By: Vikash Kumar (Vicky)
खूंटी में आदिवासी नेता और अबुआ झारखंड पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष पड़हा राजा सोमा मुंडा की नृशंस हत्या के बाद पूरे झारखंड में आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी आक्रोश के तहत आदिवासी संगठनों द्वारा आहूत झारखंड बंद का असर रामगढ़ जिले के कुजू क्षेत्र में भी साफ तौर पर देखआदिवासी नेता हत्याकांडने को मिला, जहां रामगढ़ जन परिषद के नेतृत्व में लोगों ने कुजू नयामोड़ पर करीब डेढ़ घंटे तक सड़क जाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
आदिवासी नेता हत्याकांड
घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे उस समय घटित हुई जब सोमा मुंडा अपनी पत्नी के साथ घर लौट रहे थे। अचानक मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात अपराधियों ने उनकी मोटरसाइकिल को ओवरटेक करके निशाना बनाया और सिर व सीने पर कई गोलियां बरसाईं। गंभीर रूप से घायल सोमा मुंडा को स्थानीय लोगों ने तुरंत केएस गंगा अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि अपराधी घटना के बाद फरार हो गए और जांच जारी है।
बुधवार को हुए इस विरोध प्रदर्शन के दौरान
प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना था कि सोमा मुंडा की हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन के अधिकार और पारंपरिक नेतृत्व व्यवस्था पर सीधा हमला है। प्रदर्शनकारियों ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक जांच और कड़ी से कड़ी सजा की मांग की।
यातायात ठप, आम जनता को हुई परेशानी
सड़क जाम के कारण कुजू-रामगढ़ मुख्य मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बस, ट्रक, दोपहिया और निजी वाहन जाम में फंसे रहे, जिससे आम लोगों, स्कूली बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को आंशिक रूप से जाने देने की बात कही, फिर भी यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही।

प्रशासन पर उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान आदिवासी संगठनों ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि जब एक प्रमुख आदिवासी नेता की खुलेआम गोली मारकर हत्या की जा सकती है, तो आम आदिवासी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और इसका दायरा पूरे राज्य में फैलाया जाएगा।
पुलिस की मौजूदगी, स्थिति रही तनावपूर्ण
सड़क जाम की सूचना मिलते ही कुजू थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर जाम हटाने की अपील की। काफी समझाइश के बाद करीब डेढ़ घंटे बाद सड़क जाम हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। हालांकि क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
आदिवासी समाज में गहरी नाराजगी
सोमा मुंडा आदिवासी समाज में एक सशक्त और संघर्षशील नेता के रूप में जाने जाते थे। वे जल-जंगल-जमीन के अधिकार, आदिवासी स्वशासन व्यवस्था और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे। उनकी हत्या से आदिवासी समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। इसी कारण झारखंड के कई जिलों में बंद, प्रदर्शन और विरोध सभाओं की खबरें सामने आ रही हैं। आदिवासी संगठनों का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि न्याय और सुरक्षा की मांग को लेकर है। जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

यह समाचार विभिन्न समाचार स्रोतों और स्थानीय जानकारियों के आधार पर संपादित किया गया है। किसी भी आधिकारिक पुष्टि या अद्यतन के लिए संबंधित प्रशासन और पुलिस विभाग की आधिकारिक जानकारी को प्राथमिकता दें।
