By: Vikash Kumar (Vicky)
नई दिल्ली। दिल्ली की कथित शराब नीति मामले में अदालत से बड़ी राहत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए। अदालत द्वारा उन्हें बरी किए जाने के बाद उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पूरा मामला फर्जी और राजनीति से प्रेरित था। उन्होंने इसे ‘सच की जीत’ करार देते हुए कहा कि उन्हें झूठे केस में फंसाया गया था।

अदालत के फैसले के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केजरीवाल ने कहा कि पिछले कई महीनों से उनके परिवार और समर्थकों को मानसिक और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा ईमानदारी की राजनीति की है। आज अदालत ने साबित कर दिया कि सच परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं हो सकता।”
क्या था पूरा मामला?
दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच शुरू की थी। आरोप था कि नीति तैयार करने और लागू करने में अनियमितताएं हुईं और कुछ निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया। जांच एजेंसियों का दावा था कि इस नीति के जरिए कथित रूप से घोटाला हुआ।

हालांकि अदालत में सुनवाई के दौरान पर्याप्त साक्ष्य पेश न किए जाने और आरोपों की पुष्टि न होने पर अरविंद केजरीवाल को राहत मिली। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में असफल रहा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय की जीत बताया। पार्टी मुख्यालय के बाहर समर्थकों ने जश्न मनाया। कई नेताओं ने कहा कि यह फैसला उन लोगों के लिए जवाब है जो राजनीतिक द्वेष के चलते झूठे आरोप लगाते रहे।
वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ नेताओं ने कहा कि अदालत का फैसला स्वागतयोग्य है, लेकिन जांच एजेंसियों को अपना काम करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।

भावुक हुए केजरीवाल
फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सच्चाई की लड़ाई थी। उन्होंने अपने परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और दिल्ली की जनता का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनके विश्वास ने उन्हें मजबूत बनाए रखा।
उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं गलत होता तो आज अदालत से राहत नहीं मिलती। मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और आज वही भरोसा सही साबित हुआ।”

राजनीतिक असर क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर असर पड़ सकता है। आम आदमी पार्टी इसे आगामी चुनावों में मुद्दा बना सकती है। पार्टी का कहना है कि यह मामला शुरुआत से ही राजनीतिक साजिश का हिस्सा था।
दिल्ली की राजनीति में शराब नीति विवाद लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। इस केस ने राष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी थीं। अब अदालत के फैसले के बाद सियासी माहौल और गरमा सकता है।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। समर्थकों ने इसे न्याय की जीत बताया, जबकि आलोचकों ने कहा कि कानूनी प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। ट्विटर, फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर #SachKiJeet और #KejriwalAcquitted जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।

न्यायपालिका पर भरोसा जताया
केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि देश की न्यायपालिका लोकतंत्र की सबसे मजबूत स्तंभ है। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से विश्वास था कि अदालत में सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने कहा, “राजनीतिक लड़ाई राजनीति के मैदान में होनी चाहिए, अदालतों में नहीं।”
आगे की रणनीति
अब सबकी नजर इस बात पर है कि आम आदमी पार्टी आगे क्या रणनीति अपनाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी इस फैसले को अपनी साख मजबूत करने के लिए इस्तेमाल करेगी।
कुल मिलाकर, शराब नीति मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताया है। आने वाले दिनों में इस फैसले के राजनीतिक मायने और स्पष्ट होंगे।

