बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के मद्देनज़र सियासी संग्राम अपने चरम पर है। शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सिवान जिले में एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए लालू प्रसाद यादव और महागठबंधन पर तीखा हमला बोला।
शाह ने मंच से कहा कि “लालू यादव बिहार को फिर उसी पुराने जंगलराज के दौर में ले जाना चाहते हैं। शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को टिकट देकर लालू ने साबित कर दिया कि उन्हें विकास नहीं, अपराध की राजनीति पसंद है।”
अमित शाह का लालू पर सीधा निशाना
अमित शाह ने कहा, “लालू यादव ने रघुनाथपुर सीट से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को खुद टिकट दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि शहाबुद्दीन 20 साल तक A-कैटेगरी का हिस्ट्रीशीटर रहा, जिस पर ट्रिपल मर्डर और SP पर हमले जैसे गंभीर अपराधों के आरोप लगे थे।
शाह ने कहा कि “लालू यादव हमेशा अपराधियों और बाहुबलियों को बढ़ावा देते हैं। बिहार के लोगों को याद है, जब लालू-राबड़ी की सरकार थी तो हर गली में डर और दहशत का माहौल होता था।”
“बिहार में विकास और सुरक्षा NDA की पहचान है”
अमित शाह ने कहा कि आज बिहार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास की गंगा बह रही है। उन्होंने कहा,
“लालू यादव के समय बिहार अंधकार में डूबा था, लेकिन NDA सरकार ने बिहार को विकास, रोजगार और शिक्षा के रास्ते पर आगे बढ़ाया है।”
शाह ने रैली में कहा कि “बिहार अब अपराध नहीं, उद्योग और शिक्षा की बात करता है। लेकिन लालू यादव जैसे नेता चाहते हैं कि फिर से लालटेन युग लौट आए।”
“शहाबुद्दीन का बेटा उम्मीदवार बनाना शर्मनाक”
गृह मंत्री ने अपने भाषण में कहा कि लालू यादव को यह सोचना चाहिए था कि शहाबुद्दीन जैसे अपराधी की विरासत को टिकट देना बिहार की जनता का अपमान है।
उन्होंने कहा कि “शहाबुद्दीन ने न सिर्फ सिवान को बल्कि पूरे बिहार को बदनाम किया था। अब लालू यादव उसी परिवार को सत्ता में लाने की कोशिश कर रहे हैं।”
अमित शाह ने जनता से अपील की कि “जो लोग अपराधियों को संरक्षण देते हैं, उन्हें वोट से जवाब दीजिए।”
“महागठबंधन का चेहरा सिर्फ भ्रष्टाचार”
शाह ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि लालू यादव और तेजस्वी यादव की पार्टी का इतिहास भ्रष्टाचार से भरा है।
“जब लालू यादव की सरकार थी, तब चारा घोटाला हुआ, भर्ती घोटाला हुआ और अब वही लोग फिर सत्ता में लौटने के सपने देख रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि “बिहार की जनता समझदार है और वह उन ताकतों को पहचान चुकी है जो राज्य को पिछड़ा बनाकर रखना चाहती हैं।”
भीड़ से पूछा सवाल
अमित शाह ने भीड़ से सवाल करते हुए कहा, “क्या आप लोग फिर से जंगलराज चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि बिहार फिर अपराधियों के हवाले हो जाए?”
जनता ने एक स्वर में ‘नहीं’ कहा, जिस पर शाह ने कहा कि “आपका यह जवाब ही NDA की जीत का संकेत है।”
नीतीश कुमार के कामों की सराहना
अमित शाह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार में कानून व्यवस्था को मजबूत किया और विकास कार्यों की गति तेज की।
उन्होंने कहा कि “नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी की जोड़ी ने बिहार को नई दिशा दी है। आज गांव-गांव में सड़कें बनी हैं, हर घर में बिजली पहुंची है और शिक्षा का स्तर सुधरा है।”
“लालू का दौर अंधकार का दौर था”
अमित शाह ने कहा कि जब लालू-राबड़ी की सरकार थी, तब बिहार में न तो सड़कें थीं, न बिजली, न रोजगार।
उन्होंने कहा कि “लोग शाम के बाद घरों से निकलने से डरते थे। दुकानों पर शाम छह बजे ताले लग जाते थे। लेकिन NDA ने बिहार को भय से मुक्ति दिलाई।”
“लालू यादव का मकसद सिर्फ परिवारवाद”
शाह ने कहा कि लालू यादव की राजनीति सिर्फ परिवारवाद पर टिकी है।
“उन्हें न गरीबों से मतलब है, न युवाओं से। उन्हें बस अपने बेटे-बहू को कुर्सी पर बैठाना है।”
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी का मकसद हर गरीब तक सुविधा पहुंचाना है, जबकि लालू यादव का मकसद सिर्फ अपनी पार्टी को परिवार तक सीमित रखना है।”
जनता से अपील
अपने भाषण के अंत में अमित शाह ने जनता से अपील की कि “बिहार को फिर से अपराध, भ्रष्टाचार और अराजकता के हवाले मत कीजिए। इस बार फिर NDA सरकार बनाइए, ताकि विकास की रफ्तार बनी रहे और युवाओं को रोजगार मिले।”
अमित शाह का यह भाषण बिहार चुनाव 2025 की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है।
उनके निशाने पर स्पष्ट रूप से लालू यादव और महागठबंधन रहे।
उन्होंने अपराध, भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दों को उठाकर NDA समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश की है।
अब देखना यह होगा कि जनता इस बयान को कितना गंभीरता से लेती है और क्या इसका असर आगामी चुनावी नतीजों पर दिखता है।

