By: Vikash Kumar (Vicky)
चीन में इन दिनों एक अनोखा और चौंकाने वाला मोबाइल ऐप लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐप का नाम है ‘Are You Dead’ यानी ‘क्या आप मर गए हैं?’। नाम जितना अजीब है, इसका काम उससे भी ज्यादा अनोखा है। यह ऐप हर दो दिन में यूजर्स से एक साधारण लेकिन डराने वाला सवाल पूछता है—“Are you dead?”। अगर यूजर समय पर जवाब नहीं देता, तो ऐप इसे एक चेतावनी के रूप में दर्ज करता है।

हैरानी की बात यह है कि यह ऐप चीन का सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला पेड ऐप बन चुका है। लाखों लोग इसे डाउनलोड कर चुके हैं और सोशल मीडिया पर इस पर जमकर चर्चा हो रही है।
क्या है ‘Are You Dead’ ऐप?
‘Are You Dead’ एक मिनिमलिस्ट मोबाइल ऐप है, जिसका इंटरफेस बेहद साधारण है। इसमें न तो गेम है, न चैट और न ही कोई सोशल मीडिया फीचर। ऐप का पूरा मकसद सिर्फ इतना है कि यूजर हर 48 घंटे में यह कन्फर्म करे कि वह जिंदा है।
ऐप यूजर को एक नोटिफिकेशन भेजता है जिसमें सिर्फ एक सवाल होता है—
“Are you dead?”
यूजर को बस Yes, I’m alive जैसे विकल्प पर क्लिक करना होता है। अगर यूजर लगातार कई बार जवाब नहीं देता, तो ऐप इसे लॉग कर लेता है।
अचानक क्यों बढ़ी इस ऐप की लोकप्रियता?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस ऐप की लोकप्रियता के पीछे कई सामाजिक और मानसिक कारण हैं।
1. अकेलेपन की बढ़ती समस्या
चीन में शहरीकरण और तेज़
जीवनशैली के कारण अकेलेपन की समस्या तेजी से बढ़ी है। लाखों लोग अकेले रहते हैं, खासकर बुज़ुर्ग और युवा प्रोफेशनल्स। ऐसे में यह ऐप एक तरह का डिजिटल रिमाइंडर बन गया है कि कोई तो है जो आपकी मौजूदगी को “कन्फर्म” कर रहा है।
2. मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा पहलू
कुछ मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि यह ऐप मेंटल हेल्थ अवेयरनेस से जुड़ा हुआ है। हर दो दिन में खुद से यह सवाल पूछना—“क्या मैं जिंदा हूं?”—लोगों को अपनी जिंदगी, दिनचर्या और मानसिक स्थिति पर सोचने के लिए मजबूर करता है।
3. सोशल मीडिया ट्रेंड
चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इस ऐप के स्क्रीनशॉट्स और रिव्यू वायरल हो गए। लोगों ने मज़ाकिया अंदाज में लिखा—
“कम से कम कोई तो पूछ रहा है कि मैं जिंदा हूं या नहीं।”

क्या यह ऐप सिर्फ मज़ाक है?
ऐप के डेवलपर का कहना है कि इसे मज़ाक के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन धीरे-धीरे लोगों ने इसमें गहरी भावना जोड़ ली। डेवलपर के मुताबिक,
“हम चाहते थे कि लोग अपनी मौजूदगी को हल्के-फुल्के तरीके से दर्ज करें, लेकिन यूजर्स ने इसे भावनात्मक रूप से अपनाया।”
कुछ यूजर्स इसे डिजिटल लाइफ लॉग की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कुछ इसे मानसिक संतुलन बनाए रखने का टूल मानते हैं।
बुज़ुर्गों और अकेले रहने वालों के लिए उपयोगी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ऐप भविष्य में सुरक्षा टूल की तरह भी इस्तेमाल हो सकता है। अगर कोई बुज़ुर्ग व्यक्ति लंबे समय तक ऐप पर प्रतिक्रिया नहीं देता, तो परिवार या केयरगिवर को अलर्ट किया जा सकता है।
हालांकि फिलहाल इस ऐप में ऐसा कोई इमरजेंसी फीचर नहीं है, लेकिन लोग इसकी संभावनाओं पर चर्चा कर रहे हैं।
आलोचना भी कम नहीं
जहां एक तरफ ऐप को लेकर उत्साह है, वहीं दूसरी तरफ इसकी आलोचना भी हो रही है।
• कुछ लोगों का कहना है कि यह ऐप निगेटिव साइकोलॉजी को बढ़ावा देता है।
• हर दो दिन में “क्या आप मर गए?” जैसा सवाल पूछना कुछ यूजर्स के लिए मानसिक दबाव बन सकता है।
• मानसिक अवसाद से जूझ रहे लोगों पर इसका उल्टा असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
चीन में पेड ऐप होते हुए भी नंबर-1 कैसे?
चीन में ज्यादातर यूजर्स फ्री ऐप्स को प्राथमिकता देते हैं, इसके बावजूद ‘Are You Dead’ एक पेड ऐप होते हुए भी टॉप पर पहुंच गया। इसकी कीमत बहुत कम रखी गई है, लेकिन इसका अनोखा कॉन्सेप्ट ही इसकी असली ताकत बन गया।
विशेषज्ञ इसे “कॉन्सेप्ट ड्रिवन ऐप” की सफलता मान रहे हैं, जहां फीचर्स नहीं, बल्कि आइडिया बिकता है।
क्या भारत में भी हो सकता है ऐसा ट्रेंड?
टेक एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत जैसे देशों में भी यह ऐप चर्चा का विषय बन सकता है, खासकर युवाओं और अकेले रहने वाले लोगों के बीच। हालांकि भारतीय यूजर्स मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े ऐप्स को लेकर अभी भी मिश्रित प्रतिक्रिया देते हैं।
डिजिटल दुनिया में एक अजीब लेकिन गहरी सोच
‘Are You Dead’ सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि आज की डिजिटल दुनिया की एक तस्वीर है, जहां लोग भीड़ में होते हुए भी अकेले हैं। यह ऐप भले ही अजीब सवाल पूछता हो, लेकिन शायद यही सवाल लोगों को खुद से जोड़ने का जरिया बन रहा है।

