हो’, ‘ओम शांति ओम’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में नजर आए। सतीश शाह की खासियत थी कि वे कॉमेडी और इमोशनल दोनों किरदारों में समान रूप से दमदार अभिनय करते थे। वे राजश्री प्रोडक्शन की फिल्मों के नियमित चेहरों में से एक रहे।
थिएटर से लेकर सिनेमा तक का लंबा सफर
सतीश शाह ने अपने करियर की शुरुआत थिएटर से की थी। उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की शिक्षा ली और वहां से निकलकर मुंबई आए। थिएटर के दिनों में उन्होंने कई यादगार नाटकों में हिस्सा लिया, जिसने उनकी एक्टिंग स्किल्स को निखारा। उन्होंने अपने करियर में टीवी, फिल्म और वेब सीरीज — तीनों माध्यमों पर बेहतरीन काम किया। उनकी आवाज, हावभाव और टाइमिंग उन्हें हर पीढ़ी के दर्शकों में लोकप्रिय बनाती थी।
बॉलीवुड में छाया शोक, सितारों ने जताया दुख
सतीश शाह के निधन की खबर के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई दिग्गजों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दी।
अभिनेता अनुपम खेर ने लिखा,
“मेरे प्यारे दोस्त सतीश शाह नहीं रहे। उनका जाना मेरे लिए निजी क्षति है। वे एक सच्चे कलाकार और बेहद नेक इंसान थे। उनके साथ बिताए पल हमेशा याद रहेंगे।”
रूपाली गांगुली, जो ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ में उनकी बहू मोनिशा बनी थीं, ने इमोशनल पोस्ट में लिखा,
“इंद्रवदन अंकल, आप हमेशा हमारे साथ हंसते रहेंगे। आपका सेंस ऑफ ह्यूमर और प्यार कभी नहीं भूलेगी।”
फैंस ने कहा – ‘टीवी का सबसे मजाकिया पिता अब नहीं रहा’
सोशल मीडिया पर फैंस सतीश शाह को भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं। ट्विटर (अब एक्स) और इंस्टाग्राम पर #SatishShah ट्रेंड कर रहा है।
एक यूजर ने लिखा –
“टीवी का सबसे प्यारा और मजाकिया पिता अब नहीं रहा। ‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ का हर एपिसोड अब और भी भावुक लगेगा।”
“सतीश शाह ने हमें हंसाया भी और सोचने पर भी मजबूर किया। ऐसे कलाकार बार-बार नहीं मिलते।”
व्यक्तिगत जीवन और परिवार
सतीश शाह का जन्म 25 जून 1951 को मुंबई में हुआ था। वे गुजराती परिवार से ताल्लुक रखते थे। उनकी पत्नी माधवी शाह खुद भी थिएटर आर्टिस्ट हैं। दोनों ने कई सामाजिक कार्यों में भाग लिया और विभिन्न चैरिटी संगठनों से जुड़े रहे।
सतीश शाह हमेशा जमीन से जुड़े इंसान माने जाते थे। उन्हें क्रिकेट और संगीत का शौक था। इंटरव्यू में वे अक्सर कहते थे,
“लोग मुझे हंसी के किरदारों से याद करते हैं, यही मेरी सबसे बड़ी कमाई है।”
आखिरी यात्रा और श्रद्धांजलि सभा
जानकारी के मुताबिक, सतीश शाह का अंतिम संस्कार सोमवार सुबह मुंबई के विले पार्ले श्मशान घाट में किया जाएगा। मंगलवार को उनके घर पर श्रद्धांजलि सभा रखी जाएगी, जिसमें फिल्म और टीवी जगत की कई हस्तियां शामिल होंगी।
एक विरासत जो अमर रहेगी
सतीश शाह सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि हंसी की वो आवाज थे जिसने करोड़ों चेहरों पर मुस्कान लाई। उनकी कॉमेडी, उनका अंदाज़ और उनकी सादगी हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेगी।
‘साराभाई वर्सेज साराभाई’ का वो संवाद अब एक हकीकत बन गया है —
“इंद्रवदन साराभाई चले गए, लेकिन हंसी का साराभाई अब भी हमारे साथ है।”

