आजकल युवाओं में हाई बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL का बढ़ना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। पहले जहां यह समस्या बढ़ती उम्र के लोगों में देखी जाती थी, वहीं अब 20 से 35 वर्ष की उम्र में ही कोलेस्ट्रॉल असंतुलन तेजी से बढ़ रहा है। यह दिल की धमनियों में चर्बी जमने का कारण बनता है और हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हाई बीपी जैसे खतरों का जोखिम बढ़ा देता है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलती लाइफस्टाइल, फास्ट फूड, देर रात सोना, तनाव और शारीरिक गतिविधि की कमी इसके मुख्य कारण बन गए हैं। आइए जानते हैं युवाओं में बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ने के कारण, इसके खतरों और इसे नियंत्रित करने के प्रभावी तरीकों के बारे में विस्तार से।

युवाओं में बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से बढ़ने के मुख्य कारण
आज की युवा पीढ़ी का खान-पान और जीवनशैली काफी हद तक अनियमित हो चुका है। फास्ट फूड, तला हुआ भोजन, पैकेज्ड स्नैक्स और शुगर ड्रिंक्स का अधिक सेवन सीधे तौर पर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है। ज्यादातर युवा दिनभर लैपटॉप-मोबाइल पर बैठे रहते हैं, जिससे शारीरिक गतिविधि लगभग खत्म हो चुकी है। इसी तरह नींद की कमी और लगातार तनाव भी शरीर में हार्मोनल असंतुलन पैदा करता है, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है। कई युवा धूम्रपान, शराब और जंक फूड को लाइफस्टाइल का हिस्सा बना चुके हैं, और ये सभी आदतें धमनियों को कमजोर करके दिल पर दबाव बढ़ाती हैं।
बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से शरीर पर क्या असर पड़ता है
जब LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, तो यह धीरे-धीरे रक्त वाहिकाओं में जमा होकर प्लाक बनाता है। यह प्लाक धमनियों को संकीर्ण कर देता है, और इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस कहा जाता है। इससे दिल तक रक्त का सही प्रवाह प्रभावित होता है और हार्ट अटैक व स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल ब्लड प्रेशर को भी असंतुलित कर देता है, जिससे दिल को पंप करने में अधिक ऊर्जा लगती है। युवाओं में अचानक हार्ट अटैक के मामलों में सबसे बड़ा कारण अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल लेवल ही माना जा रहा है।
कैसे कंट्रोल करें बढ़ा हुआ बैड कोलेस्ट्रॉल
युवाओं के लिए पहला कदम अपने आहार में सुधार करना है। तला-भुना, जंक फूड, मिठाइयां, पनीर, लाल मांस और रेडी-टू-ईट फूड कम करने से कोलेस्ट्रॉल तेजी से नियंत्रण में आता है। इसकी जगह सब्जियां, फल, ओट्स, दलिया, दही, दालें और बादाम, अखरोट जैसे हेल्दी फैट वाली चीजें शामिल करें। रोजाना कम से कम 30 मिनट चलना, जॉगिंग या किसी भी शारीरिक गतिविधि को अपनाना बेहद जरूरी है। तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान और पर्याप्त नींद बेहद प्रभावी माने जाते हैं। धूम्रपान और शराब पूरी तरह छोड़ने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये धमनियों को नुकसान पहुंचाकर कोलेस्ट्रॉल और अधिक बढ़ा देते हैं। जिन्हें फैमिली हिस्ट्री है, उन्हें नियमित रूप से लिपिड प्रोफाइल टेस्ट कराकर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
युवाओं को कब सतर्क हो जाना चाहिए
लगातार थकान, सांस फूलना, सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत, सीने में हल्का दर्द, चक्कर या शरीर में भारीपन महसूस होना संकेत हो सकता है कि कोलेस्ट्रॉल स्तर बढ़ रहा है। ऐसे में तुरंत जांच कराना जरूरी है। कई बार बिना लक्षण के भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, इसलिए साल में एक बार जांच कराना युवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
हार्ट अटैक के खतरे को कैसे कम करें
स्वस्थ जीवनशैली सबसे बड़ा उपाय है। संतुलित आहार, एक्सरसाइज, तनाव नियंत्रण, नींद और बुरी आदतों से दूरी बनाकर ही दिल को मजबूत रखा जा सकता है। शरीर में HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने की कोशिश भी जरूरी है, जो धमनियों में जमी गंदगी को साफ करने का काम करता है। इसके लिए अंडे की सफेदी, मछली, अंकुरित अनाज और नैचुरल फाइबर वाली चीजों का सेवन बहुत लाभकारी होता है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, दवा या उपचार संबंधी निर्णय चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह के बिना न लें। हर व्यक्ति के शरीर की आवश्यकताएँ अलग होती हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह सबसे महत्वपूर्ण है।

