By: Vikash, Mala Mandal
लंबी कतारें, पानी और छाया की कमी—घंटों इंतजार के बाद श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन
देवघर:वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे। हालांकि अत्यधिक भीड़ और बढ़ती गर्मी के कारण श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगनी शुरू हो गई थी। स्थिति यह रही कि सामान्य दर्शन की कतार संस्कार भवन से होते हुए फुट ओवर ब्रिज मानसरोवर तक पहुंच गई। वहीं, शीघ्र दर्शन (VIP/शीघ्र दर्शनाम) की कतार भी सुबह 6:00 बजे से लेकर दोपहर 2:00 बजे तक मंदिर प्रांगण तक बनी रही।
भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह अनुभव काफी कठिन रहा। तेज धूप के कारण मंदिर परिसर का पत्थर भी गर्म हो गया था, जिससे कतार में खड़े लोगों को पैरों में जलन और असहजता महसूस हो रही थी।

गर्मी और भीड़ से श्रद्धालु परेशान
श्रद्धालु सूरज सिंह, जो विंध्याचल से आए थे, ने बताया कि वे पिछले चार घंटे से शीघ्र दर्शन की कतार में खड़े थे। उन्होंने कहा,
“जब तक हम मंदिर प्रांगण में पहुंचे, तब तक पत्थर इतना गर्म हो चुका था कि खड़ा रहना मुश्किल हो रहा था। भीड़ लगातार बढ़ रही थी और कतार लंबी होती जा रही थी। मंदिर प्रबंधन को इस गर्मी में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए।”

इसी तरह मधेपुरा (बिहार) से आए मनोज यादव ने कहा कि गर्मी अभी पूरी तरह शुरू भी नहीं हुई है और हालात इतने खराब हैं। उन्होंने बताया,
“हम लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। मंदिर के अंदर पानी की व्यवस्था तो है, लेकिन कतार छोड़कर जाने पर फिर से लाइन में लगना पड़ता है। इसलिए मजबूरी में बाहर से पानी खरीदना पड़ रहा है।”
बुजुर्गों और महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था की मांग
श्रद्धालु सुरेश यादव, जो गोड्डा से आए थे, ने कहा कि कतार में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी खड़े रहते हैं, लेकिन उनके लिए अलग से कोई सुविधा नहीं है।
“ऐसी स्थिति में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए ताकि उन्हें राहत मिल सके। लोग भूखे-प्यासे घंटों लाइन में खड़े रहते हैं और व्यवस्था संतोषजनक नहीं है,” उन्होंने कहा।

देवरिया से आए श्रद्धालु अश्वनी तिवारी ने भी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाओं में सुधार नहीं हो रहा है।
“पेयजल, शौचालय और धूप से बचाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। अगर शीघ्र दर्शन के लिए अधिक शुल्क लिया जा रहा है तो सुविधाएं भी उसी स्तर की होनी चाहिए,” उन्होंने कहा।
दुकानदारों की चांदी, श्रद्धालुओं की मजबूरी
भीषण गर्मी के बीच कतार में खड़े श्रद्धालुओं की प्यास बुझाने के लिए आसपास के दुकानदार पानी बेचते नजर आए। हालांकि यह श्रद्धालुओं की मजबूरी बन गई, क्योंकि कतार छोड़ने पर उन्हें फिर से लंबी लाइन में लगना पड़ता।
इस स्थिति में कई श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि कतार में ही पानी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को अतिरिक्त खर्च न करना पड़े और उन्हें राहत मिल सके।

प्रशासन और मंदिर प्रबंधन पर उठे सवाल
बढ़ती भीड़ के बीच मंदिर प्रबंधन की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि हर वर्ष वैशाख और सावन जैसे महीनों में भीड़ बढ़ती है, फिर भी पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की भीड़ को देखते हुए छाया के लिए शेड, ठंडे पानी की व्यवस्था, मेडिकल सहायता और कतार प्रबंधन को और बेहतर करने की जरूरत है।

क्या हो सकते हैं समाधान
कतार में शेड और पंखों की व्यवस्था
हर 20-30 मीटर पर पेयजल की सुविधा
बुजुर्ग, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए अलग लाइन
मेडिकल टीम और प्राथमिक उपचार केंद्र
भीड़ नियंत्रण के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम

अगर इन व्यवस्थाओं को लागू किया जाए, तो श्रद्धालुओं को काफी राहत मिल सकती है और उनकी आस्था का अनुभव सुखद बन सकता है।

