मुंबई: मंगलवार देर रात एक बड़ी खबर सामने आई जब एयर इंडिया (Air India) की मुंबई से न्यूयॉर्क (AI-119) जाने वाली फ्लाइट को तकनीकी खराबी (technical glitch) के कारण उड़ान के कुछ घंटे बाद ही वापस मुंबई हवाई अड्डे (Mumbai Airport) लौटना पड़ा। विमान में उस समय 300 से अधिक यात्री सवार थे, जिससे सभी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-119 ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन उड़ान के लगभग एक घंटे बाद ही विमान में तकनीकी गड़बड़ी महसूस की गई। पायलट ने एहतियातन निर्णय लेते हुए तुरंत मुंबई लौटने की अनुमति मांगी।
एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से अनुमति मिलने के बाद विमान को सुरक्षित रूप से मुंबई हवाई अड्डे पर उतारा गया। विमान के उतरने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली और एयरलाइन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
क्या थी खराबी का कारण?
सूत्रों के अनुसार, फ्लाइट AI-119 के इंजन में तकनीकी समस्या का संकेत मिला था। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि विमान के हाइड्रोलिक सिस्टम में खराबी आई थी, जिससे सुरक्षा कारणों से फ्लाइट को वापस बुलाना पड़ा। हालांकि, एयर इंडिया की ओर से आधिकारिक बयान में कहा गया कि “विमान में एक मामूली तकनीकी समस्या पाई गई थी, लेकिन पायलट और क्रू ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विमान को सुरक्षित रूप से वापस लैंड कराया।”
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने बताया,
“हमारी मुंबई-न्यूयॉर्क फ्लाइट AI-119 को तकनीकी कारणों से मुंबई लौटना पड़ा। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। यात्रियों को वैकल्पिक फ्लाइट से न्यूयॉर्क भेजने की व्यवस्था की जा रही है।”
प्रवक्ता ने आगे कहा कि एयरलाइन यात्रियों को हर संभव सुविधा दे रही है। यात्रियों को होटल में ठहराने और खाने-पीने की व्यवस्था की गई है ताकि किसी को असुविधा न हो।
विमान में सवार यात्रियों की प्रतिक्रिया
फ्लाइट में सवार कुछ यात्रियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यात्री ने लिखा—
“विमान ने उड़ान भरी ही थी कि पायलट ने घोषणा की कि कुछ तकनीकी समस्या है। शुरू में डर लगा, लेकिन एयर इंडिया की टीम ने बहुत ही प्रोफेशनल तरीके से स्थिति को संभाला।”
दूसरे यात्री ने कहा,
“वापसी के दौरान हमें लगातार अपडेट मिलते रहे और किसी भी तरह का पैनिक नहीं होने दिया गया। सभी सुरक्षित हैं, यह सबसे बड़ी बात है।”
एयर इंडिया ने शुरू की जांच प्रक्रिया
एयर इंडिया ने तकनीकी खराबी के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मेंटेनेंस टीम विमान के हर सिस्टम की जांच कर रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
विमान के इंजन, सेंसर और हाइड्रोलिक सिस्टम की विस्तृत जांच की जा रही है।
हाल के महीनों में कई बार लौटी फ्लाइटें
यह पहली बार नहीं है जब किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को तकनीकी दिक्कत के कारण लौटना पड़ा हो। पिछले कुछ महीनों में भी एयर इंडिया की कई उड़ानें तकनीकी वजहों से प्रभावित हुई हैं।
इसी साल जून में दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली फ्लाइट को वापस लौटना पड़ा था।
अगस्त में भी मुंबई से दुबई जाने वाली फ्लाइट में तकनीकी समस्या आने के बाद देरी हुई थी।
इन घटनाओं के बाद डीजीसीए (DGCA) ने एयरलाइंस को सख्त सुरक्षा जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि – DGCA
इस घटना के बाद नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। DGCA के एक अधिकारी ने कहा,
“सुरक्षा के मामले में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एयरलाइन से विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई है।”
फ्लाइट AI-119 की नई उड़ान व्यवस्था
एयर इंडिया ने कहा है कि प्रभावित यात्रियों के लिए जल्द ही नई फ्लाइट शेड्यूल जारी किया जाएगा। कई यात्रियों को बुधवार सुबह तक के लिए वैकल्पिक उड़ान की जानकारी दी गई है। एयरलाइन ने यात्रियों से सहयोग और धैर्य की अपील की है। कंपनी का कहना है कि सुरक्षा हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और इस कारण यात्रियों को थोड़ी असुविधा झेलनी पड़ी।
एविएशन एक्सपर्ट्स की राय
एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक विमान अत्याधुनिक तकनीक से लैस होते हैं, लेकिन कभी-कभी छोटे सेंसर फेलियर या सिग्नल मिसमैच जैसी दिक्कतें भी तकनीकी खराबी का संकेत दे देती हैं। ऐसे में पायलट को सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तुरंत निर्णय लेना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार,
“पायलट का निर्णय सही था। अगर किसी भी स्तर पर सुरक्षा पर संदेह हो, तो उड़ान जारी रखना जोखिम भरा हो सकता है। विमान को वापस लौटाना ही बेहतर विकल्प था।”
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सुरक्षा ही विमानन उद्योग की पहली प्राथमिकता है। एयर इंडिया की त्वरित कार्रवाई और पायलट की समझदारी के कारण एक संभावित दुर्घटना टल गई। यात्रियों की जान सुरक्षित रहना सबसे बड़ी राहत है।

