By: Vikash Kumar (Vicky)
Ashtami And Navami 2026 Date: चैत्र नवरात्रि 2026 को लेकर इस बार भक्तों के बीच अष्टमी और नवमी की तारीख को लेकर काफी भ्रम बना हुआ है। हर साल की तरह इस बार भी लोग यह जानना चाहते हैं कि कन्या पूजन, हवन और राम नवमी की पूजा किस दिन करनी चाहिए। कई पंचांगों और ज्योतिष गणनाओं के अनुसार इस वर्ष अष्टमी और नवमी की तिथि एक ही दिन पड़ रही है, जिसके कारण लोगों के बीच असमंजस की स्थिति बन गई है। अगर आप भी सोच रहे हैं कि अष्टमी और नवमी कब मनाएं, तो यहां जानिए सही तारीख,
तिथि का समय और पूजा का शुभ मुहूर्त।

चैत्र नवरात्रि में अष्टमी और नवमी का महत्व
हिंदू धर्म में नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। इन दोनों दिनों मां दुर्गा के विशेष रूपों की पूजा की जाती है। अष्टमी के दिन महागौरी और नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान बताया गया है। कई लोग अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन करके नवरात्रि व्रत का पारण करते हैं। इसलिए इन तिथियों का सही दिन जानना जरूरी हो जाता है।

क्या 2026 में अष्टमी और नवमी एक ही दिन है
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी एक ही दिन पड़ रही है। 26 मार्च 2026 को अष्टमी तिथि सुबह 11 बजकर 47 मिनट तक रहेगी और इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी। इसी कारण ज्यादातर विद्वान 26 मार्च को ही अष्टमी और नवमी दोनों का पूजन करना उचित मान रहे हैं। क्योंकि राम नवमी की पूजा मध्याह्न काल में की जाती है, इसलिए 26 मार्च को ही नवमी का मुख्य पर्व मनाया जाएगा।

अष्टमी 2026 की सही तारीख और शुभ मुहूर्त
ज्योतिष गणना के अनुसार चैत्र नवरात्रि की अष्टमी 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन अष्टमी पूजा का शुभ समय सुबह 06 बजकर 16 मिनट से 07 बजकर 48 मिनट तक बताया जा रहा है। इस समय मां दुर्गा की पूजा, हवन और कन्या पूजन करना शुभ माना गया है।

नवमी 2026 की सही तारीख और पूजा का समय
नवमी तिथि 26 मार्च 2026 को अष्टमी समाप्त होने के बाद शुरू हो जाएगी और 27 मार्च 2026 की सुबह लगभग 10 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। राम नवमी की पूजा का मुख्य समय मध्याह्न काल में होता है, इसलिए 26 मार्च 2026 को सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 41 मिनट तक का समय पूजा के लिए शुभ माना गया है। मध्याह्न का विशेष क्षण दोपहर 12 बजकर 27 मिनट के आसपास बताया गया है।

27 मार्च को नवमी मनाने वालों के लिए क्या है मुहूर्त
कुछ लोग उदया तिथि के अनुसार पर्व मनाते हैं, इसलिए वे 27 मार्च 2026 को राम नवमी मनाएंगे। ऐसे लोगों के लिए भी पूजा का शुभ समय सुबह 11 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। हालांकि ज्योतिषाचार्यों की राय में 26 मार्च को ही अष्टमी और नवमी का मुख्य पर्व मनाना अधिक उचित माना जा रहा है।

कन्या पूजन कब करना सही रहेगा
ज्यादातर विद्वानों के अनुसार 26 मार्च 2026 को अष्टमी और नवमी दोनों का संयोग होने के कारण इसी दिन कन्या पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। इस दिन मां दुर्गा की पूजा करने से विशेष फल मिलता है और नवरात्रि व्रत का समापन भी शुभ माना जाता है।
यह जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। अलग-अलग पंचांग और स्थान के अनुसार तिथि और मुहूर्त में परिवर्तन हो सकता है। किसी भी धार्मिक कार्य से पहले अपने स्थानीय पंडित या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

