By: Vikash Mala Mandal
देवघर। श्रावणी और अन्य धार्मिक अवसरों के बीच देवघर स्थित बाबा मंदिर के आसपास एक बार फिर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आ रही है। रविवार सुबह से ही मंदिर के मुख्य मार्गों पर जाम जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि पंडित शिवराम झा चौक से लेकर शिवगंगा तक, मानसरोवर, लक्ष्मीपुर चौक, जलसार रोड समेत कई प्रमुख रास्तों पर यातायात अव्यवस्थित हो गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इन इलाकों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, लेकिन कहीं भी यातायात पुलिस की तैनाती नजर नहीं आई। नतीजतन, लोग खुद ही किसी तरह रास्ता बनाकर आने-जाने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को भी घंटों जाम में फंसे रहना पड़ा।

इस अव्यवस्था का सबसे बड़ा कारण शिवगंगा से बम-बम बाबा मार्ग तक चल रहा पुल निर्माण कार्य बताया जा रहा है। निर्माण कार्य के चलते इस महत्वपूर्ण मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे सभी वाहनों और श्रद्धालुओं को एक ही वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी कारण एक ही रास्ते पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया है और जाम की स्थिति लगातार बनी हुई है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि हर दिन हजारों श्रद्धालु बाबा मंदिर पहुंचते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था को लेकर कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है। “जब भी भीड़ बढ़ती है, पूरा इलाका जाम में तब्दील हो जाता है। पुलिस की अनुपस्थिति से स्थिति और भी खराब हो जाती है,” एक दुकानदार ने बताया।

श्रद्धालुओं ने भी अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि वे दूर-दराज से बाबा के दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन घंटों जाम में फंसने के कारण उनकी पूरी यात्रा प्रभावित हो जाती है। कई श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो समय पर पूजा-अर्चना नहीं कर पाते और उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
वहीं, स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस जाम के कारण उनके दैनिक जीवन पर भी गहरा असर पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े लोग भी इस अव्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन की ओर से अब तक इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही यातायात पुलिस की पर्याप्त तैनाती नहीं की गई और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था नहीं बनाई गई, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रशासन को तुरंत प्रभाव से ट्रैफिक डायवर्जन प्लान लागू करना चाहिए, प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती करनी चाहिए और निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी रास्तों की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को राहत मिल सके।

देवघर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थल पर इस तरह की अव्यवस्था न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि इससे शहर की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ऐसे में जरूरत है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल करे, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन का अवसर मिल सके।

