By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर, तेजी से बढ़ते डिजिटल युग में साइबर अपराध और ऑनलाइन धोखाधड़ी एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए टेलीकॉम क्षेत्र की अग्रणी कंपनी एयरटेल द्वारा देवघर स्थित आईएएस अकादमी में सोमवार को एक महत्वपूर्ण साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 19 जनवरी 2026 को अकादमी परिसर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

इस जागरूकता सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बढ़ते साइबर अपराधों, ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, ओटीपी ठगी, फर्जी कॉल और डिजिटल धोखाधड़ी के नए तरीकों से अवगत कराना था। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को यह बताया गया कि किस प्रकार छोटी सी लापरवाही उनके बैंक खातों, व्यक्तिगत जानकारी और डिजिटल पहचान को खतरे में डाल सकती है।
सत्र की मुख्य प्रस्तुति एयरटेल की ओर से प्रेरणा रंजन ने दी। उन्होंने साइबर सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को बेहद सरल, सहज और प्रभावी भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन और इंटरनेट जितने उपयोगी हैं, उतने ही संवेदनशील भी हैं। यदि उपयोगकर्ता सतर्क नहीं रहे तो साइबर अपराधी आसानी से उन्हें निशाना बना सकते हैं।
कार्यक्रम में एयरटेल के ZSM दिलीप चौधरी और TSM किशोर कांत की विशेष उपस्थिति रही। दोनों अधिकारियों ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर जागरूकता बेहद आवश्यक हो गई है। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग विशेष रूप से साइबर अपराधियों के निशाने पर रहता है, इसलिए छात्रों को तकनीक के साथ-साथ सुरक्षा के नियमों की भी पूरी जानकारी होनी चाहिए।
सत्र के दौरान वक्ताओं ने साइबर फ्रॉड के नए-नए तरीकों पर विस्तार से प्रकाश डाला। इसमें फर्जी कस्टमर केयर कॉल, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, लिंक के माध्यम से डेटा चोरी, यूपीआई फ्रॉड, ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम और फेक ऐप्स जैसे मामलों पर चर्चा की गई। साथ ही इनसे बचाव के लिए अपनाए जाने वाले उपायों को भी विस्तार से बताया गया।
डिजिटल सुरक्षा और डेटा प्रोटेक्शन पर विशेष जोर देते हुए बताया गया कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और पिन किसी के साथ साझा न करें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और समय-समय पर अपने डिजिटल अकाउंट्स की सुरक्षा सेटिंग्स की जांच करें। इसके अलावा सोशल मीडिया पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
सत्र की खास बात यह रही कि वास्तविक जीवन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से छात्रों को साइबर अपराधों की गंभीरता समझाई गई। इन उदाहरणों ने छात्रों को यह समझने में मदद की कि किस प्रकार छोटी सी चूक बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इससे छात्रों में जागरूकता के साथ-साथ सतर्कता भी बढ़ी।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे। छात्रों ने बैंकिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, ऑनलाइन परीक्षा और डिजिटल पेमेंट से संबंधित अपनी शंकाएं रखीं, जिनका वक्ताओं ने संतोषजनक उत्तर दिया। प्रश्नोत्तर सत्र ने कार्यक्रम को और अधिक संवादात्मक और उपयोगी बना दिया।
अकादमी प्रबंधन ने एयरटेल की इस पहल की सराहना करते हुए इसे छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। प्रबंधन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए साइबर जागरूकता आज के समय में उतनी ही आवश्यक है जितनी शैक्षणिक तैयारी। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों को न केवल सुरक्षित बनाते हैं, बल्कि उन्हें जिम्मेदार डिजिटल नागरिक बनने की दिशा में भी प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी छात्रों ने एयरटेल द्वारा आयोजित इस साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र को ज्ञानवर्धक और समय की आवश्यकता बताया। वहीं एयरटेल की ओर से भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर अपराधों से सुरक्षित रह सकें।
कुल मिलाकर देवघर आईएएस अकादमी में आयोजित यह साइबर सुरक्षा जागरूकता सत्र न केवल छात्रों के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक सकारात्मक और सराहनीय पहल साबित हुआ।

