By: Vikash Kumar (Vicky)
नेपाल की राजनीति में इस समय एक नया नाम तेजी से चर्चा में है—बालेन शाह। कभी रैपर और इंजीनियर के रूप में पहचान बनाने वाले 35 वर्षीय बालेन शाह अब देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाले नेता के रूप में उभरे हैं। हालिया राजनीतिक घटनाक्रम में उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिससे नेपाल की सत्ता की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है।

नेपाल की राजनीति लंबे समय से पारंपरिक दलों के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार युवाओं की नई सोच और बदलाव की मांग ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। बालेन शाह इसी बदलाव का चेहरा बनकर सामने आए हैं।
बालेन शाह का पूरा नाम बालेन्द्र शाह है। उनका जन्म नेपाल की राजधानी काठमांडू में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पेशे से सिविल इंजीनियर रहे। हालांकि युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता रैपर के रूप में ज्यादा रही। उन्होंने अपने रैप गीतों के जरिए नेपाल की राजनीति, भ्रष्टाचार और सामाजिक समस्याओं पर खुलकर आवाज उठाई।

बालेन शाह के गाने युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हुए और धीरे-धीरे उन्होंने एक अलग पहचान बना ली। उनके गीतों में व्यवस्था के खिलाफ गुस्सा और बदलाव की मांग साफ दिखाई देती थी। यही वजह रही कि जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा तो युवाओं ने उन्हें तेजी से समर्थन देना शुरू कर दिया।
नेपाल की राजनीति में उनका असली उभार तब हुआ जब उन्होंने काठमांडू के मेयर पद का चुनाव लड़ा। बिना किसी बड़े राजनीतिक दल के समर्थन के उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और सभी को चौंकाते हुए जीत हासिल कर ली। उनकी जीत को नेपाल की राजनीति में बड़ा बदलाव माना गया।

मेयर बनने के बाद बालेन शाह ने प्रशासनिक व्यवस्था में कई सुधार करने की कोशिश की। उन्होंने अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की, शहर के विकास से जुड़े कई फैसले लिए और पारदर्शिता पर जोर दिया। उनके काम करने के तरीके ने युवाओं और आम लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता को और बढ़ा दिया।
इसी लोकप्रियता का असर अब राष्ट्रीय राजनीति में भी दिखाई दे रहा है। हाल ही में हुए चुनाव में उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन ने नेपाल की पारंपरिक राजनीति को हिला कर रख दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह का उभार नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी के प्रवेश का संकेत है। लंबे समय से नेपाल की सत्ता पर काबिज पारंपरिक दलों के खिलाफ लोगों में नाराजगी रही है। ऐसे में बालेन शाह जैसे युवा नेता लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आए हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर गठबंधन की राजनीति में समीकरण उनके पक्ष में बनते हैं, तो बालेन शाह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में भी मजबूत दावेदार बन सकते हैं। हालांकि नेपाल की राजनीति में गठबंधन अक्सर बदलते रहते हैं, इसलिए अंतिम फैसला राजनीतिक समझौतों पर निर्भर करेगा।

बालेन शाह की राजनीति की खास बात यह है कि वह खुद को पारंपरिक राजनीति से अलग बताते हैं। वह युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, भ्रष्टाचार खत्म करने और प्रशासन को ज्यादा पारदर्शी बनाने की बात करते हैं। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी उनकी बड़ी फॉलोइंग है।
युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके चुनाव प्रचार में बड़ी संख्या में युवा स्वेच्छा से शामिल हुए। कई लोगों ने उन्हें नेपाल की राजनीति में ‘परिवर्तन का प्रतीक’ बताया।

हालांकि उनके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। नेपाल की राजनीति जटिल गठबंधन समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन से प्रभावित रहती है। ऐसे में बालेन शाह के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्थायी राजनीतिक ताकत बनना आसान नहीं होगा।
फिर भी यह साफ है कि बालेन शाह ने नेपाल की राजनीति में नई बहस शुरू कर दी है। रैपर से राजनीति के बड़े चेहरे बनने तक का उनका सफर युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण बन गया है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बालेन शाह वास्तव में नेपाल की सत्ता के शीर्ष तक पहुंच पाते हैं या फिर उनका यह उभार सिर्फ राजनीतिक बदलाव की शुरुआत बनकर रह जाता है। फिलहाल इतना तय है कि नेपाल की राजनीति में बालेन शाह का नाम अब लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।

