नई दिल्ली, बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय और प्रिय गायक अरिजीत सिंह ने अचानक प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है, जिससे समूचा संगीत-उद्योग और उनके लाखों फैंस हैरान रह गए हैं। 38 वर्ष की कम उम्र में यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि अरिजीत पिछले लगभग डेढ़ दशक से इंडियन फिल्म म्यूज़िक के सबसे चमकते सितारों में से एक रहे हैं।

मंगलवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए घोषणा की कि वे अब कोई नया प्लेबैक असाइनमेंट नहीं लेंगे और इस दौर को उन्होंने “एक शानदार यात्रा” बताया।

उनके इस ऐलान ने फैंस के दिल तोड़े हैं, लेकिन साथ ही संगीत प्रेमियों के मन में यह बड़ा सवाल उठाता है — आखिर क्यों अरिजीत सिंह ने इतनी ऊँचाई पर पहुंचने के बाद सिनेमा के लिए गाना छोड़ने का निर्णय लिया? इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे उनकी सोच, कारण और आगे की यात्रा को।
एक युग का अंत, पर संगीत जारी
अरिजीत सिंह ने अपने पोस्ट में लिखा, “हैप्पी न्यू ईयर टू ऑल। मैं आप सभी का धन्यवाद करना चाहता हूं कि आपने मुझे इतने वर्षों तक इतना प्यार दिया। मैं यह घोषणा करते हुए खुश हूं कि अब से मैं प्लेबैक वोकलिस्ट के रूप में कोई नया असाइनमेंट नहीं लूंगा। मैं इसे यहीं समाप्त कर रहा हूं। यह एक शानदार यात्रा रही।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह संगीत छोड़ने जैसा नहीं है, बल्कि सिर्फ फिल्मी गानों (प्लेबैक सिंगिंग) से अलग होने का निर्णय है। वे भविष्य में स्वतंत्र संगीत, स्वयं का संगीत निर्माण, और नए अनुभवों को अपनाने पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
घोषणा के बाद का सोशल मीडिया रिएक्शन
अरिजीत के ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस और संगीत समुदाय ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है। कुछ फैंस तो बेहद निराश हैं, तो कुछ ने उनके निर्णय की सराहना भी की है। नामी गायिका सोनमोहपात्रा ने भी अपने बयान में कहा कि बॉलीवुड संगीत उद्योग गायकों की आवाज़ को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करता है, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक ऊर्जा प्रभावित होती है।

कुछ इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार अरिजीत सिंह की आवाज़ हर बड़े गाने में इस्तेमाल होने के कारण उन्हें अक्सर रिपीटेड और एक ही तरह की शैली में बंधा हुआ महसूस हुआ — और यही चीज़ संभवतः उन्होंने बदलने का निर्णय लिया।
क्यों लिया संन्यास? अब खुद बताया कारण
हाल ही में अरिजीत ने अपने निजी एक्स (X) अकाउंट पर जो खुलासा किया है, उसके अनुसार उनके संन्यास लेने के कई कारण हैं — और यह सिर्फ एक साधारण फैसला नहीं है:

1. रचनात्मक ऊब (Creative Boredom)
अरिजीत ने लिखा कि वे खुद बहुत जल्दी ऊब जाते हैं और एक ही तरह के संगीत को बार-बार करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। वे चाहते हैं कि अपने संगीत में नयापन और विविधता आए।
2. नई प्रतिभाओं को मौका देना
अरिजीत ने उल्लेख किया कि वे नए गायकों को देखना चाहते हैं, जो अपनी आवाज़ और कला से उन्हें प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि शायद अब नई पीढ़ी का संगीत सुना जाए — और उसी से उन्हें फिर से प्रेरणा मिले।

3. भारतीय शास्त्रीय संगीत की ओर वापसी
अरिजीत ने यह भी कहा कि वे भारतीय शास्त्रीय संगीत की ओर वापस जाना चाहते हैं और मूल संगीत कौशल को फिर से सीखना चाहते हैं। यह निर्णय उनके विस्तारवादी मन और संगीत के प्रति गहरी लगन का संकेत है।
संन्यास का मतलब क्या है?
यह महत्वपूर्ण है कि अरिजीत सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे संगीत पूरी तरह से नहीं छोड़ रहे हैं। उनका संन्यास केवल फिल्मी गाने (प्लेबैक सिंगिंग) से है, न कि संगीत की दुनिया से। वे आगे भी संगीत बनाएँगे, पर वह स्वतंत्र, निजी परियोजनाएँ होंगी, न कि फिल्मी दुनिया के भार में बंधी हुई।

इसका मतलब यह भी है कि वे लाइव कॉन्सर्ट्स, व्यक्तिगत रचनाएँ, और संगीत के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय रह सकते हैं। कई संगीतप्रेमियों का मानना है कि इससे भारतीय म्यूज़िक इंडस्ट्री में नए कलाकारों को मौका मिलेगा और विविधतापूर्ण आवाज़ें उभरेंगी।
फैंस का भावुक असर
अरिजीत सिंह के निर्णय के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएँ भावनात्मक और विविध रही हैं। एक तरफ फैंस ने उन्हें कृतज्ञ भाव से धन्यवाद कहा है, तो दूसरी तरफ कई लोगों ने उनके जाने पर अफ़सोस जताया है और पूछा है कि बॉलीवुड म्यूज़िक अब कैसे चलेगा।

कुछ फैंस यह भी मान रहे हैं कि अरिजीत की आवाज़ अब भी फिल्मों में सुनी जा सकती है अगर उन्होंने पहले से रिकॉर्ड किए गए गानों को रिलीज़ होना दिया, क्योंकि वे कुछ परियोजनाओं को पहले ही पूरा कर चुके हैं।

अरिजीत सिंह का फैसला न केवल उनके व्यक्तिगत संगीत सफर के लिए एक नया अध्याय है, बल्कि यह बॉलीवुड की संगीत दुनिया के लिए भी एक बड़ा मोड़ है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले रहे हैं, लेकिन संगीत से उनका नाता टूटा नहीं है — बल्कि यह निर्णय उन्हें नए उत्साह, सीख और स्वतंत्रता की ओर ले जाएगा।
