By: Vikash Kumar (Vicky)
एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ्लाइट के साथ बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विमान के टेकऑफ से ठीक पहले रनवे पर उसका आगे का पहिया टूट गया, जिससे विमान को तुरंत रोकना पड़ा। उस समय विमान में कुल 133 यात्री सवार थे। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू मेंबर को कोई चोट नहीं आई।

जानकारी के मुताबिक यह घटना उस समय हुई जब एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट रनवे पर टेकऑफ की तैयारी कर रही थी। विमान ने जैसे ही गति पकड़नी शुरू की, तभी अचानक उसका आगे का पहिया टूट गया। पायलट ने तुरंत स्थिति को संभालते हुए विमान को रनवे पर ही रोक दिया और एयरपोर्ट अथॉरिटी को सूचना दी।

घटना के तुरंत बाद एयरपोर्ट पर मौजूद सुरक्षा और तकनीकी टीम सक्रिय हो गई। विमान को रनवे से सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने यात्रियों को टर्मिनल तक पहुंचाया और उनकी आगे की यात्रा की व्यवस्था की।
एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारियों के अनुसार विमान की नियमित तकनीकी जांच की जाती है और उड़ान से पहले भी सभी जरूरी सुरक्षा मानकों की जांच की गई थी। हालांकि, अचानक पहिया टूटने की वजह क्या रही, इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि विमान के पहिए यानी लैंडिंग गियर किसी भी फ्लाइट के सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक होते हैं। टेकऑफ और लैंडिंग के समय इन पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है। अगर इनमें किसी तरह की तकनीकी खराबी आ जाए तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में समय रहते पायलट की सतर्कता और तकनीकी टीम की तत्परता ने इस संभावित दुर्घटना को टाल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान के रनवे पर रुकते ही एयरपोर्ट पर थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। हालांकि एयरपोर्ट प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कुछ यात्रियों ने बताया कि जैसे ही विमान ने रनवे पर तेजी पकड़ी, तभी अचानक झटका महसूस हुआ। इसके बाद पायलट ने विमान को रोक दिया और घोषणा की कि तकनीकी कारणों से उड़ान को रोकना पड़ा है। यात्रियों को कुछ समय तक विमान के अंदर ही बैठाए रखा गया और फिर एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया।
एयरलाइन की ओर से यात्रियों को आश्वासन दिया गया कि उनकी यात्रा को लेकर पूरी मदद की जाएगी। जिन यात्रियों को आगे की उड़ान लेनी थी, उनके लिए वैकल्पिक फ्लाइट की व्यवस्था की गई।

एविएशन से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं बहुत कम होती हैं क्योंकि विमान के हर हिस्से की कई स्तरों पर जांच की जाती है। फिर भी किसी मशीन में अचानक तकनीकी खराबी आ सकती है। ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका पायलट और ग्राउंड स्टाफ की होती है, जो समय रहते सही निर्णय लेकर बड़ी दुर्घटना को टाल सकते हैं।
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पहिया टूटने के पीछे असली कारण क्या था। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कहा जा सकेगा कि यह घटना किसी तकनीकी खराबी, रखरखाव में कमी या किसी अन्य वजह से हुई।

इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए रनवे संचालन भी प्रभावित हुआ, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई और अन्य उड़ानों का संचालन शुरू कर दिया गया।
फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। समय रहते पायलट की सूझबूझ और एयरपोर्ट टीम की सक्रियता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।

