By: Vikash Kumar (Vicky)
अहमदाबाद में एयर इंडिया के विमान हादसे को लेकर एक नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार यह दुर्घटना किसी तकनीकी खराबी की वजह से नहीं, बल्कि इंजन के फ्यूल कंट्रोल स्विच को कथित रूप से जानबूझकर बंद करने के कारण हुई। हालांकि, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) की आधिकारिक रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी माना जा रहा है।

मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि प्रारंभिक जांच में विमान के इंजन सिस्टम में कोई बड़ी तकनीकी खराबी सामने नहीं आई। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि इंजन फ्यूल कंट्रोल स्विच की स्थिति हादसे के समय सामान्य नहीं थी। इस दावे ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है और विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या होता है फ्यूल कंट्रोल स्विच?
विमान के इंजन में फ्यूल कंट्रोल स्विच एक अहम घटक होता है। यह इंजन तक ईंधन की आपूर्ति को नियंत्रित करता है। यदि उड़ान के दौरान यह स्विच बंद हो जाए तो इंजन को ईंधन मिलना बंद हो सकता है, जिससे विमान की शक्ति प्रभावित होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्विच को अनजाने में बंद होना बेहद दुर्लभ स्थिति होती है, क्योंकि कॉकपिट में कई सुरक्षा उपाय मौजूद रहते हैं।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि स्विच की स्थिति में बदलाव कैसे हुआ और किन परिस्थितियों में यह कथित रूप से बंद हुआ। जांच एजेंसियां कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) के डेटा का विश्लेषण कर रही हैं।

DGCA की भूमिका अहम
DGCA ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट आने तक किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती। DGCA की जांच में तकनीकी पहलुओं, पायलट की कार्रवाई, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बातचीत जैसे सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी।

एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी एयरक्राफ्ट दुर्घटना की जांच बहु-स्तरीय प्रक्रिया होती है। इसमें तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ मानव कारक (Human Factors) की भी जांच की जाती है। ऐसे मामलों में जल्दबाज़ी में निष्कर्ष निकालना न केवल गलतफहमी पैदा कर सकता है, बल्कि जांच प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकता है।

सोशल मीडिया पर बढ़ी चर्चाएं
रिपोर्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे गंभीर लापरवाही बता रहे हैं, जबकि कुछ विशेषज्ञ आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं। विमानन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि अधूरी जानकारी के आधार पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।

एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
एयर इंडिया की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कंपनी जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है। एयरलाइन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है और कहा है कि आधिकारिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

परिवारों की मांग
हादसे में प्रभावित यात्रियों के परिजनों ने पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। परिवारों ने सरकार और DGCA से जल्द रिपोर्ट जारी करने की अपील की है।

विशेषज्ञों की राय
पूर्व पायलटों और एविएशन विश्लेषकों का कहना है कि आधुनिक विमानों में कई सेफ्टी लेयर होती हैं। यदि फ्यूल कंट्रोल स्विच जैसी कोई महत्वपूर्ण प्रणाली प्रभावित होती है, तो उसके पीछे कई संभावित कारण हो सकते हैं—जिनमें तकनीकी, मानवीय या प्रक्रियागत कारक शामिल हैं। इसलिए विस्तृत जांच के बिना किसी एक कारण को अंतिम मान लेना उचित नहीं है।

अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश को लेकर सामने आई नई रिपोर्ट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, DGCA की आधिकारिक रिपोर्ट से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी। विमान दुर्घटनाओं की जांच जटिल और तकनीकी प्रक्रिया होती है, जिसमें हर पहलू की गहन समीक्षा की जाती है। ऐसे में सभी की निगाहें अब DGCA की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस हादसे की असली वजह साफ करेगी।
