अमृतसर/सरहिंद, 18 अक्टूबर 2025: अमृतसर से बिहार के सहरसा जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस में शनिवार सुबह भीषण आग लग गई। यह हादसा सरहिंद रेलवे स्टेशन के पास हुआ, जिससे ट्रेन के तीन डिब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। आग लगने के बाद ट्रेन में अफरातफरी मच गई, यात्री अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और दरवाजों से कूदने लगे। रेलवे प्रशासन और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई, हालांकि कुछ यात्रियों के घायल होने की खबर है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेन जैसे ही सरहिंद के आउटर की ओर पहुंची, अचानक धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने एक के बाद एक तीन डिब्बों को अपनी चपेट में ले लिया। ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने तुरंत चेन खींचकर ट्रेन को रोका और सहायता के लिए शोर मचाया। स्थानीय लोग और रेलवे कर्मचारी मौके पर पहुंचे और यात्रियों की मदद में जुट गए।
कैसे लगी आग?
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रेलवे सूत्रों के अनुसार, गरीब रथ एक्सप्रेस की एक बोगी में एसी यूनिट से चिंगारी निकली, जो जल्द ही बड़े विस्फोट में बदल गई। हालांकि रेलवे ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
फिलहाल जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है जो आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाएगी।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही फतेहगढ़ साहिब और पटियाला से दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेलवे ट्रैफिक को रोक दिया गया और आसपास के ट्रैक्स को भी अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया।
दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ी संख्या में यात्रियों की जान बचाई जा सकी। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
रेलवे का बयान
उत्तरी रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस (Train No. 12203) की तीन बोगियों को भारी नुकसान पहुंचा है। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और घायलों को नजदीकी सरहिंद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेलवे ने यात्रियों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं ताकि वे अपने परिजनों की स्थिति के बारे में जानकारी ले सकें।
यात्रियों का दर्द
हादसे के समय ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि किसी को कुछ समझ नहीं आया। कई लोग खिड़कियों से कूद गए, जबकि कुछ ने दरवाजे तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की। एक यात्री ने बताया —
“हम अमृतसर से बिहार जा रहे थे, तभी अचानक धुआं फैल गया। कुछ ही मिनटों में सब कुछ जलने लगा। हमने बच्चों को पहले बाहर निकाला।”
ट्रेन सेवा प्रभावित
हादसे के कारण दिल्ली-अमृतसर रेल रूट पर कई ट्रेनों की आवाजाही बाधित हो गई। रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अन्य ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर दिया है।
रेलवे विभाग ने कहा कि मरम्मत और क्लियरेंस कार्य पूरा होने के बाद ही ट्रैक दोबारा शुरू किया जाएगा।
मुआवजे की घोषणा
रेल मंत्री ने हादसे पर दुख जताया है और कहा है कि घायल यात्रियों को 50,000 रुपये का मुआवजा और गंभीर रूप से घायल यात्रियों को 1 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी।
इसके अलावा, मृतकों (यदि पुष्टि होती है) के परिजनों को भी आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्होंने जांच पूरी होने तक रेलवे अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
जांच के आदेश
रेल मंत्रालय ने इस घटना की डीआरएम (Divisional Railway Manager) स्तर पर जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच दल यह पता लगाएगा कि क्या ट्रेन की समय पर मेंटेनेंस हुई थी या नहीं, और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था।
गरीब रथ एक्सप्रेस: परिचय
गरीब रथ एक्सप्रेस भारत की एक सुपरफास्ट ट्रेनों में से एक है, जिसे कम किराए पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए शुरू किया गया था। इसमें अधिकांश बोगियां एसी होती हैं और गरीब व मध्यम वर्ग के यात्रियों के लिए यह यात्रा का सस्ता विकल्प माना जाता है।
अमृतसर से सहरसा जाने वाली यह ट्रेन 1,600 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करती है और पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, और बिहार जैसे राज्यों से होकर गुजरती है।
स्थानीय लोगों की भूमिका
हादसे के वक्त आस-पास के गांवों के लोगों ने भी यात्रियों की मदद की। ग्रामीणों ने आग बुझाने और घायलों को बाहर निकालने में प्रशासन की पूरी मदद की। कई लोगों ने अपने घरों से पानी की बाल्टियाँ और प्राथमिक उपचार सामग्री भी उपलब्ध कराई।
अमृतसर-सहरसा गरीब रथ एक्सप्रेस में लगी आग ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित जांच और मॉनिटरिंग जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।
रेलवे ने दावा किया है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन हादसे का डर और क्षति ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।

